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Haryana: पुलिस के हत्थे चढ़ा नकली सीबीआई इंस्पेक्टर, बस किराया बचाने के लिए खरीदी वर्दी
Sat, 31 Jan 2026 09:50 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 31 Jan 2026 09:50 PM IST
सार
आरोपी रणधीर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह वर्दी पहनकर लोगों पर रौब जमाता था। साथ ही बसों में किराया भी नहीं देना पड़ता था।
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गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
गांव भटगांव से पुलिस ने इंस्पेक्टर की वर्दी पहने 69 वर्षीय बुजुर्ग को पकड़ा है। वह खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बता रहा था। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह झज्जर जिले का निवासी रणधीर है और यहां अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। बसों में किराया न लगे इसलिए उसने पुलिस की वर्दी खरीदकर पहनी थी। बच्चे अलग रहते हैं। वे रणधीर को घर से निकाल चुके हैं।
आरोपी रणधीर झज्जर जिले के गांव सेज पहाड़ीपुर का रहने वाला है। वह सोनीपत जिले के भटगांव में अपनी फुफेरी बहन के घर आया हुआ था। पुलिस की वर्दी में देखकर किसी को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। सीआईए सेक्टर-3 पुलिस और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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आरोपी रणधीर झज्जर जिले के गांव सेज पहाड़ीपुर का रहने वाला है। वह सोनीपत जिले के भटगांव में अपनी फुफेरी बहन के घर आया हुआ था। पुलिस की वर्दी में देखकर किसी को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। सीआईए सेक्टर-3 पुलिस और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक ने बताया कि रिश्तेदार के यहां आया रणधीर लोगों के सामने रौब झाड़ रहा था। शक हुआ तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उसने पुलिस की ड्रेस पहनी हुई थी। जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताया। जांच की गई तो वह फर्जी निकला।
रणधीर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह वर्दी पहनकर लोगों पर रौब जमाता था। साथ ही बसों में किराया भी नहीं देना पड़ता था। उसने यह भी बताया कि उसने दो दिन पहले सोनीपत सिटी थाने के सामने एक दुकान से वर्दी खरीदी थी। पहले वह पुलिस विभाग में था। 2002 में कैथल में एक भ्रष्टाचार के केस में सस्पेंड हुआ था। इसी केस में उसने जेल भी काटी। इसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, पता लगाने पर उसकी यह बात भी झूठ निकली। उसने पुलिस को बताया था कि वह 1992 में भर्ती हुआ। जांच में तब उसकी उम्र करीब 35 वर्ष के आसपास थी। ऐसे में वह भी झूठ निकला।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर की पूरी ड्रेस पहने गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रणधीर से पूछताछ कर रही है कि उसने वर्दी कहां से प्राप्त की और इससे पहले भी कहीं इस तरह की गतिविधि को अंजाम तो नहीं दिया।
रणधीर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह वर्दी पहनकर लोगों पर रौब जमाता था। साथ ही बसों में किराया भी नहीं देना पड़ता था। उसने यह भी बताया कि उसने दो दिन पहले सोनीपत सिटी थाने के सामने एक दुकान से वर्दी खरीदी थी। पहले वह पुलिस विभाग में था। 2002 में कैथल में एक भ्रष्टाचार के केस में सस्पेंड हुआ था। इसी केस में उसने जेल भी काटी। इसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, पता लगाने पर उसकी यह बात भी झूठ निकली। उसने पुलिस को बताया था कि वह 1992 में भर्ती हुआ। जांच में तब उसकी उम्र करीब 35 वर्ष के आसपास थी। ऐसे में वह भी झूठ निकला।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर की पूरी ड्रेस पहने गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रणधीर से पूछताछ कर रही है कि उसने वर्दी कहां से प्राप्त की और इससे पहले भी कहीं इस तरह की गतिविधि को अंजाम तो नहीं दिया।