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निजी स्कूल बस के चालक के दो हत्यारों को उम्रकैद
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने निजी स्कूल बस चालक की हत्या करने के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही मामले में दोषियों को शरण देने के आरोप में दो अन्य को दोषी करार देकर प्रत्येक को दो साल व पांच माह की सजा सुनाई है। एक आरोपी नाबालिग होने के चलते उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
गांव रहमाणा निवासी रणबीर ने 25 जुलाई, 2018 को मोहाना थाना पुलिस को बताया था कि उसका भाई जितेंद्र (40) गांव रतनगढ़ स्थित सर छोटूराम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्कूल बस पर चालक था। वह बस पर 15 साल से कार्यरत था। वारदात के दिन दोपहर बाद वह बस में विद्यार्थियों को लेकर करेवड़ी गांव में छोड़ने गया था। बस पर करेवड़ी का ही सहायक था। वापस आते हुए वह भी गांव में ही उतर गया था। जितेंद्र बस लेकर वापस स्कूल की तरफ आ रहा था। करेवड़ी फाटक से आगे जाने के बाद अचानक एक बाइक पर सवार दो युवक व एक नाबालिग ने उसे रुकवा लिया था। बस को साइड में रोककर जब जितेंद्र बस से उतरा तो तीनों ने उस पर चाकू व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। पास ही मौजूद एक महिला ने चालक पर हमला करते उन्हें देखा तो उसने शोर मचा दिया था। बाद में हमलावर वहां से फरार हो गए थे। मामले की सूचना मोहाना थाना पुलिस को दी गई थी। साथ ही घायल जितेंद्र को खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाया गया था। वहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
स्कूल में नाबालिग की चालक से हो गई थी कहासुनी
मामले में पुलिस ने गांव जुआं निवासी अनुज व साहिल और एक नाबालिग को काबू किया था। नाबालिग इसी स्कूल का छात्र था और उसकी स्कूल में चालक से कहासुनी हो गई थी। इसी के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी। बाद में पुलिस ने मामले में आरोपियों को शरण देने के आरोप में जुआं के दिनेश व लाखन माजरा के रवींद्र को काबू किया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद एएसजे आरपी गोयल की अदालत ने हत्या के मामले में साहिल व अनुज को उम्रकैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना और शरण देने के मामले में रवींद्र व दिनेश प्रत्येक को दो साल, पांच माह की सजा सुनाई है।
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गांव रहमाणा निवासी रणबीर ने 25 जुलाई, 2018 को मोहाना थाना पुलिस को बताया था कि उसका भाई जितेंद्र (40) गांव रतनगढ़ स्थित सर छोटूराम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्कूल बस पर चालक था। वह बस पर 15 साल से कार्यरत था। वारदात के दिन दोपहर बाद वह बस में विद्यार्थियों को लेकर करेवड़ी गांव में छोड़ने गया था। बस पर करेवड़ी का ही सहायक था। वापस आते हुए वह भी गांव में ही उतर गया था। जितेंद्र बस लेकर वापस स्कूल की तरफ आ रहा था। करेवड़ी फाटक से आगे जाने के बाद अचानक एक बाइक पर सवार दो युवक व एक नाबालिग ने उसे रुकवा लिया था। बस को साइड में रोककर जब जितेंद्र बस से उतरा तो तीनों ने उस पर चाकू व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। पास ही मौजूद एक महिला ने चालक पर हमला करते उन्हें देखा तो उसने शोर मचा दिया था। बाद में हमलावर वहां से फरार हो गए थे। मामले की सूचना मोहाना थाना पुलिस को दी गई थी। साथ ही घायल जितेंद्र को खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाया गया था। वहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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स्कूल में नाबालिग की चालक से हो गई थी कहासुनी
मामले में पुलिस ने गांव जुआं निवासी अनुज व साहिल और एक नाबालिग को काबू किया था। नाबालिग इसी स्कूल का छात्र था और उसकी स्कूल में चालक से कहासुनी हो गई थी। इसी के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी। बाद में पुलिस ने मामले में आरोपियों को शरण देने के आरोप में जुआं के दिनेश व लाखन माजरा के रवींद्र को काबू किया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद एएसजे आरपी गोयल की अदालत ने हत्या के मामले में साहिल व अनुज को उम्रकैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना और शरण देने के मामले में रवींद्र व दिनेश प्रत्येक को दो साल, पांच माह की सजा सुनाई है।
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