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विश्व के टॉप 200 विवि में देश का एक भी नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : सुरेश प्रभु
Fri, 05 May 2023 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 05 May 2023 12:54 AM IST
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सोनीपत में कुमासपुर के पास स्थित ऋषिहुड विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व रेल म
सोनीपत। दुर्भाग्य की बात है कि विश्व के टॉप 200 विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी विश्वविद्यालय
शामिल नहीं है। इसे लेकर विशेष पहल करने की आवश्यकता है। किसी देश की प्रगति का आधार वहां की शिक्षा है। अगर शिक्षा में पिछड़े हैं तो देश तरक्की नहीं कर सकता। केंद्र की नई शिक्षा नीति काफी कारगर है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, बशर्ते इसका क्रियान्वयन सही तरीके से किया जाए। यह बातें पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री एवं ऋषिहुड विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुरेश प्रभु ने वीरवार को गांव कुमासपुर के पास स्थित ऋषिहुड विवि में पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि शिक्षा को सीधे समाज से जोड़ने और शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जिसे लेकर वह योजना बना रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि सोनीपत या हरियाणा को सही मायने में शिक्षा टाउन के रूप में विकसित किया जाए। ऐसा तभी होगा जब यहां पर मौजूद शिक्षण संस्थानों में प्रदेश के लोगों की सीधी भागीदारी होगी। शिक्षा हब बनाए जाने का फायदा स्थानीय लोगों को मिलना सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि शुरुआत से ही देश में विश्व स्तरीय संस्थान नहीं थे। पहले भारत विश्व गुरु था। विदेशी आक्रांताओं ने यहां के विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों को ही सबसे पहले निशाना बनाया। नालंदा, तक्षशिला पर हमला करना इसका उदाहरण है। उनका उद्देश्य था कि भारत की शिक्षा को खत्म कर दिया जाए, ताकि यहां का जन मानस आगे न बढ़ पाए। लेकिन भारत फिर से उभर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम कर रहा है।
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सुरेश प्रभु ने कहा कि सरकार की नई शिक्षा नीति से नए अवसर पैदा होंगे। गुणवत्ता का समावेश हो सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सोनीपत में शिक्षा के साथ उद्योग को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। शिक्षा के साथ उद्योग होने से अपने पास ही रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। सोनीपत शिक्षा का हब बनेगा तो यहां सभी को फायदा होगा। अर्थव्यवस्था बेहतर हो सकेगी। रेस्टोरेंट से लेकर उद्योग तक को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जल्द ही विवि में देश के अलग-अलग क्षेत्र में बने विवि के कुलाधिपति की बैठक बुलाई जाए। इसके लिए उन्होंने प्रयास शुरू कर दिए है। बैठक में शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की जाएगी। इस दौरान विश्वविद्यालय के को-फाउंडर अजय गुप्ता, राकेश अग्रवाल, कुलपति शोभित, सीईओ साहिल अग्रवाल व ज्योति वर्मा मौजूद रहे।
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शामिल नहीं है। इसे लेकर विशेष पहल करने की आवश्यकता है। किसी देश की प्रगति का आधार वहां की शिक्षा है। अगर शिक्षा में पिछड़े हैं तो देश तरक्की नहीं कर सकता। केंद्र की नई शिक्षा नीति काफी कारगर है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, बशर्ते इसका क्रियान्वयन सही तरीके से किया जाए। यह बातें पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री एवं ऋषिहुड विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुरेश प्रभु ने वीरवार को गांव कुमासपुर के पास स्थित ऋषिहुड विवि में पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि शिक्षा को सीधे समाज से जोड़ने और शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जिसे लेकर वह योजना बना रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि सोनीपत या हरियाणा को सही मायने में शिक्षा टाउन के रूप में विकसित किया जाए। ऐसा तभी होगा जब यहां पर मौजूद शिक्षण संस्थानों में प्रदेश के लोगों की सीधी भागीदारी होगी। शिक्षा हब बनाए जाने का फायदा स्थानीय लोगों को मिलना सुनिश्चित होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि शुरुआत से ही देश में विश्व स्तरीय संस्थान नहीं थे। पहले भारत विश्व गुरु था। विदेशी आक्रांताओं ने यहां के विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों को ही सबसे पहले निशाना बनाया। नालंदा, तक्षशिला पर हमला करना इसका उदाहरण है। उनका उद्देश्य था कि भारत की शिक्षा को खत्म कर दिया जाए, ताकि यहां का जन मानस आगे न बढ़ पाए। लेकिन भारत फिर से उभर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम कर रहा है।
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सुरेश प्रभु ने कहा कि सरकार की नई शिक्षा नीति से नए अवसर पैदा होंगे। गुणवत्ता का समावेश हो सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सोनीपत में शिक्षा के साथ उद्योग को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। शिक्षा के साथ उद्योग होने से अपने पास ही रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। सोनीपत शिक्षा का हब बनेगा तो यहां सभी को फायदा होगा। अर्थव्यवस्था बेहतर हो सकेगी। रेस्टोरेंट से लेकर उद्योग तक को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जल्द ही विवि में देश के अलग-अलग क्षेत्र में बने विवि के कुलाधिपति की बैठक बुलाई जाए। इसके लिए उन्होंने प्रयास शुरू कर दिए है। बैठक में शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की जाएगी। इस दौरान विश्वविद्यालय के को-फाउंडर अजय गुप्ता, राकेश अग्रवाल, कुलपति शोभित, सीईओ साहिल अग्रवाल व ज्योति वर्मा मौजूद रहे।