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Sonipat News: जींद में ग्रैप-2 बेअसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहले दिन कार्रवाई शून्य, धड़ल्ले से चल रहा निर्माण
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05जेएनडी15: शहर के गोहाना रोड स्थित डिवाइडर पर लगाए जा रहे पत्थर। संवाद
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जींद। शहर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रैप-2 लागू कर दिया गया है लेकिन इसका असर पहले दिन वीरवार को दिखाई नहीं दिया। शहर में निर्माण कार्य पहले की तरह चलते रहे और सड़कों पर धूल उड़ती रही।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्माण कार्यों को रोकने या धूल फैलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सफीदों रोड पर सड़क बनाने का काम जारी रहा, वहीं गोहाना रोड पर डिवाइडर को सुंदर बनाने का काम भी चलता रहा। इसके अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में मकानों का निर्माण भी जारी है।
शहर में प्रदूषण का स्तर 268 तक पहुंच गया है। वीरवार सुबह से ही आसमान में धुंध छाई रही और लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। आंखों में जलन, खांसी, सांस फूलने और दमा की शिकायत लेकर करीब 150 मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलने पर लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है।
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नगर परिषद ने पांच लोगों के किए चालान
नगर परिषद ने रात के समय खुले में कूड़ा जलाने वाले पांच लोगों के चालान किए हैं। कूड़ा जलाने पर रोक लगाने के लिए रात में निगरानी करने के लिए टीम की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी के दो टैंकर लगाए गए हैं। पानी का छिड़काव करने के लिए मशीनगन भी मंगवाई गई है। नगर परिषद ने वार्डों में निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और निगरानी रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई का इंतजार
ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ प्रदूषण बढ़ रहा है और दूसरी तरफ निर्माण स्थलों से धूल उड़ रही है। केवल आदेश जारी करने से प्रदूषण कम नहीं होगा। इसके लिए निर्माण स्थलों की जांच करनी होगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करनी होगी। सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों पर भी रोक के नियम लागू होने चाहिए ताकि आम लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके।
बाक्स
रात के समय कूड़ा जलाने वाले पांच लोगों के चालान किए गए हैं। रात में निगरानी के लिए टीम की ड्यूटी लगाई गई है। सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी के दो टैंकर लगाए गए हैं। पानी के छिड़काव के लिए मशीनगन भी मंगवाई गई है। वार्डों में निर्माण कार्यों को रोकने और निगरानी रखने के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। -सुशील भुक्कल, ईओ नगर परिषद जींद।
फोटो कैप्शन
05जेएनडी15: शहर के गोहाना रोड स्थित डिवाइडर पर लगाए जा रहे पत्थर। संवाद
05जेएनडी16: सफीदों रोड पर ग्रैप के नियमों की अवहेलना कर किया जा रहा सड़क निर्माण। संवाद
05जेएनडी17: सुबह नौ बजे खेतों में छाया स्मॉग। संवाद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्माण कार्यों को रोकने या धूल फैलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सफीदों रोड पर सड़क बनाने का काम जारी रहा, वहीं गोहाना रोड पर डिवाइडर को सुंदर बनाने का काम भी चलता रहा। इसके अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में मकानों का निर्माण भी जारी है।
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शहर में प्रदूषण का स्तर 268 तक पहुंच गया है। वीरवार सुबह से ही आसमान में धुंध छाई रही और लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। आंखों में जलन, खांसी, सांस फूलने और दमा की शिकायत लेकर करीब 150 मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलने पर लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है।
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नगर परिषद ने पांच लोगों के किए चालान
नगर परिषद ने रात के समय खुले में कूड़ा जलाने वाले पांच लोगों के चालान किए हैं। कूड़ा जलाने पर रोक लगाने के लिए रात में निगरानी करने के लिए टीम की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी के दो टैंकर लगाए गए हैं। पानी का छिड़काव करने के लिए मशीनगन भी मंगवाई गई है। नगर परिषद ने वार्डों में निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और निगरानी रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई का इंतजार
ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ प्रदूषण बढ़ रहा है और दूसरी तरफ निर्माण स्थलों से धूल उड़ रही है। केवल आदेश जारी करने से प्रदूषण कम नहीं होगा। इसके लिए निर्माण स्थलों की जांच करनी होगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करनी होगी। सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों पर भी रोक के नियम लागू होने चाहिए ताकि आम लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके।
बाक्स
रात के समय कूड़ा जलाने वाले पांच लोगों के चालान किए गए हैं। रात में निगरानी के लिए टीम की ड्यूटी लगाई गई है। सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी के दो टैंकर लगाए गए हैं। पानी के छिड़काव के लिए मशीनगन भी मंगवाई गई है। वार्डों में निर्माण कार्यों को रोकने और निगरानी रखने के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। -सुशील भुक्कल, ईओ नगर परिषद जींद।
फोटो कैप्शन
05जेएनडी15: शहर के गोहाना रोड स्थित डिवाइडर पर लगाए जा रहे पत्थर। संवाद
05जेएनडी16: सफीदों रोड पर ग्रैप के नियमों की अवहेलना कर किया जा रहा सड़क निर्माण। संवाद
05जेएनडी17: सुबह नौ बजे खेतों में छाया स्मॉग। संवाद

05जेएनडी15: शहर के गोहाना रोड स्थित डिवाइडर पर लगाए जा रहे पत्थर। संवाद

05जेएनडी15: शहर के गोहाना रोड स्थित डिवाइडर पर लगाए जा रहे पत्थर। संवाद