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Sonipat News: एनएच-44 पर सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त, स्प्रिंग पोस्ट तोड़कर हो रही गलत एंट्री, हादसों का खतरा बढ़ा
Mon, 08 Jun 2026 03:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 08 Jun 2026 03:55 AM IST
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फोटो :10: सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास टूटे स्प्रिंग पोस्ट। संवाद
सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (एनएच-44) पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुंडली से पानीपत के हल्दाना बॉर्डर तक बने इस हाईवे पर लगाए गए सुरक्षा अवरोधक (स्प्रिंग पोस्ट) टूटने के कारण वाहन चालक निर्धारित मार्गों की बजाय सीधे हाईवे पर चढ़-उतर रहे हैं जिससे दुर्घटनाओं की आशंका गंभीर रूप ले चुकी है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से फ्लाईओवरों के पास वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए एंट्री (प्रवेश) और एग्जिट (निकास) पॉइंट तय किए गए थे। उद्देश्य था कि वाहन पहले संपर्क मार्ग पर उतरें और फिर निर्धारित स्थान से ही हाईवे पर प्रवेश करें।
हालांकि लापरवाही और नियमों की अनदेखी के चलते वाहन चालक बीच रास्तों से ही रॉग एंट्री कर रहे हैं। हादसों को रोकने के लिए लगाए गए स्प्रिंग पोस्ट भी कई स्थानों पर तोड़ दिए गए हैं जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ गई है।
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तेज रफ्तार यातायात के बीच बढ़ा जोखिम
एनएच-44 पर प्रतिदिन 80 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। विशेषज्ञों के अनुसार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले वाहनों के बीच अचानक सामने आने वाली रॉग एंट्री गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। एक ही स्थान से चढ़ने-उतरने की प्रवृत्ति यातायात व्यवस्था को और अधिक असुरक्षित बना रही है।
करोड़ों का हाईवे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कमजोर
करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस हाईवे पर आधुनिक फ्लाईओवर और सर्विस रोड बनाए गए थे लेकिन उनकी सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा अवरोधक क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिससे पूरी व्यवस्था कमजोर दिखाई दे रही है। पत्थर हटाकर लगाए गए स्प्रिंग पोस्ट गलत दिशा से आने वाले वाहन चालकों ने तोड़ दिए हैं।
सख्ती के बिना सुधार मुश्किल
रोड सेफ्टी बैठकों में लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अवैध कटों को पूरी तरह बंद कर सख्त निगरानी और कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद स्थिति यथावत
हाल ही में डीसी नेहा सिंह ने रोड सेफ्टी बैठक में अवैध एंट्री पॉइंट बंद करने के निर्देश दिए थे लेकिन हाईवे पर हालात में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है। फिलहाल एनएच-44 पर टूटी सुरक्षा व्यवस्था और अनियंत्रित आवाजाही हर वाहन चालक के लिए खतरे की घंटी बनी हुई है।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से फ्लाईओवरों के पास वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए एंट्री (प्रवेश) और एग्जिट (निकास) पॉइंट तय किए गए थे। उद्देश्य था कि वाहन पहले संपर्क मार्ग पर उतरें और फिर निर्धारित स्थान से ही हाईवे पर प्रवेश करें।
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हालांकि लापरवाही और नियमों की अनदेखी के चलते वाहन चालक बीच रास्तों से ही रॉग एंट्री कर रहे हैं। हादसों को रोकने के लिए लगाए गए स्प्रिंग पोस्ट भी कई स्थानों पर तोड़ दिए गए हैं जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ गई है।
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तेज रफ्तार यातायात के बीच बढ़ा जोखिम
एनएच-44 पर प्रतिदिन 80 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। विशेषज्ञों के अनुसार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले वाहनों के बीच अचानक सामने आने वाली रॉग एंट्री गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। एक ही स्थान से चढ़ने-उतरने की प्रवृत्ति यातायात व्यवस्था को और अधिक असुरक्षित बना रही है।
करोड़ों का हाईवे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कमजोर
करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस हाईवे पर आधुनिक फ्लाईओवर और सर्विस रोड बनाए गए थे लेकिन उनकी सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा अवरोधक क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिससे पूरी व्यवस्था कमजोर दिखाई दे रही है। पत्थर हटाकर लगाए गए स्प्रिंग पोस्ट गलत दिशा से आने वाले वाहन चालकों ने तोड़ दिए हैं।
सख्ती के बिना सुधार मुश्किल
रोड सेफ्टी बैठकों में लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अवैध कटों को पूरी तरह बंद कर सख्त निगरानी और कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद स्थिति यथावत
हाल ही में डीसी नेहा सिंह ने रोड सेफ्टी बैठक में अवैध एंट्री पॉइंट बंद करने के निर्देश दिए थे लेकिन हाईवे पर हालात में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है। फिलहाल एनएच-44 पर टूटी सुरक्षा व्यवस्था और अनियंत्रित आवाजाही हर वाहन चालक के लिए खतरे की घंटी बनी हुई है।

फोटो :10: सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास टूटे स्प्रिंग पोस्ट। संवाद

फोटो :10: सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास टूटे स्प्रिंग पोस्ट। संवाद