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नियम 134ए : थालियां-चम्मच बजाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे बच्चे व अभिभावक, किया प्रदर्शन

Fri, 18 Feb 2022 01:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 01:47 AM IST
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Rule 134A: Children and parents reached the Mini Secretariat playing plates and spoons, demonstrated
लघु सचिवालय के गेट पर थाली-चम्मच बजाकर प्रदर्शन करते अभिभावक व बच्चे। संवाद - फोटो : Sonipat
नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिला न मिलने से खफा अभिभावकों ने लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर थाली-चम्मच बजाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। इससे पहले अभिभावक छोटूराम चौक पर एकत्रित हुए और छात्र अभिभावक संघ के नेतृत्व में सरकार को जगाने के लिए थाली-चम्मच बजाकर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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लघु सचिवालय परिसर के मुख्य गेट पर थाली-चमच बजाते हुए अभिभावकों ने बताया कि नियम 134ए के तहत चल रही दाखिला प्रक्रिया को दो माह पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में बच्चों का नाम आने के बाद उन्होंने पुराने स्कूलों से एसएलसी निकलवा लिया, लेकिन अलॉट स्कूलों ने दाखिला देने से इनकार कर दिया। शिक्षा विभाग को इसकी शिकायत दी तो आश्वासन मिला कि सभी पात्र विद्यार्थियों के हर हाल में दाखिले होंगे, किसी भी अभिभावकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार व प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों के दाखिले किसी भी स्कूल में नहीं हो पाए। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई करने व बच्चों का दाखिला करवाने की मांग को लेकर दो महीने में उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी के साथ ही सीएम विंडो पर भी शिकायत दे चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान की तरफ किसी ने कदम नहीं उठाए। इससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है। इसी रोष स्वरूप अभिभावकों ने सोई सरकार को जगाने के लिए थाली-चम्मच बजाते हुए अपना विरोध जताया।
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दाखिले नहीं करने थे तो क्यों निकाले आवेदन
गुस्साए अभिभावकों ने सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब नियम 134ए के तहत दाखिले करवाने में सरकार समर्थ ही नहीं है तो आवेदन निकालने का औचित्य ही क्या था। अभिभावकों ने सरकार व शिक्षा मंत्री पर बच्चों का साल बर्बाद करने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने एसपी के नाम उपपुलिस अधीक्षक विपिन कादियान को शिकायत दी, जिसमें सरकार, शिक्षा मंत्री व निजी स्कूलों पर आर्थिक, मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई।
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दाखिले का अंतिम दिन आज, 9 दिनों में हुए मात्र 17 दाखिले
नियम 134ए के तहत जारी दूसरे ड्रॉ में 273 विद्यार्थियों को शामिल किया गया था, जिन्हें दाखिले के लिए 10 दिन का समय दिया गया था। शिक्षा अधिकारियों का दावा था कि सभी विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाया जाएगा, लेकिन यहां भी 9 दिनों में महज 17 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिला है, जबकि 10 का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। अभी भी 246 विद्यार्थियों के दाखिले शेष हैं। पहले ड्रॉ की बात करें तो दो महीने में 2542 विद्यार्थियों में से महज 1109 को ही दाखिला मिल पाया था, जबकि 536 का दाखिला निरस्त कर दिया गया था। 897 विद्यार्थियों के दाखिले आज भी पेंडिंग हैं।

सोई सरकार को जगाने का किया प्रयास
नियम 134ए के तहत दाखिला न मिलने से 897 विद्यार्थियों का एक साल खराब होने के कगार पर पहुंच चुका है। स्कूलों में जहां वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दाखिले से वंचित बच्चे यहां सड़कों पर शिक्षा का अधिकार मांगने पर मजबूर हैं। बच्चों का साल बचाने के लिए वीरवार को थाली-चम्मच बजाते हुए सोई सरकार को जगाने का प्रयास किया गया है। सरकार और प्रशासन से मांग की गई है कि वह जल्द बच्चों के दाखिले सुनिश्चित करवाएं, ताकि विद्यार्थी अपनी परीक्षा दे सकें और उनका साल बच सके।
- प्रवेश कुमारी, उपाध्यक्ष, छात्र अभिभावक संघ
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