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हर कार्य एआई से संभव नहीं, वरिष्ठों के साथ केस का करें अध्ययन : न्यायाधीश आलोक जैन

Tue, 17 Mar 2026 02:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 17 Mar 2026 02:58 AM IST
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Not Every Task Is Possible Through AI; Study Cases with Seniors: Justice Alok Jain
16जेएनडी31:कोर्ट परिसर का निरीक्षण करते हुए। संवाद।
नरवाना। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से आगे बढ़ रहा है। न्यायिक कार्यों में भी तकनीक का प्रभाव दिखाई दे रहा है लेकिन हर कार्य एआई के माध्यम से संभव नहीं है। युवा अपने वरिष्ठ वकीलों के साथ बैठकर केस का गहराई से अध्ययन करें और उनके अनुभव से सीख लें। यह बात युवा वकीलों को समझाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक जैन ने कही।
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वे सोमवार को नरवाना न्यायालय परिसर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। परिसर में पहुंचने पर बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट अरुण नैन ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद न्यायमूर्ति आलोक जैन ने अदालत में बैठकर कार्यप्रणाली, लंबित मामलों और न्यायिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पिछले चार सालों के केसों की जांच की।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वकीलों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। न्यायमूर्ति आलोक जैन ने कहा कि नरवाना बार एसोसिएशन और यहां के न्यायाधीशों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला है दोनों पक्ष मिलकर न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में सुनवाई में देरी देखने को मिलती है लेकिन इसके लिए केवल एक पक्ष जिम्मेदार नहीं होता। कई बार दोनों पक्षों की ओर से देरी होती है और कहीं-कहीं आम नागरिक भी इसमें भूमिका निभाते हैं। इस स्थिति में सुधार के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।
बार एसोसिएशन द्वारा रखी गई मांगों के संबंध में न्यायमूर्ति आलोक जैन ने कहा कि जो भी मांगें रखी गई हैं उन्हें उच्च स्तर पर मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला वकीलों के संदर्भ में कहा कि पहले समाज में यह धारणा थी कि महिलाएं पीछे रहती हैं लेकिन अब समय बदल गया है। महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

उन्होंने जींद की एक वरिष्ठ महिला न्यायाधीश का उदाहरण देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का उत्कृष्ट रूप से निर्वहन कर रही हैं। न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जज, वकील और आम नागरिक सभी को मिलकर प्रयास करना होगा तभी मामलों का शीघ्र और प्रभावी निपटारा संभव हो सकेगा। इस आदित्य शर्मा, रघुभूषण गुप्ता, गौरव सहारण, रणधीर नैन आदि मौजूद रहे।
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