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Sonipat News: बारिश से किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी, खेतों में फसल प्रभावित तो मंडी में थमी धान की खरीद
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-जिले में 24 घंटे के दौरान औसतन 18.5 एमएम बारिश दर्ज, फसलों की कटाई और रबी की बिजाई प्रभावित-सोनीपत अनाज मंडी में महज दो हजार क्विंटल धान की हुई बिक्री, खुले में रखा धान नहीं बिका
-अधिकतम तापमान 24 डिग्री पहुंचा, न्यूनतम 16.1 डिग्री दर्ज, एक्यूआई 56 तक पहुंचा
फोटो :41: सोनीपत नई अनाज मंडी में धान की तोलाई करते मजदूर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वीरवार को रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक जिले में औसतन 18.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार तीसरे पहर तक आसमान में बादल छाए रहे और कुछ देर बूंदाबांदी भी हुई। उसके बाद धूप निकल आई। बारिश से खेत में पककर तैयार खड़ी धान, कपास और बाजरे की फसलों की कटाई प्रभावित हुई है। खराब मौसम के चलते सोनीपत अनाज मंडी में धान की खरीद और बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित रही।
किसान धान, कपास और बाजरे की फसलों की कटाई और कढ़ाई में जुटे हुए हैं। ऐसे में बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से फसल कटाई का काम ठप हो गया है। वहीं, रबी सीजन की फसलों की बिजाई के लिए खेत तैयार करने का काम भी प्रभावित हुआ है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक कृषि गतिविधियों पर बारिश का असर बना रह सकता है।
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सोनीपत मंडी में महज दो हजार क्विंटल धान बिका
खराब मौसम का असर सोनीपत अनाज मंडी में भी दिखाई दिया। दूसरे दिन धान की बिक्री प्रभावित रही। शुक्रवार को मंडी में महज दो हजार क्विंटल धान की ही बोली लग पाई। शेड के नीचे रखा धान ही बिक सका। शुक्रवार को मंडी पहुंचे धान को भी उतारने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी। बारिश के कारण धान के भाव में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मंडी में 1509 किस्म का धान 4281 रुपये प्रति क्विंटल और 1718 किस्म का धान 4601 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। वहीं, बारिश के चलते 1121 किस्म के धान की शुक्रवार को मंडी में आवक नहीं हुई। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फसल बेचने के लिए इंतजार भी करना पड़ रहा है।
गन्नौर में सबसे ज्यादा 33 एमएम बारिश दर्ज
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान गन्नौर में सबसे अधिक 33 एमएम और राई में 31 एमएम बारिश हुई। सोनीपत में 21 एमएम, खानपुर कलां में 13 एमएम, गोहाना में 11 एमएम और खरखौदा में सबसे कम दो एमएम बारिश दर्ज की गई।
तापमान में गिरावट, न्यूनतम पारा 16.1 डिग्री पर पहुंचा
बारिश और बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट आई है। तीन दिन पहले तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जो अब घटकर 24 डिग्री तक पहुंच गया है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार तक लगभग समाप्त हो जाएगा। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार, एक्यूआई 56 दर्ज
बारिश का असर वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिला है। शुक्रवार को सोनीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 56 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार आसमान साफ होने और हवा की गति बढ़ने से वायु गुणवत्ता में और सुधार हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार तक समाप्त हो जाएगा। इसके बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। लगातार बारिश से कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
-डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ
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-अधिकतम तापमान 24 डिग्री पहुंचा, न्यूनतम 16.1 डिग्री दर्ज, एक्यूआई 56 तक पहुंचा
फोटो :41: सोनीपत नई अनाज मंडी में धान की तोलाई करते मजदूर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वीरवार को रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक जिले में औसतन 18.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार तीसरे पहर तक आसमान में बादल छाए रहे और कुछ देर बूंदाबांदी भी हुई। उसके बाद धूप निकल आई। बारिश से खेत में पककर तैयार खड़ी धान, कपास और बाजरे की फसलों की कटाई प्रभावित हुई है। खराब मौसम के चलते सोनीपत अनाज मंडी में धान की खरीद और बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित रही।
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किसान धान, कपास और बाजरे की फसलों की कटाई और कढ़ाई में जुटे हुए हैं। ऐसे में बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से फसल कटाई का काम ठप हो गया है। वहीं, रबी सीजन की फसलों की बिजाई के लिए खेत तैयार करने का काम भी प्रभावित हुआ है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक कृषि गतिविधियों पर बारिश का असर बना रह सकता है।
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सोनीपत मंडी में महज दो हजार क्विंटल धान बिका
खराब मौसम का असर सोनीपत अनाज मंडी में भी दिखाई दिया। दूसरे दिन धान की बिक्री प्रभावित रही। शुक्रवार को मंडी में महज दो हजार क्विंटल धान की ही बोली लग पाई। शेड के नीचे रखा धान ही बिक सका। शुक्रवार को मंडी पहुंचे धान को भी उतारने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी। बारिश के कारण धान के भाव में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मंडी में 1509 किस्म का धान 4281 रुपये प्रति क्विंटल और 1718 किस्म का धान 4601 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। वहीं, बारिश के चलते 1121 किस्म के धान की शुक्रवार को मंडी में आवक नहीं हुई। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फसल बेचने के लिए इंतजार भी करना पड़ रहा है।
गन्नौर में सबसे ज्यादा 33 एमएम बारिश दर्ज
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान गन्नौर में सबसे अधिक 33 एमएम और राई में 31 एमएम बारिश हुई। सोनीपत में 21 एमएम, खानपुर कलां में 13 एमएम, गोहाना में 11 एमएम और खरखौदा में सबसे कम दो एमएम बारिश दर्ज की गई।
तापमान में गिरावट, न्यूनतम पारा 16.1 डिग्री पर पहुंचा
बारिश और बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट आई है। तीन दिन पहले तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जो अब घटकर 24 डिग्री तक पहुंच गया है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार तक लगभग समाप्त हो जाएगा। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार, एक्यूआई 56 दर्ज
बारिश का असर वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिला है। शुक्रवार को सोनीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 56 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार आसमान साफ होने और हवा की गति बढ़ने से वायु गुणवत्ता में और सुधार हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार तक समाप्त हो जाएगा। इसके बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। लगातार बारिश से कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
-डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ