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Sonipat News: प्रदूषण नौनिहालों को बना रहा सांस का मरीज

Fri, 19 Dec 2025 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 19 Dec 2025 02:12 AM IST
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Pollution is making children suffer from respiratory problems
फोटो 14: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में बीमार बच्चों को लेकर पहुंची महिलाएं। संवाद
सोनीपत। ठंड के साथ प्रदूषण का खतरनाक स्तर पर पहुंचने की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसके चलते बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 200 से ज्यादा बच्चे उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं। सामान्य दिनों में यह ओपीडी 100 से 150 रहती थी।
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अस्पताल के बाल रोग वार्ड में 14 बच्चे भर्ती हैं। चिकित्सक अभिभावकों को सांस लेने में तकलीफ झेल रहे बच्चों को एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं। सर्दी बढ़ने से बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।साथ ही प्रदूषण के चलते बच्चों काे सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
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दिन-रात के तापमान में काफी अंतर है। मौसम में यही बदलाव सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने कहा कि अधिकांश बच्चे बुखार, खांसी, जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है।
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प्रदूषण की वजह से भी बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। पांच साल से छोटे बच्चों को इससे अधिक खतरा है। शुरुआत में बच्चों को सर्दी एवं खांसी की समस्या होती है। एहतियात न बरतने पर वह निमोनिया की गिरफ्त में आ जाते हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
यह एहतियात बरती जाए
दोपहर में जब धूप निकलती है तब बच्चों को पर्याप्त कपड़े पहनाकर रखें। पीने के लिए गुनगुना पानी दें। सही मात्रा में पानी पिलाते रहें। मौसमी फलों को लें। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड से बचाने का उपाय करें।
उन्होंने बताया कि सर्दी में बच्चे नहाने से परहेज करते हैं जिससे उन्हें चर्म रोग भी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रतिदिन गुनगुने पानी शरीर साफ करना चाहिए। प्रतिदिन साफ कपड़े पहनाना चाहिए।

निमोनिया के लक्षण

सर्दी, खांसी व जुकाम का बना रहना, बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होना, दूध न पीना, दूध पीते ही उल्टी आना, सांस तेजी से चलना, बच्चे का शरीर नीला पड़ना।



बचाव के उपाय

ठंड से बचाव करें, बच्चों को खुली हवा में न घुमाएं, गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, गर्म व ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, दूध में हल्दी डालकर दें।
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