फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Industrialists will oppose the ban on diesel generators, will take a big decision on nine

Sonipat News: डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध का विरोध करेंगे उद्योगपति, नौ को लेंगे बड़ा फैसाल

Tue, 08 Aug 2023 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 08 Aug 2023 12:14 AM IST
विज्ञापन
Industrialists will oppose the ban on diesel generators, will take a big decision on nine
कुंडली स्थित औद्योगिक क्षेत्र। संवाद
सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी के खिलाफ उद्योगपति एकजुट होने लगे हैं। इसे लेकर 9 अगस्त को कुंडली में सभा बुलाई गई है।
विज्ञापन

एनसीआर में पहली अक्तूबर से डीजल जनरेटर का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने के आदेश दिए गए हैं। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (क्यूसीएम) ने यह निर्णय लिया है। आवश्यक सेवाओं को डीजल जनरेटर से चलाने की मिली छूट भी समाप्त कर दी गई है। श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के दौरान भी ऐसी सेवाओं को मिलने वाली छूट वापस ले ली गई है।
विज्ञापन


उद्योगपतियों का आरोप है कि डीजल जनरेटर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के निर्णय का विरोध किया जाएगा। इसे लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ हरियाणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के तत्वावधान में प्रदेशभर के उद्योगपतियों की 9 अगस्त को कुंडली में सभा बुलाई गई है। प्रदेशभर की करीब 35 एसोसिएशन के सवा सौ से अधिक उद्योगपति कुंडली हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) स्थित सभागार में एकत्रित होंगे। इसमें उद्योगपति कई अहम फैसले लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उद्योगपतियों ने कहा कि जब सरकार उन्हें पूरी बिजली उपलब्ध नहीं करा रही है तो ऐसे में जनरेटर के बिना तो उत्पादन ठप हो जाएगा और उद्योग बंद हो जाएंगे। ऐसे में उद्योगपतियों को 24 घंटे बिजली मिले तो वह स्वयं ही डीजल जनरेटर नहीं चलाएंगे।



दिल्ली के प्रदूषण के लिए सोनीपत को जिम्मेदार ठहराना गलत

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए सोनीपत के उद्योग किस तरह से जिम्मेदार हैं। प्रदूषण मापक यंत्र पर जब दिल्ली का एक्यूआई बेहद खतरनाक स्तर पर होता है तो सोनीपत में वह सामान्य होता है। सरकार व एनजीटी को इस पर फिर से विचार करना चाहिए। दिल्ली के प्रदूषण का असली कारण पता करना चाहिए। -अजय जैन, उद्योगपति कुंडली एसोसिएशन



सभा में ले सकते हैं कड़े फैसले

बिजली संकट काफी प्रभावित कर रहा है। हर घंटे बिजली के कट लग रहे हैं। उद्योग काफी हद तक डीजल जनरेटर पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर जनरेटर पर प्रतिबंध लगा दिया गया तो उद्योग-धंधे चौपट हो जाएंगे। यही कारण है कि प्रदेशभर के उद्योगपतियों ने इन आदेशों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का निर्णय लिया हैं। उद्योगपति 9 अगस्त को होने वाली सभा में कई बड़े फैसले ले सकते हैं। सरकार को चाहिए कि उद्योगों को राहत दे, न की उन्हें परेशान किया जाए। -राकेश देवगन, प्रधान, राई औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन



बेहतर तकनीक लेकर आएं, बिना कारण प्रतिबंध से समाधान नहीं

सरकार को चाहिए कि बेहतर तकनीक लेकर आए। डीजल जनरेटर की गुणवत्ता में सुधार करे, जिससे प्रदूषण न हो। ऐसे प्रतिबंध लगाने से समाधान नहीं होगा। इसका उद्योगों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और उत्पादन ठप हो जाएगा। उद्योगपतियों की समस्या को देखते हुए सरकार को सटीक रास्ता निकालना चाहिए। -प्रवीन जैन, उद्योगपति कुंडली




24 घंटे बिजली उपलब्ध कराए सरकार

मैं मानता हूं कि सरकार की तरफ से अगर उद्योगों को 24 घंटे बिजली दी जाए तो वह खुद ही डीजल जनरेटर बंद कर देंगे। हमें तो जनरेटर चलाने पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। बिजली के अभाव में जनरेटर चलाना मजबूरी है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में कई बार तो कई-कई घंटे बिजली नहीं आती। फाल्ट व अघोषित कटों से सभी परेशान रहते हैं। ऐसे में उद्योगों को चलाने के लिए पूरी बिजली देनी चाहिए। -सुभाष गुप्ता, पदाधिकारी कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed