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Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Hookah-water off of family and society

परिवार और समाज का हुक्का-पानी बंद

Fri, 19 Sep 2014 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Fri, 19 Sep 2014 12:39 AM IST
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बच्चे के जन्म पर बकरा काटने पर झलनियां गांव में एक समाज के लोगों ने एक परिवार को हुक्का पानी बंद कर दिया है। दवाई, दूध और जरूरत का अन्य सामान नहीं मिलने पर परिवार के लोग बृहस्पतिवार सुबह लघु सचिवालय पर धरने पर बैठ गए।
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नाराज परिवार का कहना है कि उनको अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। इससे पहले बकरा काटने पर पीड़ित परिवार पर समाज के लोगों ने परिवार के कुछ लोगों की पीटाई करने के बाद पंचायत में 51 सौ रुपये का जुर्माना लगाया था।
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इसकी शिकायत उपायुक्त से करने पर परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। लघु सचिवालय के पार्क में धरने पर बैठे पंच प्रधान गुरुदयाल, गुरबचन, सतनाम, जसवंत, नानक, पप्पू, रामसिंह, जीत कौर, करतार कौर, राज कौर, पाल कौर ने बताया कि बुधवार शाम को एक समाज के कुछ लोगों ने गांव में फरमान जारी कराया कि कोई भी दुकानदार संबंधित परिवार और उसके समाज के लोगों को सामान नहीं देगा।
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यहां तक कि कोई भी जमींदार अपने खेत में नहीं आने देगा। पीड़ित परिवार और समाज से संबंधित कोई भी व्यक्ति उनके खेत या जमीन में मिला तो उसकी पिटाई की जाएगी। उधर देर शाम एसडीएम और डीएसपी की उपस्थिति में दोनों समाजों और पीड़ित परिवार का समझौता करा दिया गया।  

नहीं मिली दवाई और दूध

जीत कौर और करतार कौर ने रोते हुए बताया कि जब वह मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गईं तो उनको दवाई नहीं दी गई। सुबह डेयरी पर दूध देने से मना कर दिया गया। बुधवार रात से उनके बच्चे दूध से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि रात को उनकी लाइट भी काट दी गई और उन्हें पीने का पानी तक नसीब नहीं हुआ। पाल कौर ने कहा कि गांव में फरमान जारी करने वाले समाज के लोगों की संख्या ज्यादा है। राशन डिपो भी उनके प्लॉट में है। इससे उनको राशन मिलने में भी परेशानी हो सकती है।

बुधवार को नहीं हुआ था फैसला

सदर थाने में बुधवार को दोनों समाज के लोगों की पंचायत बुलाई गई थी। इसके बाद पंचायत में समझौते के प्रयास चले, लेकिन फरमान जारी करने वाले समाज के लोग अपनी बात पर अड़े रहे और कोई फैसला नहीं हो सका। उक्त समाज ने पीड़ित परिवार और संबंधित समाज के बहिष्कार का फरमान जारी कर दिया।

यह था मामला
झलनियां गांव में जसवंत सिंह ने पोता होने की खुशी में रीतिरिवाज के अनुसार 15 सितंबर को बकरा काटा था। इस पर एक समाज के लोगों ने पहले तो आरोप लगाया कि बकरे की जगह नील गाय काटी गई है। मामले की शिकायत जीव रक्षा के अधिकारियों को दी गई। जब अधिकारी पहुंचे तो जांच करने पर बकरा ही पाया। आरोप है कि इसके बाद उक्त समाज के सतपाल डेलू, पूर्ण चंद, प्रमोद ने जसवंत की पिटाई करने के बाद गांव के सरपंच के सामने 5100 रुपये का जुर्माना कर दिया। साथ ही चेतावनी दी गई कि दोबारा ऐसी हरकत की तो गांव से निकाल दिया जाएगा। इसकी शिकायत पीड़ित परिवार के लोगों ने उपायुक्त और डीएसपी विजय कक्कड़ से की थी।

 
रीतिरिवाज के अनुरूप मना सकते हैं खुशी
पीड़ित परिवार और संबंधित समाज द्वारा लघु सचिवालय में धरना देने के बाद बृहस्पतिवार देर शाम सदर थाने में एसडीएम, डीएसपी की अध्यक्षता में चली पंचायत में दोनों समाज में समझौता हो गया। साथ ही पीड़ित परिवार और संबंधित समाज को रीतिरिवाज के अनुरूप खुशी मानने की अनुमति दी गई है, लेकिन किसी को काई ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
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