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कच्चे क्वार्टर मार्केट में मीटर बदलने गए बिजली कर्मियों का दुकानदारों ने किया विरोध
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कच्चे क्वार्टर मार्केट में मीटर बदलने आई टीम का विरोध कर रहे दुकानदारों को समझाते बिजली निगम के ?
- फोटो : Sonipat
कच्चे क्वार्टर मार्केट में दुकानदारों ने एकत्रित होकर सोमवार शाम को मीटर बदलने गई बिजली निगम की टीम का विरोध किया। दुकानदारों ने कहा कि बिजली निगम की आरे से मीटरों को बदलकर परेशान किया जा रहा है। वह मार्केट में किसी भी तरह बिजली मीटरों को नहीं बदलने देंगे। मीटर बदलने जाने पर उनके पास ज्यादा राशि का बिल आएगा। दुकानदारों के विरोध की सूचना के बाद मॉडल टाउन सब डिविजन कार्यालय के कनिष्ठ अभियंता विक्रम सहरावत मौके पर पहुंचे और मीटरों को बदलवाने का काम जारी रखा।
कच्चे क्वार्टर मार्केट के प्रधान राकेश चोपड़ा समेत अन्य दुकानदारों ने कहा कि बिजली निगम की ओर से जिन मीटरों को बदला जा रहा है वह सही तरीके से काम कर रहे हैं। नए मीटर लगने से दुकानदारों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि गांवों में भी नए मीटर लगाए गए थे कि अब ग्रामीणों के बिजली बिल कई गुना आ रहे हैं। ऐसी ही स्थिति शहर के लोगों के साथ होने वाली है। बिजली निगम की ओर से मीटरों को बदलकर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदारों के हंगामे की सूचना के बाद बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता विक्रम सहरावत मार्केट में पहुंचे और टीम को मीटर बदलवाने का काम जारी रखने के लिए कहा।
मीटर बदलने से नहीं होगा बिजली बिल राशि में बदलाव
बिजली अधिकारियों का कहना है कि खराब पड़े मीटरों व पुराने मीटरों को बदला जा रहा है। इन मीटरों की रीडिंग कॉमन मीटर इंस्ट्रूमेंट (सीएमआरआई) में दर्ज नहीं होती। जिसकी वजह से बिल ठीक नहीं बन पाते। पुराने मीटरों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे सीएमआरआई से रीडिंग आसानी से दर्ज हो जाती है और बिल बनाने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती। नए मीटर लगने से बिजली बिल राशि में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा और न ही बदले गए मीटरों का चार्ज वसूला जाएगा।
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ऐसे ली जाएगी मीटरों की रीडिंग
रीडिंग कॉमन मीटर इंस्ट्रूमेंट (सीएमआरआई) से रीडिंग लेना काफी आसान है। रीडिंग लेने के लिए इंस्ट्रूमेंट को केवल मीटर के ऑप्टिकल सेंसर से चिपकाना होगा। सेंसर से चिपकते ही सीएमआरआई में खपत यूनिट, लोड, टैंपरिंग प्रोफाइल, मौजूदा लोड आदि का डेटा स्टोर हो जाएगा। रीडिंग लेने के बाद बिजली निगम के कर्मचारी सीएमआरआई में लगे चिप को निकालकर डाटा किसी भी कंप्यूटर में डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह से हर महीने मीटरों की चेकिंग होगी। इससे मीटरों में छेड़छाड़ करने की संभावनाएं खत्म हो जाएगा। बिजली निगम ने मीटरों में छेड़छाड़ करने वालों पर नजर रखने के लिए बिजली निगम ने सीएमआरआई से रीडिंग ली जाएगी।
13 हजार पुराने मीटर बदले जा रहे
बिजली निगम की ओर से जिले में 13 हजार पुराने मीटरों को बदलने का काम किया जा रहा है। जिसमें से करीब 2500 मीटर बदलने बाकी है। इन मीटरों को बदले जाने से बिजली बिलों की राशि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सीएमआरआई से रीडिंग लेने पर ही मीटरों की चेकिंग की जा सकेगी और मीटरों में छेड़छाड़ करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
पुराने मीटरों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे बिजली बिल राशि पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगने के बाद सीएमआरआई से रीडिंग लेने में आसानी होगी। मीटर बदलने के दौरान सरकारी काम में अगर किसी तरह की बाधा डाली जाती है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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कच्चे क्वार्टर मार्केट के प्रधान राकेश चोपड़ा समेत अन्य दुकानदारों ने कहा कि बिजली निगम की ओर से जिन मीटरों को बदला जा रहा है वह सही तरीके से काम कर रहे हैं। नए मीटर लगने से दुकानदारों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि गांवों में भी नए मीटर लगाए गए थे कि अब ग्रामीणों के बिजली बिल कई गुना आ रहे हैं। ऐसी ही स्थिति शहर के लोगों के साथ होने वाली है। बिजली निगम की ओर से मीटरों को बदलकर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदारों के हंगामे की सूचना के बाद बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता विक्रम सहरावत मार्केट में पहुंचे और टीम को मीटर बदलवाने का काम जारी रखने के लिए कहा।
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मीटर बदलने से नहीं होगा बिजली बिल राशि में बदलाव
बिजली अधिकारियों का कहना है कि खराब पड़े मीटरों व पुराने मीटरों को बदला जा रहा है। इन मीटरों की रीडिंग कॉमन मीटर इंस्ट्रूमेंट (सीएमआरआई) में दर्ज नहीं होती। जिसकी वजह से बिल ठीक नहीं बन पाते। पुराने मीटरों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे सीएमआरआई से रीडिंग आसानी से दर्ज हो जाती है और बिल बनाने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती। नए मीटर लगने से बिजली बिल राशि में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा और न ही बदले गए मीटरों का चार्ज वसूला जाएगा।
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ऐसे ली जाएगी मीटरों की रीडिंग
रीडिंग कॉमन मीटर इंस्ट्रूमेंट (सीएमआरआई) से रीडिंग लेना काफी आसान है। रीडिंग लेने के लिए इंस्ट्रूमेंट को केवल मीटर के ऑप्टिकल सेंसर से चिपकाना होगा। सेंसर से चिपकते ही सीएमआरआई में खपत यूनिट, लोड, टैंपरिंग प्रोफाइल, मौजूदा लोड आदि का डेटा स्टोर हो जाएगा। रीडिंग लेने के बाद बिजली निगम के कर्मचारी सीएमआरआई में लगे चिप को निकालकर डाटा किसी भी कंप्यूटर में डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह से हर महीने मीटरों की चेकिंग होगी। इससे मीटरों में छेड़छाड़ करने की संभावनाएं खत्म हो जाएगा। बिजली निगम ने मीटरों में छेड़छाड़ करने वालों पर नजर रखने के लिए बिजली निगम ने सीएमआरआई से रीडिंग ली जाएगी।
13 हजार पुराने मीटर बदले जा रहे
बिजली निगम की ओर से जिले में 13 हजार पुराने मीटरों को बदलने का काम किया जा रहा है। जिसमें से करीब 2500 मीटर बदलने बाकी है। इन मीटरों को बदले जाने से बिजली बिलों की राशि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सीएमआरआई से रीडिंग लेने पर ही मीटरों की चेकिंग की जा सकेगी और मीटरों में छेड़छाड़ करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
पुराने मीटरों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे बिजली बिल राशि पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगने के बाद सीएमआरआई से रीडिंग लेने में आसानी होगी। मीटर बदलने के दौरान सरकारी काम में अगर किसी तरह की बाधा डाली जाती है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम