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Sonipat News: मातंगिनी हाजरा ने गोलियां लगने के बाद तिरंगा नहीं गिरने दिया
Sun, 20 Oct 2024 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 20 Oct 2024 12:28 AM IST
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सोनीपत के गोहाना में चोपड़ा कॉलोनी में स्वतंत्रता सेनानी मातंगिनी हाजरा व निर्मला देशपांडे की ज
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गोहाना। चोपड़ा कॉलोनी में शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी मातंगिनी हाजरा व भूदान आंदोलन की सामाजिक कार्यकर्ता निर्मला देशपांडे की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी रहे।
उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान मातंगिनी हाजरा ने गोलियां लगने के बाद भी तिरंगा झंडा नीचे नहीं गिरने दिया था। मातंगिनी हाजरा का जन्म 1869 में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के गांव होगला में हुआ था। उन्होंने नारीशक्ति की परंपरा को आगे बढ़ाने और देश को आजाद करने में सारा जीवन लगा दिया। 29 सितंबर 1942 को ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें गोलियां मार दीं। खेमचंद प्रजापति ने कहा कि निर्मला देशपांडे एक ऐसी प्रसिद्ध कार्यकर्ता थीं जिन्होंने भारतीय राजनीति और सक्रियता के इतिहास में अविस्मरणीय छाप छोड़ी। कार्यक्रम में विजेंद्र शर्मा, राजदेव आर्य, संदीप, सुनीता, प्रभु दयाल, रजवंती कृष्णा, देवेंद्र, सुभाष, ललिता, विक्रांत और शैली उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान मातंगिनी हाजरा ने गोलियां लगने के बाद भी तिरंगा झंडा नीचे नहीं गिरने दिया था। मातंगिनी हाजरा का जन्म 1869 में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के गांव होगला में हुआ था। उन्होंने नारीशक्ति की परंपरा को आगे बढ़ाने और देश को आजाद करने में सारा जीवन लगा दिया। 29 सितंबर 1942 को ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें गोलियां मार दीं। खेमचंद प्रजापति ने कहा कि निर्मला देशपांडे एक ऐसी प्रसिद्ध कार्यकर्ता थीं जिन्होंने भारतीय राजनीति और सक्रियता के इतिहास में अविस्मरणीय छाप छोड़ी। कार्यक्रम में विजेंद्र शर्मा, राजदेव आर्य, संदीप, सुनीता, प्रभु दयाल, रजवंती कृष्णा, देवेंद्र, सुभाष, ललिता, विक्रांत और शैली उपस्थित रहे।
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