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Sonipat News: सीएचसी जुआं में फर्स्ट रेफरल यूनिट शुरू करने की तैयारी
Mon, 24 Nov 2025 01:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:47 AM IST
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फोटो 20: सोनीपत के सीएचसी जुआं में यह कक्ष, जिसमें एफआरयू की जाएगी स्थापित। स्रोत: स्वास्थ्य व
सोनीपत। जुआं क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की जुआं सीएचसी में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय को पत्र लिखा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भवन का निरीक्षण कर चुके हैं। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद एफआरयू बनने के बाद सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होगा।
एफआरयू शुरू होने के बाद आपात व सामान्य प्रसूति सेवाएं, छोटे ऑपरेशन, हादसे में घायल मरीजों का तुरंत इलाज जैसी सुविधाएं मिल पाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को राहत देने के लिए सीएचसी को एफआरयू बनाने का निर्णय लिया है। यहां कम संख्या में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
सीएचसी को एफआरयू में तब्दील करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकार को डिमांड भेजी है। रोहतक पीजीआई या खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज में रेफर किए जाने वाले मरीजों को यहीं से रेफर किया जा सकेगा। उन्हें जिला अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एफआरयू यानी फर्स्ट रेफरल यूनिट। इसमें सीएचसी में वह सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसमें 24 घंटे आपात सेवाएं उपलब्ध होती हैं।
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हर माह 30 से ज्यादा डिलीवरी हो रही
वर्तमान में सीएचसी जुआं में दो महिला चिकित्सक हैं। अस्पताल में हर माह 30 से ज्यादा सामान्य डिलीवरी हो रही है। दिन के समय दोनों चिकित्सक मौजूद रहती हैं। रात के समय डिलीवरी केस होने पर ऑन कॉल ड्यूटी पर चिकित्सक को बुलाना पड़ता है। कई बार चिकित्सक न मिलने पर जरूरी होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में किया था बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय के भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक के मुताबिक सीएचसी के तहत सवा लाख आबादी होनी जरूरी है। अक्तूबर 2024 में सीएचसी जुआं के तहत 2,39,849 लाख आबादी थी। इसके चलते काम का लोड ज्यादा बढ़ रहा था। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने आबादी के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव किया था। अब सीएचसी जुआं के तहत 1,49,230 आबादी रह गई।
सीएचसी में जल्द एफआरयू बनाने की तैयारी है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी भवन का निरीक्षण कर चुके है। एफआरयू शुरू होने से सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा हो सकेगी। -डाॅ. राजेश सिंघल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी जुआं
जुआं सीएचसी में जल्द ही एफआरयू बनाया जाएगा। वहीं, सीएचसी बढ़खालसा में एफआरयू के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। सीएचसी में ही सभी आपात सेवाओं को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. जितेंद्र, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान।
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एफआरयू शुरू होने के बाद आपात व सामान्य प्रसूति सेवाएं, छोटे ऑपरेशन, हादसे में घायल मरीजों का तुरंत इलाज जैसी सुविधाएं मिल पाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को राहत देने के लिए सीएचसी को एफआरयू बनाने का निर्णय लिया है। यहां कम संख्या में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
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सीएचसी को एफआरयू में तब्दील करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकार को डिमांड भेजी है। रोहतक पीजीआई या खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज में रेफर किए जाने वाले मरीजों को यहीं से रेफर किया जा सकेगा। उन्हें जिला अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एफआरयू यानी फर्स्ट रेफरल यूनिट। इसमें सीएचसी में वह सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसमें 24 घंटे आपात सेवाएं उपलब्ध होती हैं।
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हर माह 30 से ज्यादा डिलीवरी हो रही
वर्तमान में सीएचसी जुआं में दो महिला चिकित्सक हैं। अस्पताल में हर माह 30 से ज्यादा सामान्य डिलीवरी हो रही है। दिन के समय दोनों चिकित्सक मौजूद रहती हैं। रात के समय डिलीवरी केस होने पर ऑन कॉल ड्यूटी पर चिकित्सक को बुलाना पड़ता है। कई बार चिकित्सक न मिलने पर जरूरी होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में किया था बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय के भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक के मुताबिक सीएचसी के तहत सवा लाख आबादी होनी जरूरी है। अक्तूबर 2024 में सीएचसी जुआं के तहत 2,39,849 लाख आबादी थी। इसके चलते काम का लोड ज्यादा बढ़ रहा था। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने आबादी के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव किया था। अब सीएचसी जुआं के तहत 1,49,230 आबादी रह गई।
सीएचसी में जल्द एफआरयू बनाने की तैयारी है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी भवन का निरीक्षण कर चुके है। एफआरयू शुरू होने से सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा हो सकेगी। -डाॅ. राजेश सिंघल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी जुआं
जुआं सीएचसी में जल्द ही एफआरयू बनाया जाएगा। वहीं, सीएचसी बढ़खालसा में एफआरयू के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। सीएचसी में ही सभी आपात सेवाओं को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. जितेंद्र, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान।