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जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के फार्मूले पर मिले आरक्षण

Sun, 20 Dec 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना Updated Sun, 20 Dec 2015 11:55 PM IST
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jaat quota
अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि हरियाणा में ओबीसी की संख्या ज्यादा है। ऐसे में पिछड़ा वर्ग के लोगों को 27 से 40 प्रतिशत तक आरक्षण जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के आधार पर दिया जाए। इसमें 20 प्रतिशत आरक्षण खेती करने वाली जातियों और 20 प्रतिशत मजदूरी करने वाली जातियों को दिया जाए।
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एनसीबीसी (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग) एक्ट में संशोधन के लिए जिस तरह लोकसभा में सांसद पीपी चौधरी बिल लेकर आए हैं, उसी तरह प्रदेश सरकार एक्ट में संशोधन के लिए विधानसभा में प्राइवेट बिल ला सकती है। वह रविवार को पांच जिलों सोनीपत, रोहतक, पानीपत, झज्जर और जींद की 23 विधानसभा क्षेत्रों से गोहाना रैली में आए जाट समाज के लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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मलिक ने कहा कि अगर सरकार फरवरी में बिल लेकर नहीं आई तो फरवरी के अंतिम सप्ताह में हिसार के मय्यड़ से जाट आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए रेलवे ट्रैक के पास धरना दिया जाएगा। आंदोलन एक साथ पंजाब, हरियाणा, यूपी, एमपी में चलेगा। इसकी रणनीति बनाने के लिए 15 जनवरी को हिसार में समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग होगी, जहां तय किया जाएगा कि कहां-कौन से ट्रैक के पास धरना दिया जाए। मलिक ने कहा कि वे किसी जाति को आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जाटों के आरक्षण को क्यों रोका गया है।
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बराला को चुनौती, नहीं रोक पाएंगे आंदोलन

मलिक ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला कह रहे हैं कि अगर आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ तो सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा जाट समाज ने कभी कानून हाथ में नहीं लिया। बराला को इस तरह की बयानबाजी पर ऊर्जा खत्म करने की बजाए जाट समाज को आरक्षण दिलवाने के लिए मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला से आग्रह किया कि वे एक्ट में संशोधन के लिए विधानसभा में बिल लेकर आएं।

जाट का मतलब जस्टिस विद ट्रुथ : मलिक
इससे पहले, प्रदेश के पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि कुछ लोग जाट समुदाय के लोगों को हीनभावना से देखते हैं, लेकिन जाट का मतलब जस्टिस विद ट्रुुथ होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब, यूपी, दिल्ली व राजस्थान में दो जिलों धौलपुर व भरतपुर को छोड़कर जाट समाज को आरक्षण मिला हुआ है, लेकिन हरियाणा में जाट समाज को आरक्षण से वंचित रखा जा रहा है। समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे।


जाट नेताओं के निशाने पर रहे भाजपा सांसद
रैली के दौरान भाजपा सांसद राजकुमार सैनी जाट नेताओं के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि सैनी की इतनी हिम्मत नहीं कि वे जाट समाज के खिलाफ अपशब्द कहें। सांसद की पीठ पर मोदी और खट्टर का हाथ है। समय आने पर जाट समाज भाजपा को सबक सिखाएगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष सूबेसिंह ढाका, उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया और जिला अध्यक्ष राजेश दहिया मौजूद रहे।
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