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Sonipat News: डेंगू का डंक, आंकड़ा 78 पहुंचा, बढ़खालसा में सबसे ज्यादा मामले
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फोटो 36 : सोनीपत के गांव गढ़ शाहजहांपुर में ग्रामीणों को मच्छरदानी वितरित करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। मानसून की विदाई के बावजूद जिले में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू के लगातार सामने आ रहे नए मामलों के साथ मरीजों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। जिले में बढ़खालसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। यहां डेंगू के 26 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, मलेरिया के पांच और चिकनगुनिया के दो मरीजों की भी पुष्टि हुई है। 166 टीमें घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जानकारी जुटाने, लार्वा की जांच करने और मच्छरदानी वितरित करने में लगी हैं।
डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिन इलाकों में मरीज सामने आए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग विशेष निगरानी रख रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें मरीजों के घरों के आसपास के मकानों में भी सर्वे कर रही हैं, ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें समाप्त किया जा सके। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों पर टेमेफोस लार्वानाशक का छिड़काव करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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10.38 लाख घरों का सर्वे, 356 लोगों को थमाए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने ने व्यापक अभियान चलाया है। अब तक जिले में 10,38,799 घरों का सर्वे कर लार्वा मिलने पर 356 लोगों को नोटिस दिया। डेंगू की पहचान के लिए 3,246, मलेरिया के लिए 1,41,043 और चिकनगुनिया के लिए 132 जांच की जा चुकी हैं।
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बढ़खालसा में 26 और हलालपुर में नौ मामले
बढ़खालसा सीएचसी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। यहां अब तक 26 मरीज मिल चुके हैं। इसी क्षेत्र में मलेरिया के दो मामले भी सामने आए हैं। हलालपुर सीएचसी क्षेत्र नौ डेंगू मरीजों के साथ दूसरे स्थान पर है। पटेल नगर में सात, फिरोजपुर बांगर और कालूपुर में छह-छह, जबकि गन्नौर, जुआं और जटवाड़ा में पांच-पांच मरीजों की पुष्टि हुई है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर सर्वे और लार्वा जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
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वर्जनमच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। फील्ड में निगरानी बढ़ाने, एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार जांच शिविर लगाने को कहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. योगेश गोयल ने स्वास्थ्य कर्मियों को बुखार के मरीजों की रक्त जांच सुनिश्चित करने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में मच्छरों के पनपने के स्रोतों को खत्म करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
- डॉ. अलंकृता गेरा, जिला सिविल सर्जन।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। मानसून की विदाई के बावजूद जिले में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू के लगातार सामने आ रहे नए मामलों के साथ मरीजों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। जिले में बढ़खालसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। यहां डेंगू के 26 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, मलेरिया के पांच और चिकनगुनिया के दो मरीजों की भी पुष्टि हुई है। 166 टीमें घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जानकारी जुटाने, लार्वा की जांच करने और मच्छरदानी वितरित करने में लगी हैं।
डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिन इलाकों में मरीज सामने आए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग विशेष निगरानी रख रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें मरीजों के घरों के आसपास के मकानों में भी सर्वे कर रही हैं, ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें समाप्त किया जा सके। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों पर टेमेफोस लार्वानाशक का छिड़काव करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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10.38 लाख घरों का सर्वे, 356 लोगों को थमाए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने ने व्यापक अभियान चलाया है। अब तक जिले में 10,38,799 घरों का सर्वे कर लार्वा मिलने पर 356 लोगों को नोटिस दिया। डेंगू की पहचान के लिए 3,246, मलेरिया के लिए 1,41,043 और चिकनगुनिया के लिए 132 जांच की जा चुकी हैं।
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बढ़खालसा में 26 और हलालपुर में नौ मामले
बढ़खालसा सीएचसी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। यहां अब तक 26 मरीज मिल चुके हैं। इसी क्षेत्र में मलेरिया के दो मामले भी सामने आए हैं। हलालपुर सीएचसी क्षेत्र नौ डेंगू मरीजों के साथ दूसरे स्थान पर है। पटेल नगर में सात, फिरोजपुर बांगर और कालूपुर में छह-छह, जबकि गन्नौर, जुआं और जटवाड़ा में पांच-पांच मरीजों की पुष्टि हुई है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर सर्वे और लार्वा जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
वर्जनमच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। फील्ड में निगरानी बढ़ाने, एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार जांच शिविर लगाने को कहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. योगेश गोयल ने स्वास्थ्य कर्मियों को बुखार के मरीजों की रक्त जांच सुनिश्चित करने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में मच्छरों के पनपने के स्रोतों को खत्म करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
- डॉ. अलंकृता गेरा, जिला सिविल सर्जन।