Haryana: सोनीपत और बहादुरगढ़ में कांग्रेस नेताओं के बगावती तेवर, डॉ. कपूर नरवाल व राजेश जून ने पार्टी छोड़ी
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची जारी होती ही कई पार्टी नेताओं ने बगावत शुरू कर दी है। पार्टी के भीतर जारी विद्रोह से भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों को फायदा मिलने की संभावना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में कांग्रेस की ओर से 32 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित होते ही कई स्थानों पर असंतोष उभरकर सामने आ गया है। टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस के नेताओं ने बग़ावती तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोनीपत और बहादुरगढ़ में इस विद्रोह की सबसे अधिक झलक देखने को मिल रही है।
सोनीपत की बरोदा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे कपूर सिंह नरवाल ने कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गद्दारी का आरोप लगाया है। नरवाल का कहना है कि बरोदा उपचुनाव के दौरान हुड्डा ने उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देने का वादा किया था। हालांकि, जब नामों की घोषणा हुई, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने साफ कहा है कि वह हुड्डा की वादा-खिलाफी का जवाब जरूर देंगे और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
वहीं, बहादुरगढ़ में कांग्रेस डेलीगेट राजेश जून ने पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। जून ने अपने समर्थकों के साथ एक बैठक में कांग्रेस नेतृत्व पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें टिकट का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अंत में उन्हें अनदेखा कर दिया गया। इस फैसले से नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और आगामी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी दावेदारी ठोकने का ऐलान किया है।
पूर्व विधायक के बेटे जीता हुड्डा ने पिता-पुत्र का किया विरोध
बरोदा विधानसभा से पूर्व विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के पुत्र जीता हुड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके पुत्र सांसद दीपेंद्र हुड्डा का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पिता श्रीकृष्ण हुड्डा ने वर्ष 2005 में विधायक बनने के बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए किलोई सीट छोड़ दी थी। श्रीकृष्ण हुड्डा वर्ष 1987, 1996 व 2005 में किलोई से रहे विधायक रहे हैं।
वहीं, वर्ष 2009, 2014, 2019 में बरोदा से विधायक बनने की हैट्रिक लगाई थी। जीता हुड्डा ने कहा कि साल 2020 के उप चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हड्डा व दीपेंद्र सिंह हड्डा ने इंदुराज नरवाल को टिकट देते हुए वादा किया था आगामी चुनाव में कोई एक सीट देंगे, लेकिन इस बार भी उनको नजरअंदाज किया है।