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कोरोना में ऑक्सीजन ने रुलाया तो पौधरोपण को मुहिम बनाया
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ट्री मैन देवेंद्र सूरा। संवाद
- फोटो : Sonipat
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बढ़ती जनसंख्या और घटते पेड़ों के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ता चला गया, लेकिन लोगों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझ नहीं आया। इस बीच कोरोना महामारी ने जनमानस को पूरी तरह झकझोर दिया। कोरोना की दूसरी लहर में जब ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान गई, तब लोगों को पेड़ों का महत्व समझ में आया।
लंबे समय से विकास के नाम पर हो रही पेड़ों की कटाई का मानव जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ा। सब जानते हुए भी लोगों ने कभी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। इन सबके बीच लोगों को शुद्ध वायु प्रदान करने और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर कल देने के उद्देश्य से सोनीपत का एक युवा आगे आया और उन्होंने नि:स्वार्थ भावना से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास शुरू किए। इस युवा ने जो मुहिम शुरू की थी, वह जन आंदोलन बनने लगी है। इस युवा देवेंद्र सूरा को आज पूरे देश में ट्री मैन के नाम से जाना जाता है। उनकी जनहित के लिए नि:स्वार्थ भावना और बेहतर कार्य को देखते हुए नगर निगम ने उन्हें स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया है। युवा दिवस के मौके पर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने वाले युवाओं से बात की गई तो सभी ने ट्री मैन देवेंद्र सूरा को अपना आइडल बताया और कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से आज वह पर्यावरण मित्र बनकर पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे रहे हैं।
बोले युवा
गांव के अस्पताल, श्मशान घाट व अन्य रास्तों पर पौधरोपण किया
मैंने चार साल पहले ट्री मैन देवेंद्र सूरा के बारे पढ़ा था। उसके बाद मैं उनसे मिला और तभी से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा हूं। मैंने गांव के युवाओं को एकत्रित कर एक टीम बनाई है। हमारी टीम में सभी युवा कहीं न कहीं काम करते हैं, लेकिन सभी काम से समय निकालकर पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। अब तक गांव के अस्पताल, श्मशान घाट व अन्य रास्तों पर पौधरोपण किया और इसकी निरंतर देखभाल करते हैं। आसपास के गांवों में भी त्रिवेणी लगाकर युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
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- संजय शर्मा, गांव जुआं
पौधरोपण की मुहिम को बढ़ा रहे
मैं एक निजी कंपनी में काम करता हूं और ट्री मैन देवेंद्र सूरा के साथ 6 साल से जुड़ा हुआ हूं। देवेंद्र सूरा के अभियान से ही मेरे अंदर कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा हुआ। नौकरी करते हुए पहले जो समय ऐसे ही व्यतीत कर देते थे, अब उसे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के लिए प्रयोग करते हैं। नर्सरी में पौधों की देखभाल करने और नई पौध तैयार करने में जो आत्मिक शांति मिलती है, उसे बयां नहीं किया जा सकता। देवेंद्र सूरा द्वारा शुरू की गई मुहिम आज आंदोलन बन चुकी है, और काफी संख्या में युवा इनसे प्रेरित होकर पौधरोपण की मुहिम को बढ़ा रहे हैं।
- मंदीप राठी, शास्त्री कॉलोनी
पौधरोपण से एक किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट तैयार की
कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से अनेक लोगों की जान चली गई, उसके बाद ही लोगों को पौधों की अहमियत समझ में आई। पहले हम लोगों को उसके आसपास पौधे लगाने के लिए कहते थे तो वे मना कर देते थे, लेकिन आज लोग खुद पौधे मांग रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देते हुए मैंने मंदीप व अपने साथियों के साथ मिलकर शास्त्री कॉलोनी व इंडियन कॉलोनी के बीच करीब एक किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट तैयार की है। यहां रोपे गए पौधों की अब कॉलोनी में रहने वाले लोग देखभाल करने लगे हैं।
- प्रदीप लठवाल, शास्त्री कॉलोनी
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लंबे समय से विकास के नाम पर हो रही पेड़ों की कटाई का मानव जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ा। सब जानते हुए भी लोगों ने कभी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। इन सबके बीच लोगों को शुद्ध वायु प्रदान करने और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर कल देने के उद्देश्य से सोनीपत का एक युवा आगे आया और उन्होंने नि:स्वार्थ भावना से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास शुरू किए। इस युवा ने जो मुहिम शुरू की थी, वह जन आंदोलन बनने लगी है। इस युवा देवेंद्र सूरा को आज पूरे देश में ट्री मैन के नाम से जाना जाता है। उनकी जनहित के लिए नि:स्वार्थ भावना और बेहतर कार्य को देखते हुए नगर निगम ने उन्हें स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया है। युवा दिवस के मौके पर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने वाले युवाओं से बात की गई तो सभी ने ट्री मैन देवेंद्र सूरा को अपना आइडल बताया और कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से आज वह पर्यावरण मित्र बनकर पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे रहे हैं।
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बोले युवा
गांव के अस्पताल, श्मशान घाट व अन्य रास्तों पर पौधरोपण किया
मैंने चार साल पहले ट्री मैन देवेंद्र सूरा के बारे पढ़ा था। उसके बाद मैं उनसे मिला और तभी से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा हूं। मैंने गांव के युवाओं को एकत्रित कर एक टीम बनाई है। हमारी टीम में सभी युवा कहीं न कहीं काम करते हैं, लेकिन सभी काम से समय निकालकर पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। अब तक गांव के अस्पताल, श्मशान घाट व अन्य रास्तों पर पौधरोपण किया और इसकी निरंतर देखभाल करते हैं। आसपास के गांवों में भी त्रिवेणी लगाकर युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
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- संजय शर्मा, गांव जुआं
पौधरोपण की मुहिम को बढ़ा रहे
मैं एक निजी कंपनी में काम करता हूं और ट्री मैन देवेंद्र सूरा के साथ 6 साल से जुड़ा हुआ हूं। देवेंद्र सूरा के अभियान से ही मेरे अंदर कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा हुआ। नौकरी करते हुए पहले जो समय ऐसे ही व्यतीत कर देते थे, अब उसे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के लिए प्रयोग करते हैं। नर्सरी में पौधों की देखभाल करने और नई पौध तैयार करने में जो आत्मिक शांति मिलती है, उसे बयां नहीं किया जा सकता। देवेंद्र सूरा द्वारा शुरू की गई मुहिम आज आंदोलन बन चुकी है, और काफी संख्या में युवा इनसे प्रेरित होकर पौधरोपण की मुहिम को बढ़ा रहे हैं।
- मंदीप राठी, शास्त्री कॉलोनी
पौधरोपण से एक किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट तैयार की
कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से अनेक लोगों की जान चली गई, उसके बाद ही लोगों को पौधों की अहमियत समझ में आई। पहले हम लोगों को उसके आसपास पौधे लगाने के लिए कहते थे तो वे मना कर देते थे, लेकिन आज लोग खुद पौधे मांग रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देते हुए मैंने मंदीप व अपने साथियों के साथ मिलकर शास्त्री कॉलोनी व इंडियन कॉलोनी के बीच करीब एक किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट तैयार की है। यहां रोपे गए पौधों की अब कॉलोनी में रहने वाले लोग देखभाल करने लगे हैं।
- प्रदीप लठवाल, शास्त्री कॉलोनी