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Sonipat News: मैनेजर साहब को याद रहेगी रोडवेज की लॉरी, महंगा लैपटॉप लौटा दिखाई ईमानदारी

Mon, 19 Jan 2026 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 19 Jan 2026 12:58 AM IST
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Manager Sahib will remember the roadways lorry, showed honesty in returning the expensive laptop
करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक - फोटो : मथुरा
सोनीपत। आदमी मुसाफिर है, आता है-जाता है, आते-जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है...यह महज एक फिल्मी गीत नहीं बल्कि जिंदगी की हकीकत है। करनाल के एक मैनेजर साहब जब भी कभी सफर में होंगे, ऐसे ही एक मुसाफिर को याद करेंगे। असल में रोडवेज बस में सफर कर रहे एक अनजान मुसाफिर ने मैनेजर साहब का महंगा लैपटॉप लौटाने में बड़ी ही अहम भूमिका निभाई है।
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दरअसल, करनाल के सेक्टर-14 निवासी देवेंद्र कुमार देश की जानी-मानी सरकारी फाइनेंस कंपनी के अंबाला में ब्रांच मैनेजर हैं। शनिवार 17 जनवरी को वह अपना लैपटॉप हरियाणा रोडवेज की बस में भूल गए थे। इस बारे में हरियाणा रोडवेज के सोनीपत डिपो प्रधान अमित सभ्रवाल ने बताया कि शनिवार को डिपो की बस जब चंडीगढ़ से सोनीपत आ रही थी तो उसमें एक लैपटॉप मिला। चालक अशोक और परिचालक जयबीर देशवाल ने रविवार को करनाल निवासी देवेंद्र का लैपटॉप लौटा दिया।
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अमित सभ्रवाल ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी ने हमेशा से ही ईमानदारी से ड्यूटी की है। ऐसे काम के लिए सरकार को कर्मचारियों को अलग से प्रोत्साहित करना चाहिए। दूसरी ओर जब देवेंद्र से बात की गई तो इस घटना के पीछे की वजह खुलकर सामने आई।
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देवेंद्र ने बताया कि शनिवार को शाहाबाद में काम निपटाने के बाद उन्होंने पिपली से हरियाणा रोडवेज की बस पकड़ी। शाम करीब साढ़े 5 बजे करनाल के आईटीआई चौक पर उतरकर दूसरी बस पकड़ी तो अहसास हुआ कि लैपटॉप तो बस में भूल आए। देवेंद्र के अनुसार सामान्य तौर पर वह एक ही बैग लेकर जाते हैं, लेकिन काम के सिलसिले में बीते दिन वह ऑफिस के एचपी लैपटॉप के साथ पर्सनल भी लेकर गए थे। एक बैग को साइड में सीट पर रखा था तो एक को अपने हाथों से पकड़े हुए थे। जल्दबाजी और रोजाना की आदत के चलते सीट पर रखा लैपटॉप बैग बस में ही रह गया।



ऐसे मिला वापस



देवेंद्र ने संवाद न्यूज को बताया, रोजमर्रा की भागदौड़ को घर पहुंचकर ब्रेक लगा ही था कि अचानक किसी का फोन आया। उन्होंने बताया कि आपका लैपटॉप बस में ही रह गया था। इसे बस कंडक्टर के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने बस के कंडक्टर नंबर भी दिया और कहा कि कल आईटीआई चौक पहुंचकर इसे ले लेना। मुझे थोड़ा-थोड़ा याद है कि कॉल मेरे ही किसी क्लाइंट के नंबर से आई थी। हालांकि यह नंबर मेरे पास सेव नहीं है। आज के आपाधापी वाले दौर में अशोक और जयबीर जैसे कर्मचारियों तो सूचना देने वाले मुसाफिर की ईमानदारी समाज के लिए बड़ी प्रेरणा है।



एक और मिसाल



उधर, रेलवे से भी ईमानदारी की ऐसी ही एक मिसाल सामने आई है। जीआरपी थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर धर्मपाल ने बताया कि करनाल के हांसी रोड निवासी बुधराम का पर्स सोनीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर गिर गया था। उसमें मौजूद एक दस्तावेज में लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करके उन्हें थाने बलाकर पर्स सौंप दिया। इस पर्स में 450 रुपये और दूसरे महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।



रोडवेज स्टाफ की ईमानदारी पहले भी कई बार आ चुकी सामने



दरअसल, 23 अक्तूबर 2023 को बिचपड़ी गांव की कमलेश गोहाना से जम्मू-कटरा जाने को तैयार बस में चढ़ी थी। पास बैठी महिला को बैग का ध्यान रखने की कहकर वह शौचालय चली गईं। लौटी तो बस जा चुकी थी। कुछ देर बाद दूसरी बस पकड़कर वह पानीपत पहुंचीं। वहां रोडवेज स्टाफ को अपना बैग बस में रह जाने की सूचना दी। दो दिन बाद नकदी और गहनों से भरा बैग पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हुआ यूं कि बस के परिचालक धर्मवीर ने सवारियों से पूछने के बाद गोहाना बस स्टैंड पर सूचना दी और बैग को संभालकर जम्मू ले गए। वापसी के बाद बैग कमलेश को सौंप दिया। धर्मवीर इससे पहले भी डेढ़ लाख रुपये से भरा एक यात्री को लौटा चुके थे।



हाल ही में करीब चार महीने पहले भिवानी में भी रोडवेज चालक अशोक कुमार और परिचालक शिव कुमार भी राजस्थान के सूरजगढ़ निवासी सुरेंद्र को 80 हजार रुपये के सोने-चांदी के गहनों से भरा बैग लौटाकर ईमानदारी की मिसाल दे चुके हैं।




इसी तरह 3 फरवरी 2023 की एक और घटना लोगों के जेहन में बसी हुई है। दादरी डिपो के चालक संदीप और परिचालक अश्विन कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत नोनी शेखपुरा निवासी जयसिंह को दो लाख रुपये की लागत से बनी माला और सात हजार नकदी वाला बैग लौटाया था।

करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक

करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक- फोटो : मथुरा

करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक

करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक- फोटो : मथुरा

करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक

करनाल के आईटीआई चौक पर मैनेजर देवेंद्र का लैपटॉप लौटाते सोनीपत डिपो रोडवेज चालक अशोक और परिचालक- फोटो : मथुरा

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