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जैनपुर में यमुना में खनन करने को उतारी मशीनें, एसआईटी ने छापा मारकर रुकवाया
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सोनीपत। यमुना में रेत खनन का खेल दोबारा से शुरू हो गया है। जहां सरकार के 50 करोड़ रुपये से ज्यादा दबाकर बैठने वाली जैनपुर की योद्धा माइंस का खनन पट्टा निलंबित करने के बाद दोबारा से मशीनें यमुना में उतार दी र्गईं। इसका पता चलते ही अवैध खनन रोकने को बनी एसआईटी ने जैनपुर के पास यमुना में छापा मारा और वहां खनन कर रही मशीनों को बंद करा दिया। हालांकि वहां अनुमति लेकर खनन करने की बात कही गई, लेकिन वहां किसी तरह के नियमों का पालन ही नहीं किया जा रहा था।
जैनपुर गांव के पास यमुना में योद्धा माइंस को खनन करने के लिए पट्टा आवंटित किया गया था। लेकिन योद्धा माइंस ने सरकार का रुपया जमा नहीं कराया और वह खनन करता रहा। जिससे उस पर 50 करोड़ से ज्यादा बकाया हो गया था। उसके सरकार का रुपया दबाने पर खनन विभाग ने नोटिस जारी किया था, लेकिन उसके बाद भी उसने रुपये जमा नहीं कराए। जबकि सोनीपत जिले में सबसे ज्यादा सरकार का रुपया उस पर ही बकाया बताया जा रहा था। इसके बावजूद वह रुपये जमा नहीं करा रहा था तो खनन विभाग ने उसका पट्टा निलंबित कर दिया गया था। अब जैनपुर में यमुना के अंदर योद्धा माइंस ने रविवार को अधिकारियों की छुट्टी होने के कारण खनन करने के लिए दोबारा से मशीन उतार दी और वहां खनन भी शुरू कर दिया गया। इसकी जानकारी खनन विभाग के अधिकारियों व अवैध खनन रोकने को गठित एसआईटी के पास पहुंची तो एसआईटी ने वहां तुरंत छापा मार दिया। वहां काफी देर तक खींचतान चलती रही और वहां कागजात नहीं दिखाने के कारण खनन बंद करा दिया गया। वहां खनन ठेकेदार ने खनन विभाग के प्रमुख सचिव के आदेश पर खनन करने की बात भी कही, लेकिन वह कागज नहीं दिखा सका। इसके अलावा वहां नियमों का पूरी तरह से पालन भी नहीं किया जा रहा था। इस तरह से यमुना में खनन का खेल दोबारा से शुरू हो चुका है।
वर्जन :::
यमुना में योद्धा माइंस के खनन करने के कुछ कागजात मिले थे तो ऑफिस में रखे हुए हैं। उनको देखकर ही ज्यादा कुछ बताया जा सकता है। यमुना में खनन जरूर शुरू हुआ था, जहां उसे टीम ने बंद करा दिया था।
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-राजेश, खनन अधिकारी।
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जैनपुर गांव के पास यमुना में योद्धा माइंस को खनन करने के लिए पट्टा आवंटित किया गया था। लेकिन योद्धा माइंस ने सरकार का रुपया जमा नहीं कराया और वह खनन करता रहा। जिससे उस पर 50 करोड़ से ज्यादा बकाया हो गया था। उसके सरकार का रुपया दबाने पर खनन विभाग ने नोटिस जारी किया था, लेकिन उसके बाद भी उसने रुपये जमा नहीं कराए। जबकि सोनीपत जिले में सबसे ज्यादा सरकार का रुपया उस पर ही बकाया बताया जा रहा था। इसके बावजूद वह रुपये जमा नहीं करा रहा था तो खनन विभाग ने उसका पट्टा निलंबित कर दिया गया था। अब जैनपुर में यमुना के अंदर योद्धा माइंस ने रविवार को अधिकारियों की छुट्टी होने के कारण खनन करने के लिए दोबारा से मशीन उतार दी और वहां खनन भी शुरू कर दिया गया। इसकी जानकारी खनन विभाग के अधिकारियों व अवैध खनन रोकने को गठित एसआईटी के पास पहुंची तो एसआईटी ने वहां तुरंत छापा मार दिया। वहां काफी देर तक खींचतान चलती रही और वहां कागजात नहीं दिखाने के कारण खनन बंद करा दिया गया। वहां खनन ठेकेदार ने खनन विभाग के प्रमुख सचिव के आदेश पर खनन करने की बात भी कही, लेकिन वह कागज नहीं दिखा सका। इसके अलावा वहां नियमों का पूरी तरह से पालन भी नहीं किया जा रहा था। इस तरह से यमुना में खनन का खेल दोबारा से शुरू हो चुका है।
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यमुना में योद्धा माइंस के खनन करने के कुछ कागजात मिले थे तो ऑफिस में रखे हुए हैं। उनको देखकर ही ज्यादा कुछ बताया जा सकता है। यमुना में खनन जरूर शुरू हुआ था, जहां उसे टीम ने बंद करा दिया था।
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-राजेश, खनन अधिकारी।