सोनीपत: किसान मोर्चा से अलग भारतीय किसान मजदूर फेडरेशन बना, गुरनाम सिंह चढूनी ने की घोषणा
भारतीय किसान मजदूर फेडरेशन संयुक्त किसान मोर्चा के साथ आंदोलन में शामिल रहेगा। इतना ही नहीं फेडरेशन दूसरे राज्यों में अन्य मुद्दों पर भी आंदोलन करेगा। फेडरेशन की संचालन कमेटी में पांच सदस्य होंगे। यह सभी सदस्य ही किसी भी फैसले के लिए बैठक करेंगे।
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संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल कई किसान संगठनों ने अलग से भारतीय किसान मजदूर फेडरेशन बनाया है, जिसमें 10 राज्यों के 38 संगठनों को जोड़ा गया है। भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने अन्य कई संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके फेडरेशन बनाए जाने का एलान लिया। हालांकि फेडरेशन में शामिल किए गए संगठनों के पदाधिकारियों का दावा है कि यह फेडरेशन भी संयुक्त किसान मोर्चा के साथ आंदोलन में शामिल रहेगा तो दूसरे राज्यों में अन्य मुद्दों पर भी जरूरत पड़ने पर आंदोलन किए जाएंगे।
बहालगढ़ में जीटी रोड के पास निजी ढाबे में किसान संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जहां संयुक्त किसान मोर्चा से अलग भारतीय किसान मजदूर फेडरेशन बनाने का फैसला लिया गया। भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि इस संगठन में हरियाणा, पंजाब, यूपी, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, छत्तीसगढ़ के 38 संगठन अभी तक जुड़ गए हैं। इसमें कई वे संगठन भी शामिल हैं, जो संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा हैं।
चढूनी ने कहा कि यह फेडरेशन किसान आंदोलन में संयुक्त मोर्चा के सहयोगी की तरह काम करेगा। इसकी संचालन कमेटी के पांच सदस्य बनाए जाएंगे, जो किसी भी फैसले के लिए बैठक करेंगे और उसके बाद उसे फेडरेशन से जुड़े सभी संगठनों को बताया जाएगा। चढूनी ने कहा कि सभी 38 संगठनों से बात करके यह फेडरेशन बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से अलग भी किसी भी राज्य में अन्य मुद्दे को लेकर आंदोलन चलाना पड़ा तो इस फेडरेशन के बैनर तले चलाया जाएगा। भाकियू क्रांतिकारी पंजाब के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल भी इस बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि यह फेडरेशन केवल हरियाणा व पंजाब तक नहीं है, बल्कि किसान आंदोलन के साथ ही देश के अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन करता रहेगा।
किसान आंदोलन में अन्य नेता हावी होना भी बताया जा रहा फेडरेशन बनाने का कारण
यह भी बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन को जिस संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चलाया जा रहा है, उसमें भाकियू यूपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत पंजाब के कई नेता हावी हैं, जबकि गुरनाम सिंह चढूनी व राकेश टिकैत के बीच संबंध ज्यादा ठीक नहीं हैं और गुरनाम चढूनी पिछले कई दिनों से लगातार यूपी में आंदोलन कमजोर होने के आरोप भी लगा रहे हैं।
वहीं सुरजीत सिंह फूल पर संयुक्त किसान मोर्चा कई बार कार्रवाई कर चुका है। उन पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान रूट बदलने के आरोप लगे थे और उनको मोर्चा से सस्पेंड तक किया गया था। इसके अलावा भी उन पर संसद मार्च को लेकर युवाओं को उकसाने का आरोप भी लगा था। इस तरह से खींचतान चलने के कारण भी फेडरेशन बनाए जाने की बात कही जा रही है।