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शिक्षा म्ह म्हारी न्यारी पहचाण, खेलां म्ह देश की शान
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सोनीपत में सूफी संत ख्वाजा खिजर की याद में तैयार किया गया मकबरा। संवाद
- फोटो : Sonipat
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रविंद्र कौशिक
शिक्षा के साथ ही सोनीपत ने खेलों में अपनी न्यारी पहचाण बनाते हुए बुलंदी को छुआ है। शिक्षा का हब बन चुके सोनीपत में नौ विश्वविद्यालय स्थापित हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की निफ्टम यूनिवर्सिटी से लेकर राजीव गांधी एजुकेशन सिटी भी शामिल हैं। खानपुर का मेडिकल कॉलेज आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। इसके साथ ही खेलों में सोनीपत विश्व पटल पर अलग पहचान रखता है। यहां से पहलवान बजरंग पूनिया, योगेश्वर दत्त और रवि दहिया ने ओलंपिक में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है तो पैरालंपिक में जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया है। यही कारण है कि सोनीपत शिक्षा के साथ खेलों में भी चमक बिखेर रहा है। (संवाद)
1972 में जिला बना सोनीपत
पंजाब से अलग होकर 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा प्रदेश बना था। प्रदेश में 55 साल में बहुत कुछ बदल गया है तो सोनीपत भी विकास के क्षितिज की तरफ लगातार अग्रसर है। हरियाणा प्रदेश बनने के छह साल बाद 1972 में सोनीपत को जिला बनाया गया था। इसके बाद विकास का पहिया तेजी से दौड़ने लगा। सोनीपत जहां शिक्षा का हब बना, वहीं खेलों में जिले के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाकर विदेशों में झंडे गाड़ दिए। उद्योग से लेकर विकास तक सब कुछ शिखर की तरफ बढ़ रहा है। पांच औद्योगिक क्षेत्र बसाए जा चुके हैं।
2260 वर्ग किमी क्षेत्रफल का सोनीपत जिला दिल्ली से सटा हुआ है और मुरथल के ढाबों व होटलों के कारण देशभर में इसकी पहचान है। मुरथल के पराठे खाने के लिए अन्य प्रदेशों तक से लोग परिवार के साथ आते हैं। प्रदेश बनने के बाद से यहां की आबादी में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है। वर्ष 1972 में जिला बनने के समय आबादी पांच लाख 67 हजार थी, जिसके मुकाबले अब 16 लाख 53 हजार से अधिक हो चुकी है। आबादी बढ़ने के साथ ही शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी सोनीपत विकास की तरफ बढ़ता चला गया। सोनीपत देश की राजधानी दिल्ली से सटा होने के कारण भी यहां विकास का पहिया तेजी से घूमा है। देश की राजधानी में वाहनों की संख्या कम करने के लिए केएमपी व केजीपी का निर्माण किया गया है। दोनों ही सोनीपत से शुरू होते हैं। सड़कों के जाल के कारण विकास को नई दिशा मिली है।
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खेल के बलबूते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका
जहां भी खेलों का जिक्र होता है तो वहां सोनीपत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सोनीपत में खेल सुविधाओं में भी इजाफा हुआ है। भारतीय खेल प्राधिकरण का उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र (साई) सोनीपत के बहालगढ़ में है। इसे वर्ष 2005 में बनाया गया था। वहीं प्रदेश का एकमात्र मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल सोनीपत में 1973 में बनाया गया था। अब इसे खेल विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा रहा है। जिले के खिलाड़ियों ने ओलंपिक तक में अपना परचम लहराया है। जिले में ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, पहलवान रवि दहिया, बजरंग पुनिया, हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार, पैरांलपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल, पैरालंपिक रजत पदक विजेता दीपा मलिक, निशानेबाज मनीष नरवाल के अलावा पैरालंपियन अमित सरोहा, ओलंपियन सीमा आंतिल, कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल, भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान प्रीतम सिवाच, ओलंपियन मोनिका मलिक, नेहा गोयल, निशा वारसी, विश्व चैंपियन शूटर अंकुर मित्तल, भारतीय हॉकी खिलाड़ी विकास, पहलवान रमेश गुलिया, कॉमनवेल्थ के स्वर्ण पदक विजेता विनोद, अनिल खत्री, संजय, पहलवान सरिता मोर आदि ने विदेशों तक अपना लोहा मनवाया।
नौ विवि बने तो साढ़े 1250 स्कूल चल रहे
जिले में 1966 में जिस समय आबादी केवल 5 लाख होती थी, उस समय साक्षरता दर करीब 31 प्रतिशत थी, लेकिन लोगों को समय के साथ शिक्षा के महत्व का पता चला और अब जिले में साक्षरता प्रतिशत 81 तक हो गया है। पहले सोनीपत शहर के अंदर मॉडल टाउन में केवल एक सरकारी स्कूल हुआ करता था तो ग्रामीण क्षेत्रों में दूर-दूर स्कूल होते थे और इस कारण लोग अपने बच्चों को शिक्षा से दूर रखते थे। अब जिले में 1250 स्कूल हैं, जिनमें निजी व सरकारी दोनों शामिल हैं और यह शिक्षा विभाग के आंकड़ों में दर्ज है। वहीं उच्चतर शिक्षा के लिए नौ यूनिवर्सिटी खोली गई हैं, जिनमें दीनबंधु छोटूराम, भगत फूल सिंह व निफ्टम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी सरकारी है तो अन्य चार यूनिवर्सिटी निजी हैं। इनके अलावा छह सरकारी कॉलेज, 15 संस्था के कॉलेज और कई निजी कॉलेज उच्चतर शिक्षा के लिए इस समय चल रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं लगातार हो रहीं बेहतर, कोरोना काल में ऑक्सीजन के दो प्लांट लगे
लोग पहले उपचार कराने दिल्ली जाते थे। यहां स्वास्थ्य सेवाएं कम थीं, लेकिन अब यहां 125 निजी हॉस्पिटल बन गए हैं और उनमें हर बीमारी के बेहतर डाक्टर हैं। वहीं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव हुआ है और सोनीपत व गोहाना में सामान्य अस्पताल खुल चुके हैं। जिले में इस समय 7 सीएचसी, 29 पीएचसी, 162 सब सेंटर चल रहे हैं। इनके अलावा खानपुर कलां में मेडिकल कॉलेज चल रहा है। अब सामान्य अस्पताल में मदर चाइल्ड हेल्थ सेंटर के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है, जिसके लिए 13 करोड़ का बजट पास हो चुका है। इसके साथ ही कोरोना काल में सोनीपत व गोहाना में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए दो प्लांट लगा दिए गए हैं। खानपुर में 500 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही इस वर्ष 21 नई एंबुलेंस, तीन मेडिकल मोबाइल यूनिट भी स्वास्थ्य विभाग को मिली है।
5 औद्योगिक क्षेत्र में 8 हजार से ज्यादा फैक्टरियां
जिले में पांच औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिनमें सोनीपत, बड़ी, मुरथल, राई व कुंडली शामिल हैं। इन सभी जगह 8 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं, जिनमें छोटी व बड़ी सभी तरह की फैक्टरी शामिल हैं। इन फैक्टरियों में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यह सभी औद्योगिक क्षेत्र नेशनल हाईवे के किनारे बने हुए हैं, जिनसे राजधानी तक आने-जाने में काफी आसानी होती है। इनके साथ ही एक्सप्रेस-वे बनने से काफी फायदा उद्यमियों को हुआ है।
एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे के साथ सड़कों के जाल से विकास बढ़ा
जिले में विकास तेजी से हुआ है। देश की राजधानी से वाहनों का भार कम करने के लिए कुंडली-पलवल मानेसर एक्सप्रेस-वे और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल पैरिफेरले एक्सप्रेस वे की शुरुआत की गई है, वह सोनीपत से शुरू हुए हैं। इसके अलावा नेशनल हाईवे से होते हुए दिल्ली की दूरी चंद मिनटों की रहती है। इसके अलावा भी कई नेशनल हाईवे बनाए गए हैं, जिसके चलते कई रियल एस्टेट कंपनियां सोनीपत में निर्माण कर चुकी हैं। यहीं कारण है कि नेशनल हाईवे-44 पर 15 से ज्यादा रेजिडेंसियल कॉलोनियां बसाई गईं, जिससे नया सोनीपत अब नेशनल हाईवे पर बसता जा रहा है।
गोहाना में बसाए जाएंगे दो सेक्टर
गोहाना शहर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-7 बसा रखा है। अब दो और नए सेक्टर बसाने की तैयारी की जा रही है। सेक्टर-13 व 16 को बसाने के लिए एचएसवीपी की ओर से सरकार को प्रपोजल भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सेक्टर के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद प्लॉट बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
आईएमटी के साथ बसाए जाएंगे सेक्टर
खरखौदा के पास आईएमटी का निर्माण किया जा रहा है। जिला नगर योजनाकार विभाग के नए प्लान के अनुसार खरखौदा में रिहायशी सेक्टर व औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। 3500 हेक्टेयर जमीन इसके लिए छोड़ी है। 2200 हेक्टेयर जमीन पर रिहायशी सेक्टर बसाए जाएंगे, जबकि 1300 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक सेक्टर बनाए जाएंगे। यहां सेक्टरों का निर्माण होने से शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
5-5 एकड़ में 18 कॉलोनियां बसाई जा सकेंगी, 22 एकड़ में औद्योगिक हब बनेगा
दीनदयाल आवास योजना के तहत सरकार की ओर से 18 लाइसेंस जारी किए गए हैं। सोनीपत के पास 17 जगहों व खरखौदा शहर के पास एक जगह पर 5-5 एकड़ में कॉलोनियां बसाई जाएंगी। इमें 100 व 150 गज के प्लॉट काटे जाएंगे। वहीं सोनीपत शहर के पास गोहाना रोड पर 22 एकड़ में औद्योगिक हब बनाया जाएगा, जिसमें 500 से 1000 गज के प्लॉट काटे जाने हैं।
रोडवेज को मिलेंगी 25 बसें, दूर होगी बसों की कमी
परिवहन विभाग की ओर से सोनीपत बस अड्डे पर 197 बसें स्वीकृत हैं। वर्तमान में यहां रोडवेज की सिर्फ 63 बसें, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत 42 बसें चल रही हैं। दूसरी ओर गोहाना सब डिपो में 63 बसों का बेड़ा स्वीकृत है, वहां रोडवेज की 39 बसें व किलोमीटर स्कीम के तहत 21 बसें चलाई जा रही हैं। समय के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ती गई, जबकि बसों की संख्या घटती चली गई। इससे इन दिनों परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। सोनीपत डिपो को जल्द ही 25 नई बसें मिलेंगी, जिसके बाद कुछ हद यात्रियों को राहत मिलेगी।
दिवाली पर बंद पैसेंजर ट्रेनें चलने की उम्मीद
जिले में वर्ष 1880 में रेलमार्ग की शुरुआत हुई थी। 10 साल पहले तक जिले में 73.60 किलोमीटर तक रेललाइन बिछी थी, जो अब बढ़कर 148 किलोमीटर तक पहुंच गई है। सोनीपत से करीब 40 हजार दैनिक यात्री रोजाना दिल्ली आवागमन करते हैं। कोरोना काल से पहले इस रूट पर 200 ट्रेनें व मालगाड़ियां आवागमन करती थीं। कोरोना संक्रमण के बाद ट्रेनों की संख्या कम की गई है, जिससे दैनिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि दिवाली के बाद बंद पड़ी पैसेंजर ट्रेनों को चलाए जाने की तैयारी है।
जिले में जल्द मिलेंगी ये सौगातें
रेल कोच फैक्टरी : बड़ी में रेल कोच फैक्टरी का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। यह रेल कोच फैक्टरी बड़ी में 165 एकड़ में बनाई जा रही है, जिसका पीएम नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया था और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये मंजूर होने पर काम शुरू कराया गया था।
नेशनल हाईवे 44 के चौड़ीकरण का काम पूरा होगा
दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 44 को 12 लेन करने का काम छह साल पहले शुरू हुआ था। इसका शिलान्यास भी पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम बीच में बंद हो गया था, जो दोबारा शुरू हुआ है। अब लगभग 80 प्रतिशत काम हो चुका है और यह बड़ा प्रोजेक्ट है। नेशनल हाईवे से रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं।
शहर से बाहर होगा बस अड्डा
बस अड्डा शहर के अंदर है, जिससे बस शहर के अंदर आने के कारण अधिकतर सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसे देखते हुए ही बस अड्डे को शहर से बाहर करने की मंजूरी सरकार से मिल चुकी है और इस बार बस अड्डे की जगह बस पोर्ट बनाया जाना है।
अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं सब्जी मंडी शुरू होने की उम्मीद
गन्नौर में जीटी रोड पर अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं सब्जी मंडी का निर्माण कई साल पहले शुरू हुआ था, जिससे प्रदेश के किसानों को उनकी सब्जी, फलों व फूल के बेहतर दाम मिल सके और वह एक ही जगह पर अपनी फसल को बेच सके, लेकिन यह काम अधूरा पड़ा था, जो शुरू हो चुका है। इस अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं सब्जी मंडी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
नगर निगम को मिलेगा कार्यालय
शहर के सेक्टर-3 में नगर निगम कार्यालय के पांच मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह भवन प्रदेश में सबसे अनूठा होगा। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित इस भवन से बिजली खपत कम होगी और निगम खुद 100 किलोवाट बिजली का उत्पादन भी करेगा। नगर निगम की ओर से इस भवन के निर्माण पर 58 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अप्रैल 2018 में भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, चालू वित्त वर्ष में यह भवन तैयार हो जाएगा।
वर्जन
जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। रेल कोच फैक्टरी से लेकर अंतरराष्ट्रीय फल-फूल और सब्जी मंडी तथा नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की सौगात जल्द मिलेगी। साथ ही नेशनल हाईवे 334बी पर काम जारी है। आईएमटी खरखौदा के निर्माण को गति मिल चुकी है। नगर निगम को अपना कार्यालय मिल जाएगा।
- ललित सिवाच, डीसी सोनीपत
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शिक्षा के साथ ही सोनीपत ने खेलों में अपनी न्यारी पहचाण बनाते हुए बुलंदी को छुआ है। शिक्षा का हब बन चुके सोनीपत में नौ विश्वविद्यालय स्थापित हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की निफ्टम यूनिवर्सिटी से लेकर राजीव गांधी एजुकेशन सिटी भी शामिल हैं। खानपुर का मेडिकल कॉलेज आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। इसके साथ ही खेलों में सोनीपत विश्व पटल पर अलग पहचान रखता है। यहां से पहलवान बजरंग पूनिया, योगेश्वर दत्त और रवि दहिया ने ओलंपिक में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है तो पैरालंपिक में जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया है। यही कारण है कि सोनीपत शिक्षा के साथ खेलों में भी चमक बिखेर रहा है। (संवाद)
1972 में जिला बना सोनीपत
पंजाब से अलग होकर 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा प्रदेश बना था। प्रदेश में 55 साल में बहुत कुछ बदल गया है तो सोनीपत भी विकास के क्षितिज की तरफ लगातार अग्रसर है। हरियाणा प्रदेश बनने के छह साल बाद 1972 में सोनीपत को जिला बनाया गया था। इसके बाद विकास का पहिया तेजी से दौड़ने लगा। सोनीपत जहां शिक्षा का हब बना, वहीं खेलों में जिले के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाकर विदेशों में झंडे गाड़ दिए। उद्योग से लेकर विकास तक सब कुछ शिखर की तरफ बढ़ रहा है। पांच औद्योगिक क्षेत्र बसाए जा चुके हैं।
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2260 वर्ग किमी क्षेत्रफल का सोनीपत जिला दिल्ली से सटा हुआ है और मुरथल के ढाबों व होटलों के कारण देशभर में इसकी पहचान है। मुरथल के पराठे खाने के लिए अन्य प्रदेशों तक से लोग परिवार के साथ आते हैं। प्रदेश बनने के बाद से यहां की आबादी में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है। वर्ष 1972 में जिला बनने के समय आबादी पांच लाख 67 हजार थी, जिसके मुकाबले अब 16 लाख 53 हजार से अधिक हो चुकी है। आबादी बढ़ने के साथ ही शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी सोनीपत विकास की तरफ बढ़ता चला गया। सोनीपत देश की राजधानी दिल्ली से सटा होने के कारण भी यहां विकास का पहिया तेजी से घूमा है। देश की राजधानी में वाहनों की संख्या कम करने के लिए केएमपी व केजीपी का निर्माण किया गया है। दोनों ही सोनीपत से शुरू होते हैं। सड़कों के जाल के कारण विकास को नई दिशा मिली है।
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खेल के बलबूते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका
जहां भी खेलों का जिक्र होता है तो वहां सोनीपत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सोनीपत में खेल सुविधाओं में भी इजाफा हुआ है। भारतीय खेल प्राधिकरण का उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र (साई) सोनीपत के बहालगढ़ में है। इसे वर्ष 2005 में बनाया गया था। वहीं प्रदेश का एकमात्र मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल सोनीपत में 1973 में बनाया गया था। अब इसे खेल विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा रहा है। जिले के खिलाड़ियों ने ओलंपिक तक में अपना परचम लहराया है। जिले में ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, पहलवान रवि दहिया, बजरंग पुनिया, हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार, पैरांलपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल, पैरालंपिक रजत पदक विजेता दीपा मलिक, निशानेबाज मनीष नरवाल के अलावा पैरालंपियन अमित सरोहा, ओलंपियन सीमा आंतिल, कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल, भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान प्रीतम सिवाच, ओलंपियन मोनिका मलिक, नेहा गोयल, निशा वारसी, विश्व चैंपियन शूटर अंकुर मित्तल, भारतीय हॉकी खिलाड़ी विकास, पहलवान रमेश गुलिया, कॉमनवेल्थ के स्वर्ण पदक विजेता विनोद, अनिल खत्री, संजय, पहलवान सरिता मोर आदि ने विदेशों तक अपना लोहा मनवाया।
नौ विवि बने तो साढ़े 1250 स्कूल चल रहे
जिले में 1966 में जिस समय आबादी केवल 5 लाख होती थी, उस समय साक्षरता दर करीब 31 प्रतिशत थी, लेकिन लोगों को समय के साथ शिक्षा के महत्व का पता चला और अब जिले में साक्षरता प्रतिशत 81 तक हो गया है। पहले सोनीपत शहर के अंदर मॉडल टाउन में केवल एक सरकारी स्कूल हुआ करता था तो ग्रामीण क्षेत्रों में दूर-दूर स्कूल होते थे और इस कारण लोग अपने बच्चों को शिक्षा से दूर रखते थे। अब जिले में 1250 स्कूल हैं, जिनमें निजी व सरकारी दोनों शामिल हैं और यह शिक्षा विभाग के आंकड़ों में दर्ज है। वहीं उच्चतर शिक्षा के लिए नौ यूनिवर्सिटी खोली गई हैं, जिनमें दीनबंधु छोटूराम, भगत फूल सिंह व निफ्टम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी सरकारी है तो अन्य चार यूनिवर्सिटी निजी हैं। इनके अलावा छह सरकारी कॉलेज, 15 संस्था के कॉलेज और कई निजी कॉलेज उच्चतर शिक्षा के लिए इस समय चल रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं लगातार हो रहीं बेहतर, कोरोना काल में ऑक्सीजन के दो प्लांट लगे
लोग पहले उपचार कराने दिल्ली जाते थे। यहां स्वास्थ्य सेवाएं कम थीं, लेकिन अब यहां 125 निजी हॉस्पिटल बन गए हैं और उनमें हर बीमारी के बेहतर डाक्टर हैं। वहीं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव हुआ है और सोनीपत व गोहाना में सामान्य अस्पताल खुल चुके हैं। जिले में इस समय 7 सीएचसी, 29 पीएचसी, 162 सब सेंटर चल रहे हैं। इनके अलावा खानपुर कलां में मेडिकल कॉलेज चल रहा है। अब सामान्य अस्पताल में मदर चाइल्ड हेल्थ सेंटर के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है, जिसके लिए 13 करोड़ का बजट पास हो चुका है। इसके साथ ही कोरोना काल में सोनीपत व गोहाना में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए दो प्लांट लगा दिए गए हैं। खानपुर में 500 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही इस वर्ष 21 नई एंबुलेंस, तीन मेडिकल मोबाइल यूनिट भी स्वास्थ्य विभाग को मिली है।
5 औद्योगिक क्षेत्र में 8 हजार से ज्यादा फैक्टरियां
जिले में पांच औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिनमें सोनीपत, बड़ी, मुरथल, राई व कुंडली शामिल हैं। इन सभी जगह 8 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं, जिनमें छोटी व बड़ी सभी तरह की फैक्टरी शामिल हैं। इन फैक्टरियों में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यह सभी औद्योगिक क्षेत्र नेशनल हाईवे के किनारे बने हुए हैं, जिनसे राजधानी तक आने-जाने में काफी आसानी होती है। इनके साथ ही एक्सप्रेस-वे बनने से काफी फायदा उद्यमियों को हुआ है।
एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे के साथ सड़कों के जाल से विकास बढ़ा
जिले में विकास तेजी से हुआ है। देश की राजधानी से वाहनों का भार कम करने के लिए कुंडली-पलवल मानेसर एक्सप्रेस-वे और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल पैरिफेरले एक्सप्रेस वे की शुरुआत की गई है, वह सोनीपत से शुरू हुए हैं। इसके अलावा नेशनल हाईवे से होते हुए दिल्ली की दूरी चंद मिनटों की रहती है। इसके अलावा भी कई नेशनल हाईवे बनाए गए हैं, जिसके चलते कई रियल एस्टेट कंपनियां सोनीपत में निर्माण कर चुकी हैं। यहीं कारण है कि नेशनल हाईवे-44 पर 15 से ज्यादा रेजिडेंसियल कॉलोनियां बसाई गईं, जिससे नया सोनीपत अब नेशनल हाईवे पर बसता जा रहा है।
गोहाना में बसाए जाएंगे दो सेक्टर
गोहाना शहर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-7 बसा रखा है। अब दो और नए सेक्टर बसाने की तैयारी की जा रही है। सेक्टर-13 व 16 को बसाने के लिए एचएसवीपी की ओर से सरकार को प्रपोजल भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सेक्टर के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद प्लॉट बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
आईएमटी के साथ बसाए जाएंगे सेक्टर
खरखौदा के पास आईएमटी का निर्माण किया जा रहा है। जिला नगर योजनाकार विभाग के नए प्लान के अनुसार खरखौदा में रिहायशी सेक्टर व औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। 3500 हेक्टेयर जमीन इसके लिए छोड़ी है। 2200 हेक्टेयर जमीन पर रिहायशी सेक्टर बसाए जाएंगे, जबकि 1300 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक सेक्टर बनाए जाएंगे। यहां सेक्टरों का निर्माण होने से शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
5-5 एकड़ में 18 कॉलोनियां बसाई जा सकेंगी, 22 एकड़ में औद्योगिक हब बनेगा
दीनदयाल आवास योजना के तहत सरकार की ओर से 18 लाइसेंस जारी किए गए हैं। सोनीपत के पास 17 जगहों व खरखौदा शहर के पास एक जगह पर 5-5 एकड़ में कॉलोनियां बसाई जाएंगी। इमें 100 व 150 गज के प्लॉट काटे जाएंगे। वहीं सोनीपत शहर के पास गोहाना रोड पर 22 एकड़ में औद्योगिक हब बनाया जाएगा, जिसमें 500 से 1000 गज के प्लॉट काटे जाने हैं।
रोडवेज को मिलेंगी 25 बसें, दूर होगी बसों की कमी
परिवहन विभाग की ओर से सोनीपत बस अड्डे पर 197 बसें स्वीकृत हैं। वर्तमान में यहां रोडवेज की सिर्फ 63 बसें, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत 42 बसें चल रही हैं। दूसरी ओर गोहाना सब डिपो में 63 बसों का बेड़ा स्वीकृत है, वहां रोडवेज की 39 बसें व किलोमीटर स्कीम के तहत 21 बसें चलाई जा रही हैं। समय के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ती गई, जबकि बसों की संख्या घटती चली गई। इससे इन दिनों परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। सोनीपत डिपो को जल्द ही 25 नई बसें मिलेंगी, जिसके बाद कुछ हद यात्रियों को राहत मिलेगी।
दिवाली पर बंद पैसेंजर ट्रेनें चलने की उम्मीद
जिले में वर्ष 1880 में रेलमार्ग की शुरुआत हुई थी। 10 साल पहले तक जिले में 73.60 किलोमीटर तक रेललाइन बिछी थी, जो अब बढ़कर 148 किलोमीटर तक पहुंच गई है। सोनीपत से करीब 40 हजार दैनिक यात्री रोजाना दिल्ली आवागमन करते हैं। कोरोना काल से पहले इस रूट पर 200 ट्रेनें व मालगाड़ियां आवागमन करती थीं। कोरोना संक्रमण के बाद ट्रेनों की संख्या कम की गई है, जिससे दैनिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि दिवाली के बाद बंद पड़ी पैसेंजर ट्रेनों को चलाए जाने की तैयारी है।
जिले में जल्द मिलेंगी ये सौगातें
रेल कोच फैक्टरी : बड़ी में रेल कोच फैक्टरी का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। यह रेल कोच फैक्टरी बड़ी में 165 एकड़ में बनाई जा रही है, जिसका पीएम नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया था और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये मंजूर होने पर काम शुरू कराया गया था।
नेशनल हाईवे 44 के चौड़ीकरण का काम पूरा होगा
दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 44 को 12 लेन करने का काम छह साल पहले शुरू हुआ था। इसका शिलान्यास भी पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम बीच में बंद हो गया था, जो दोबारा शुरू हुआ है। अब लगभग 80 प्रतिशत काम हो चुका है और यह बड़ा प्रोजेक्ट है। नेशनल हाईवे से रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं।
शहर से बाहर होगा बस अड्डा
बस अड्डा शहर के अंदर है, जिससे बस शहर के अंदर आने के कारण अधिकतर सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसे देखते हुए ही बस अड्डे को शहर से बाहर करने की मंजूरी सरकार से मिल चुकी है और इस बार बस अड्डे की जगह बस पोर्ट बनाया जाना है।
अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं सब्जी मंडी शुरू होने की उम्मीद
गन्नौर में जीटी रोड पर अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं सब्जी मंडी का निर्माण कई साल पहले शुरू हुआ था, जिससे प्रदेश के किसानों को उनकी सब्जी, फलों व फूल के बेहतर दाम मिल सके और वह एक ही जगह पर अपनी फसल को बेच सके, लेकिन यह काम अधूरा पड़ा था, जो शुरू हो चुका है। इस अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं सब्जी मंडी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
नगर निगम को मिलेगा कार्यालय
शहर के सेक्टर-3 में नगर निगम कार्यालय के पांच मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह भवन प्रदेश में सबसे अनूठा होगा। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित इस भवन से बिजली खपत कम होगी और निगम खुद 100 किलोवाट बिजली का उत्पादन भी करेगा। नगर निगम की ओर से इस भवन के निर्माण पर 58 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अप्रैल 2018 में भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, चालू वित्त वर्ष में यह भवन तैयार हो जाएगा।
वर्जन
जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। रेल कोच फैक्टरी से लेकर अंतरराष्ट्रीय फल-फूल और सब्जी मंडी तथा नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की सौगात जल्द मिलेगी। साथ ही नेशनल हाईवे 334बी पर काम जारी है। आईएमटी खरखौदा के निर्माण को गति मिल चुकी है। नगर निगम को अपना कार्यालय मिल जाएगा।
- ललित सिवाच, डीसी सोनीपत

सोनीपत शहर के बीच से गुजरता रेलवे ट्रैक व गोहाना रोड आरओबी। फोटो : रमेश दहिया- फोटो : Sonipat