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Sonipat News: रोहतक रॉयल्स बनी कबड्डी चैंपियन
Sun, 08 Feb 2026 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:20 AM IST
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फोटो : सोनीपत के राई स्थित हरियाणा खेल विवि में केसीएल के फाइनल मैच में भिड़ते खिलाड़ी। स्रो
सोनीपत। हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के परिसर में दो हफ्ते पहले शुरू हुई कबड्डी चैंपियंस लीग (केसीएल) शनिवार को खत्म हो गई। फाइनल में भिवानी बुल्स को रोमांचक मुकाबले में 32–30 में हराकर रोहतक रॉयल्स
टीम चैंपियन बन गया।
ग्रैंड फाइनल में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कुलदीप दलाल (चेयरमैन, एकेएएच), चेतन जोशी (जनरल सेक्रेटरी, उत्तराखंड) और कुमार विजय (चेयरमैन, बिहार कबड्डी एसोसिएशन) विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कबड्डी हरियाणा की शान है। केसीएल ने एक विश्वस्तरीय मंच देकर इस विरासत को और मजबूत किया है। कुलदीप दलाल ने कहा कि यह लीग युवा खिलाड़ियों को दबाव में खेलने का अनुभव देकर भारतीय कबड्डी का भविष्य तैयार कर रही है।
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फाइनल को ऐतिहासिक बताते हुए चेतन जोशी ने कहा कि केसीएल ने भारत में घरेलू कबड्डी प्रतियोगिताओं के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। कुमार विजय ने कहा कि केसीएल का जुनून, गुणवत्ता और आयोजन स्तर दिखाता है कि भारतीय कबड्डी कितनी मजबूत हो चुकी है।
इससे पहले मैट पर भिवानी बुल्स के लिए देवांक दलाल ने बोनस पॉइंट के साथ स्कोरिंग की शुरुआत की लेकिन रोहतक रॉयल्स की ओर से विजय मलिक और राकेश सिंह ने तेज रेड और संतुलित आक्रमकता के साथ शानदार जवाब दिया।
शुरुआती बढ़त बनाते हुए रॉयल्स ने पहला ऑलआउट लगाया और 9–3 की बढ़त बना ली। हालांकि, देवांक की निडर रेड्स और सौरव की अहम रिवाइवल के दम पर भिवानी ने जोरदार वापसी की। मुकाबला लगातार करवट बदलता रहा और दोनों टीमों ने सामूहिक डिफेंस के जरिए स्टार रेडर्स को काबू में रखा।
पहला हाफ रोहतक रॉयल्स के 20–16 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ। दूसरा हाफ रणनीतिक शतरंज की तरह खेला गया। भिवानी बुल्स ने उस समय बढ़त बनाई जब परवेश मलिक ने हाई-5 पूरा किया जबकि रोहतक रॉयल्स ने धैर्य और अनुशासन के साथ दबाव झेला।
चोट से जूझते हुए और लगातार डू ऑर डाई स्थितियों में घिरे रहने के बावजूद देवांक दलाल ने टीम को आखिरी पलों तक मुकाबले में बनाए रखा लेकिन राकेश सिंह की शांत रेड्स और संदीप नरवाल के निर्णायक लेट टैकल जिसमें अंतिम सेकंड्स में किए गए लगातार दो स्टॉप शामिल थे।
मैच का रुख बदलने वाले साबित हुए। अंततः रोहतक रॉयल्स ने 32–30 से मुकाबला जीतकर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया। खिताबी जीत के बाद विजय मलिक ने कहा कि यह वैसा ही फाइनल था जिसकी हमें उम्मीद थी। मुकाबला किसी भी ओर जा सकता था लेकिन हमने संयम बनाए रखा। आज हम जश्न मनाएंगे।
रॉयल्स के मुख्य कोच सुरेंद्र नाडा ने रणनीति पर बात करते हुए कहा कि हमारी योजना स्कोर चाहे जो भी हो डिफेंस को मैट पर बनाए रखने की थी। जितना आप टिके रहते हैं उतना रेडर पर दबाव बढ़ता है। हमने देवांक को सीमित करने की योजना बनाई थी। सी का सही क्रियान्वयन निर्णायक साबित हुआ।
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टीम चैंपियन बन गया।
ग्रैंड फाइनल में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कुलदीप दलाल (चेयरमैन, एकेएएच), चेतन जोशी (जनरल सेक्रेटरी, उत्तराखंड) और कुमार विजय (चेयरमैन, बिहार कबड्डी एसोसिएशन) विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कबड्डी हरियाणा की शान है। केसीएल ने एक विश्वस्तरीय मंच देकर इस विरासत को और मजबूत किया है। कुलदीप दलाल ने कहा कि यह लीग युवा खिलाड़ियों को दबाव में खेलने का अनुभव देकर भारतीय कबड्डी का भविष्य तैयार कर रही है।
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फाइनल को ऐतिहासिक बताते हुए चेतन जोशी ने कहा कि केसीएल ने भारत में घरेलू कबड्डी प्रतियोगिताओं के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। कुमार विजय ने कहा कि केसीएल का जुनून, गुणवत्ता और आयोजन स्तर दिखाता है कि भारतीय कबड्डी कितनी मजबूत हो चुकी है।
इससे पहले मैट पर भिवानी बुल्स के लिए देवांक दलाल ने बोनस पॉइंट के साथ स्कोरिंग की शुरुआत की लेकिन रोहतक रॉयल्स की ओर से विजय मलिक और राकेश सिंह ने तेज रेड और संतुलित आक्रमकता के साथ शानदार जवाब दिया।
शुरुआती बढ़त बनाते हुए रॉयल्स ने पहला ऑलआउट लगाया और 9–3 की बढ़त बना ली। हालांकि, देवांक की निडर रेड्स और सौरव की अहम रिवाइवल के दम पर भिवानी ने जोरदार वापसी की। मुकाबला लगातार करवट बदलता रहा और दोनों टीमों ने सामूहिक डिफेंस के जरिए स्टार रेडर्स को काबू में रखा।
पहला हाफ रोहतक रॉयल्स के 20–16 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ। दूसरा हाफ रणनीतिक शतरंज की तरह खेला गया। भिवानी बुल्स ने उस समय बढ़त बनाई जब परवेश मलिक ने हाई-5 पूरा किया जबकि रोहतक रॉयल्स ने धैर्य और अनुशासन के साथ दबाव झेला।
चोट से जूझते हुए और लगातार डू ऑर डाई स्थितियों में घिरे रहने के बावजूद देवांक दलाल ने टीम को आखिरी पलों तक मुकाबले में बनाए रखा लेकिन राकेश सिंह की शांत रेड्स और संदीप नरवाल के निर्णायक लेट टैकल जिसमें अंतिम सेकंड्स में किए गए लगातार दो स्टॉप शामिल थे।
मैच का रुख बदलने वाले साबित हुए। अंततः रोहतक रॉयल्स ने 32–30 से मुकाबला जीतकर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया। खिताबी जीत के बाद विजय मलिक ने कहा कि यह वैसा ही फाइनल था जिसकी हमें उम्मीद थी। मुकाबला किसी भी ओर जा सकता था लेकिन हमने संयम बनाए रखा। आज हम जश्न मनाएंगे।
रॉयल्स के मुख्य कोच सुरेंद्र नाडा ने रणनीति पर बात करते हुए कहा कि हमारी योजना स्कोर चाहे जो भी हो डिफेंस को मैट पर बनाए रखने की थी। जितना आप टिके रहते हैं उतना रेडर पर दबाव बढ़ता है। हमने देवांक को सीमित करने की योजना बनाई थी। सी का सही क्रियान्वयन निर्णायक साबित हुआ।

फोटो : सोनीपत के राई स्थित हरियाणा खेल विवि में केसीएल के फाइनल मैच में भिड़ते खिलाड़ी। स्रो