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Sonipat News: आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में 8 देशों के 9 फेलो ले रहे सौर ऊर्जा की ट्रेनिंग
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सोनीपत। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी राई स्थित आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में पहली बार नियमित कक्षाएं शुरू हुई हैं। 50 एकड़ में फैले कैंपस में 3 सितंबर से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सोलर सिस्टम्स एंड मैनेजमेंट की कक्षाएं शुरू की गई हैं। पहले बैच में आठ देशों के नौ अंतरराष्ट्रीय फेलो शामिल हैं।
एक वर्ष के इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों की तकनीक, डिजाइन, प्रबंधन और व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। पाठ्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विशेषज्ञ तैयार करना है, जो अपने देशों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षण और तकनीकी अनुप्रयोग को आगे बढ़ा सकें।
कार्यक्रम में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ सौर ऊर्जा प्रणालियों की कार्यप्रणाली और वास्तविक परिस्थितियों में उनके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ शिक्षक और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।
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पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद फेलो को यूरोप में एक माह की इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें सौर ऊर्जा परियोजनाओं और प्रणालियों पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से संचालित हो रहा कार्यक्रम
सोनीपत कैंपस में शुरू किया गया यह कार्यक्रम आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की देखरेख में संचालित हो रहा है। इसके लिए इंटरनेशनल सोलर अलायंस और फ्रांस के आईएनईएस का सहयोग प्राप्त है, जबकि संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन की ओर से प्रायोजन किया गया है। सौर ऊर्जा की बढ़ती वैश्विक जरूरतों को देखते हुए कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता के साथ प्रबंधन और व्यावहारिक अनुप्रयोग पर भी जोर दिया गया है।
प्रशिक्षण के बाद अपने देशों में सौर तकनीक को बढ़ावा देंगे
कार्यक्रम के तहत फेलो को भविष्य के प्रशिक्षक और संसाधन विशेषज्ञ के रूप में तैयार करने की योजना है। यूरोप में इंटर्नशिप पूरी करने के बाद वे अपने संबंधित देशों में सोलर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन रिसोर्स सेंटर से जुड़ेंगे। वहां वे सौर ऊर्जा तकनीक के इस्तेमाल, प्रशिक्षण और स्थानीय स्तर पर इसके विस्तार में योगदान देंगे।
120 से अधिक देशों के लिए मानव संसाधन तैयार करने की योजना
आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रमुख प्रो. रमेश नारायणन के अनुसार, इस पहल से ऊर्जा शिक्षा और प्रबंधन के क्षेत्र में संस्थान की अंतरराष्ट्रीय भूमिका मजबूत होगी। कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य में इंटरनेशनल सोलर अलायंस के 120 से अधिक सदस्य देशों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सोनीपत कैंपस में अकादमिक गतिविधियों का विस्तार
आईआईटी दिल्ली सोनीपत कैंपस के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस शुरुआत को अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह सोनीपत परिसर में आईआईटी दिल्ली का पहला नियमित फिजिकल टीचिंग प्रोग्राम है। आने वाले वर्षों में कैंपस में अन्य अकादमिक कार्यक्रम भी शुरू किए जाने की योजना है।
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एक वर्ष के इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों की तकनीक, डिजाइन, प्रबंधन और व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। पाठ्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विशेषज्ञ तैयार करना है, जो अपने देशों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षण और तकनीकी अनुप्रयोग को आगे बढ़ा सकें।
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कार्यक्रम में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ सौर ऊर्जा प्रणालियों की कार्यप्रणाली और वास्तविक परिस्थितियों में उनके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ शिक्षक और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।
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पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद फेलो को यूरोप में एक माह की इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें सौर ऊर्जा परियोजनाओं और प्रणालियों पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से संचालित हो रहा कार्यक्रम
सोनीपत कैंपस में शुरू किया गया यह कार्यक्रम आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की देखरेख में संचालित हो रहा है। इसके लिए इंटरनेशनल सोलर अलायंस और फ्रांस के आईएनईएस का सहयोग प्राप्त है, जबकि संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन की ओर से प्रायोजन किया गया है। सौर ऊर्जा की बढ़ती वैश्विक जरूरतों को देखते हुए कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता के साथ प्रबंधन और व्यावहारिक अनुप्रयोग पर भी जोर दिया गया है।
प्रशिक्षण के बाद अपने देशों में सौर तकनीक को बढ़ावा देंगे
कार्यक्रम के तहत फेलो को भविष्य के प्रशिक्षक और संसाधन विशेषज्ञ के रूप में तैयार करने की योजना है। यूरोप में इंटर्नशिप पूरी करने के बाद वे अपने संबंधित देशों में सोलर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन रिसोर्स सेंटर से जुड़ेंगे। वहां वे सौर ऊर्जा तकनीक के इस्तेमाल, प्रशिक्षण और स्थानीय स्तर पर इसके विस्तार में योगदान देंगे।
120 से अधिक देशों के लिए मानव संसाधन तैयार करने की योजना
आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रमुख प्रो. रमेश नारायणन के अनुसार, इस पहल से ऊर्जा शिक्षा और प्रबंधन के क्षेत्र में संस्थान की अंतरराष्ट्रीय भूमिका मजबूत होगी। कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य में इंटरनेशनल सोलर अलायंस के 120 से अधिक सदस्य देशों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सोनीपत कैंपस में अकादमिक गतिविधियों का विस्तार
आईआईटी दिल्ली सोनीपत कैंपस के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस शुरुआत को अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह सोनीपत परिसर में आईआईटी दिल्ली का पहला नियमित फिजिकल टीचिंग प्रोग्राम है। आने वाले वर्षों में कैंपस में अन्य अकादमिक कार्यक्रम भी शुरू किए जाने की योजना है।