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बाबा की लाठी से पीटकर हत्या करने के दोषी को उम्रकैद
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र पाल गोयल की अदालत ने एक बाबा की लाठी से पीट-पीटकर हत्या करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव नया बांस निवासी बिजेंद्र ने 22 जून, 2020 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया था कि 15-20 दिन पहले उनके गांव में हनुमान मंदिर के पास बाबा अमरनाथ आकर रहने लगे थे। उन्होंने मंदिर के पास झोपड़ी बनाई थी। बाबा अमरनाथ पानीपत के गांव नौल्था के रहने वाले थे। बिजेंद्र ने बताया था कि 21 जून, 2020 को गांव के नितिन ने उन्हें बताया था कि गांव खुबडू निवासी पालेराम बाबा अमरनाथ को सड़क पर गिराकर लाठी से पीट रहा है। वह तुरंत गांव से डॉक्टर अनिल को लेकर मंदिर परिसर में पहुंचा। गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर बाबा अमरनाथ को बचाया।
डॉक्टर अनिल ने बाबा अमरनाथ को देखकर उनकी गंभीर हालत के चलते अस्पताल ले जाने के लिए कहा था। जिस पर वह बाबा को कार में बैठाकर गन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया। बाबा ने बताया कि पालेराम ने कुटिया छोड़कर जाने की धमकी देता था। नहीं जाने पर उन पर हमला किया है। बाबा को चिकित्सक ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। पीजीआई में उपचार के दौरान 22 जून, 2020 को बाबा अमरनाथ ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने बिजेंद्र के बयान पर गांव खुबडू निवासी पालेराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी रमेश कुमार ने आरोपी पालेराम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे राजेंद्र पाल गोयल की अदालत ने पालेराम को दोषी करार देते हुए भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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गांव नया बांस निवासी बिजेंद्र ने 22 जून, 2020 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया था कि 15-20 दिन पहले उनके गांव में हनुमान मंदिर के पास बाबा अमरनाथ आकर रहने लगे थे। उन्होंने मंदिर के पास झोपड़ी बनाई थी। बाबा अमरनाथ पानीपत के गांव नौल्था के रहने वाले थे। बिजेंद्र ने बताया था कि 21 जून, 2020 को गांव के नितिन ने उन्हें बताया था कि गांव खुबडू निवासी पालेराम बाबा अमरनाथ को सड़क पर गिराकर लाठी से पीट रहा है। वह तुरंत गांव से डॉक्टर अनिल को लेकर मंदिर परिसर में पहुंचा। गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर बाबा अमरनाथ को बचाया।
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डॉक्टर अनिल ने बाबा अमरनाथ को देखकर उनकी गंभीर हालत के चलते अस्पताल ले जाने के लिए कहा था। जिस पर वह बाबा को कार में बैठाकर गन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया। बाबा ने बताया कि पालेराम ने कुटिया छोड़कर जाने की धमकी देता था। नहीं जाने पर उन पर हमला किया है। बाबा को चिकित्सक ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। पीजीआई में उपचार के दौरान 22 जून, 2020 को बाबा अमरनाथ ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने बिजेंद्र के बयान पर गांव खुबडू निवासी पालेराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी रमेश कुमार ने आरोपी पालेराम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे राजेंद्र पाल गोयल की अदालत ने पालेराम को दोषी करार देते हुए भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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