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मेयर की कुर्सी गंवाने के बाद भाजपा की सीनियर व डिप्टी मेयर पर नजर, सरकार जल्द करा सकती है चुनाव

Thu, 31 Dec 2020 11:47 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2020 11:47 PM IST
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सोनीपत। नगर निगम बनने के बाद पहली बार हुए चुनाव में मेयर की कुर्सी गंवाने के बाद भाजपा की नजर अब सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पर टिक गई है। भाजपा अब सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर अपने बनाने के लिए जोर लगाएगी, क्योंकि वह बहुमत से केवल एक पार्षद दूर है तो कांग्रेस को यह दोनों कुर्सी कब्जाने के लिए दो पार्षदों की जरूरत पड़ेगी।
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माना जा रहा है कि सरकार परिस्थितियों को अपने अनुकूल देखते हुए जल्द ही सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव करा सकती है। ऐसे में पूरा दारोमदार पूर्व मंत्री कविता जैन व सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन पर रहेगा, क्योंकि भाजपा के सभी पार्षद उनका ही साथ मिलने पर जीत की दहलीज पर पहुंचे हैं।
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नगर निगम के साढ़े पांच साल बाद पहली बार चुनाव हुए हैं, जिसमें मेयर की कुर्सी पर कांग्रेस के निखिल मदान ने कब्जा जमाया है। इसके बावजूद कांग्रेस के ज्यादा पार्षद जीतने में कामयाब नहीं हो सके। जहां भाजपा के 10 पार्षद जीतकर शहर की सरकार में शामिल हो गए, वहीं कांग्रेस के 9 व एक निर्दलीय पार्षद को जीत मिली है। इस तरह से अब भाजपा व कांग्रेस दोनों की नजर सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर की कुर्सी पर टिक गई है। सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बनाने को बहुमत के लिए 11 पार्षद की जरूरत होगी और ऐसे में भाजपा की राह ज्यादा आसान दिख रही है। क्योंकि भाजपा को केवल एक पार्षद की जरूरत पड़ेगी तो कांग्रेस को दो पार्षद की जरूरत पड़ेगी। हालांकि अपने सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बनाने के लिए दोनों ही पार्टियों को जोड़तोड़ करना पड़ेगा। यह चुनाव भी जल्द होने की बात कही जा रही है और उसी समय साफ होगा कि आखिर भाजपा व कांग्रेस में कौन जोड़तोड़ करने में कामयाब रहा।
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निर्दलीय पार्षद अहम साबित होगा
नगर निगम के 20 पार्षदों में केवल एक पार्षद मुकेश सैनी निर्दलीय है। हालांकि वह पहले कांग्रेस से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उन्हें कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया। जिससे वह निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतर गए और जीत हासिल की। ऐसे में जहां भाजपा को केवल एक पार्षद की जरूरत है तो निर्दलीय मुकेश सैनी को अपने साथ मिला सकती है। वहीं कांग्रेस भी अपना पुराना साथी होने के कारण मुकेश सैनी की नाराजगी दूर करके घर वापसी करा सकती है। इस तरह से मुकेश सैनी इन दोनों कुर्सियों के लिए अहम साबित हो सकते है।
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मेयर का चुनाव सीधा हुआ था, जिसमें जनता का फैसला हमने स्वीकार किया है। लेकिन इसके साथ ही जनता का दूसरा फैसला यह भी रहा है कि सबसे ज्यादा दस पार्षद भाजपा के बनाए हैं। ऐसे में सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भाजपा के बनेंगे, क्योंकि भाजपा के सबसे ज्यादा पार्षद हैं।

- राजीव जैन, सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार
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जिस तरह से जनता ने कांग्रेस का मेयर बनाकर शहर में विकास की जिम्मेदारी सौंपी है। इस तरह ही सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भी विकास के राह पर साथ चलने वाले होंगे। सरकार जब चुनाव कराएगी तो उसी समय इसकी रणनीति तय की जाएगी।
- निखिल मदान, मेयर
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