यमुना में खनन ठेकेदार ने पानी रोकने को 100 से ज्यादा पहाड़ बनाए, शासन को रिपोर्ट भेजी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार नदियों को बचाने के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर रही है, लेकिन यहां यमुना नदी में रेत खनन ठेकेदारों ने रेत के पहाड़ व बांध बनाकर बुरा हाल कर दिया है। मिमारपुर व टिकौला में यमुना के अंदर रेत के 100 से ज्यादा पहाड़ बना दिए तो यमुना में जगह-जगह बांध बना दिए गए हैं। जिससे यमुना की धार बदल गई है और यमुना का पानी यूपी की ओर चला गया है। जिसका सबसे बड़ा नुकसान यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों को हुआ है और इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है। क्योंकि इस तरह से यमुना का स्वरूप बदलने के बावजूद भी जेसीबी मशीनों से खनन हो रहा है। जिस पर खनन विभाग के अधिकारियों ने कंपनी के खिलाफ अपनी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है और वहां से ठेका कंपनी को नोटिस जारी करने की तैयारी है। इस पूरे मामले की शिकायत शनिवार को यहां बैठक में आने पर खनन मंत्री मूलचंद शर्मा से की जाएगी।
यमुना में खनन का ठेका लेने के बाद से अधिकतर ठेकेदार रुपया जमा नहीं करा रहे थे, जिससे उनपर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हो गया था। इसके बावजूद भी खनन विभाग के अधिकारी उनपर मेहरबान थे और खनन विभाग की मिलीभगत से सभी ठेकेदार सरकार का रुपया दबाकर खनन कर रहे थे।
सरकार बदलने के बाद सीएम मनोहर लाल व खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने सख्ती दिखाई और सरकार का रुपया दबाकर बैठने वाले ठेकेदारों की खान निलंबित कराने के साथ ही ठेका रद्द करा दिया। लेकिन मीमारपुर में आनंद एंड कंपनी पर सरकार के 25 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है और उसके बावजूद भी वह खुलेआम खनन करा रही है। इसके अलावा मीमारपुर में आनंद एंड कंपनी व टिकौला में डीएसपी एसोसिएट्स ने यमुना में बुरा हाल कर दिया है।
दोनों ने यमुना के अंदर रेत के 100 से ज्यादा जगह पर ढेर लगाकर पहाड़ बना डाले हैं तो यमुना में जगह-जगह बांध बना दिए गए हैं। जिससे यमुना की धार बदल गई है और वह यूपी की ओर चली गई है। उसके बाद जेसीबी से खुलेआम खनन किया जा रहा है। इस पूरी स्थिति को देखते हुए खनन विभाग के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है, जिस पर नोटिस दिया जाएगा।
ठेका रद्द करने की तैयारी, पुलिस कर सकती है कार्रवाई
मीमारपुर में रेत खनन करने वाली आनंद एंड कंपनी ने सरकार के 25 करोड़ रुपये दबाए हुए हैं। इसके अलावा वह सरकार की हर महीने की 45 लाख रुपये महीने की किस्त भी जमा नहीं करा रहा है। उसकी 60 लाख रुपये से ज्यादा की किस्त थी, लेकिन वह उस किस्त को कोर्ट के आदेश पर 45 लाख रुपये कराकर लाया था।
उसके बावजूद वह अब 45 लाख रुपये भी जमा नहीं कर रहा है और इस तरह कोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहा है। इस कारण ही खनन विभाग उसका ठेका रद्द कर सकता है। इसके साथ ही आनंद एंड कंपनी पर यमुना की धार मोड़ने का मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसमें पुलिस उसपर कार्रवाई कर सकती है।
आनंद एंड कंपनी व डीएसपी एसोसिएट्स की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। जिसमें यमुना में बांध बनाकर पानी की धार मोड़ने के बारे में बताया गया है। उसको मुख्यालय से नोटिस जारी होगा और उसपर किस तरह की आगे कार्रवाई की जानी है। वह भी मुख्यालय से की जाएगी और वहां से जिस तरह के आदेश मिलेंगे, उसके आधार पर कार्रवाई कर दी जाएगी। -गुलशन, खनन निरीक्षक