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प्रेम और भक्ति शुद्ध हो तो भगवान खुद करते हैं सहायता : महाराज
Sun, 29 Mar 2026 08:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 29 Mar 2026 08:10 PM IST
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फोटो : सोनीपत के नरेंद्र नगर में श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ के दौरान उपस्थित श्रद्धालु। स्रो
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नरेंद्र नगर की गली नंबर 4 स्थित आचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा के निवास पर श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ का समापन हुआ। मुरथल स्थित श्रीराम कृष्ण साधना केंद्र के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती यति महाराज ने श्रीरामचरितमानस की महिमा का वर्णन करते हुए समाज में हिंदुत्व का महत्व बताया। केंद्र की संस्कृत पाठशाला के आचार्य देवानंद व उनके छात्रों ने रामचरितमानस का पाठ सुनाया।
स्वामी दयानंद सरस्वती यति महाराज ने कहा कि अगर मनुष्य का भगवान के प्रति प्रेम व भक्ति शुद्ध होते हैं तो ईश्वर स्वयं उसकी सहायता के लिए आते हैं। भगवान भाव से शीघ्र रीझ जाते हैं। लोगों को आज अपनी मर्यादा बनाकर रखने की जरूरत है।
मनुष्य को भी भगवान श्रीराम की तरह मर्यादा में रहना होगा तभी श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि आज लोग घर में सीता जैसी पत्नी तो चाहते हैं लेकिन खुद श्रीराम की तरह नहीं बनना चाहते। इसके बाद भगवान की आरती की गई।
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इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष पवन गर्ग, श्याम मिश्रा, रामराज तिवारी, पीयूष शुक्ला मौजूद रहे।
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सोनीपत। नरेंद्र नगर की गली नंबर 4 स्थित आचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा के निवास पर श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ का समापन हुआ। मुरथल स्थित श्रीराम कृष्ण साधना केंद्र के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती यति महाराज ने श्रीरामचरितमानस की महिमा का वर्णन करते हुए समाज में हिंदुत्व का महत्व बताया। केंद्र की संस्कृत पाठशाला के आचार्य देवानंद व उनके छात्रों ने रामचरितमानस का पाठ सुनाया।
स्वामी दयानंद सरस्वती यति महाराज ने कहा कि अगर मनुष्य का भगवान के प्रति प्रेम व भक्ति शुद्ध होते हैं तो ईश्वर स्वयं उसकी सहायता के लिए आते हैं। भगवान भाव से शीघ्र रीझ जाते हैं। लोगों को आज अपनी मर्यादा बनाकर रखने की जरूरत है।
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मनुष्य को भी भगवान श्रीराम की तरह मर्यादा में रहना होगा तभी श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि आज लोग घर में सीता जैसी पत्नी तो चाहते हैं लेकिन खुद श्रीराम की तरह नहीं बनना चाहते। इसके बाद भगवान की आरती की गई।
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इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष पवन गर्ग, श्याम मिश्रा, रामराज तिवारी, पीयूष शुक्ला मौजूद रहे।