{"_id":"63013b27f8dbe516c8178d78","slug":"got-pox-vaccine-applied-to-protect-8100-cows-from-infection-sonipat-news-rtk655642885","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंपी स्किन वायरस: 8100 गोवंशों को संक्रमण से बचाव के लिए लगाई गॉट पॉक्स वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंपी स्किन वायरस: 8100 गोवंशों को संक्रमण से बचाव के लिए लगाई गॉट पॉक्स वैक्सीन
विज्ञापन
सोनीपत। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से गोवंशों को लंपी स्किन वायरस से बचाने के लिए गोशाला व नंदीशालाओं में टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। शनिवार को वेटरनरी सर्जनों की देखरेख में 8100 गोवंशों को गॉट पॉक्स वैक्सीन पहली बार लगाई गई। यह अभियान रविवार को भी जारी रहेगा। वहीं उपायुक्त ने लंपी स्किन वायरस की आशंका से धारा-144 लागू करके जिले में पशु मेला लगाने और दूसरे जिलों व राज्यों में पशुओं की आवाजाही पर रोक लगाई है।
जिले में 1 लाख 4 हजार 884 गोवंश हैं। अभी तक जिले में गोवंश संक्रमण से दूर हैं। जिले में 55 पशु अस्पताल हैं, लेकिन इनमें से 25 पशु अस्पताल में वेटरनरी सर्जन के पद काफी समय से खाली हैं। विभाग की ओर से प्रत्येक वेटरनरी सर्जन को अतिरिक्त चार्ज मिला हुआ है। सरकार की ओर से इन पदों को नहीं भरा गया है। फिलहाल विभाग अधिकतर गांवों में पशु सहायक (एनिमल अटेंडेंट) के सहारे गोवंशों के स्वास्थ्य की जांच करा रहा है। वेटरनरी सर्जन व पशु सहायक अपनी देखरेख में गोवंशों को संक्रमण से बचाने के लिए गोशालाओं व नंदीशालाओं छिड़काव करा रहे हैं।
विभाग की ओर से वेटरनरी सर्जनों की देखरेख में 8100 गोवंशों को गॉट पॉक्स वैक्सीन लगाई गई। फिलहाल वैक्सीन लगाए जाने के बाद सभी गोवंश स्वस्थ हैं। विभाग ने रविवार को 12 हजार गोवंशों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। उप निदेशक डॉ. संजय आंतिल ने पशुपालकों और गोशाला समितियों से अपील की है कि वह गाय या नंदी में लंपी वायरस के लक्षण आते ही तुरंत उन्हें बाकी पशुओं से अलग करें दें और सरकारी पशु चिकित्सक से ही संक्रमित पशु का इलाज कराएं। संक्रमित पशु को कहीं भी भ्रमण ना कराया जाए।
विज्ञापन
इंसेट
लंपी स्किन वायरस के मद्देनजर लगाई धारा 144
पशुओं में लंपी स्किन वारयस न फैले, इसके लिए जिलाधीश ललित सिवाच ने जिले में धारा 144 के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने तुरंत प्रभाव से जिले में पशु मेला लगाने, पशुओं को दूसरे जिलों व राज्यों से लाने और ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जिले की सीमा पर पशुओं के आवागमन को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। इसके अलावा अति आवश्यक होने पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक से आज्ञा पत्र जारी होने पर पशुओं का आवागमन किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति आदेशों की अवहेलना का दोषी पाया जाता है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंड का भागीदार होगा।
विज्ञापन
जिले में 1 लाख 4 हजार 884 गोवंश हैं। अभी तक जिले में गोवंश संक्रमण से दूर हैं। जिले में 55 पशु अस्पताल हैं, लेकिन इनमें से 25 पशु अस्पताल में वेटरनरी सर्जन के पद काफी समय से खाली हैं। विभाग की ओर से प्रत्येक वेटरनरी सर्जन को अतिरिक्त चार्ज मिला हुआ है। सरकार की ओर से इन पदों को नहीं भरा गया है। फिलहाल विभाग अधिकतर गांवों में पशु सहायक (एनिमल अटेंडेंट) के सहारे गोवंशों के स्वास्थ्य की जांच करा रहा है। वेटरनरी सर्जन व पशु सहायक अपनी देखरेख में गोवंशों को संक्रमण से बचाने के लिए गोशालाओं व नंदीशालाओं छिड़काव करा रहे हैं।
विज्ञापन
विभाग की ओर से वेटरनरी सर्जनों की देखरेख में 8100 गोवंशों को गॉट पॉक्स वैक्सीन लगाई गई। फिलहाल वैक्सीन लगाए जाने के बाद सभी गोवंश स्वस्थ हैं। विभाग ने रविवार को 12 हजार गोवंशों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। उप निदेशक डॉ. संजय आंतिल ने पशुपालकों और गोशाला समितियों से अपील की है कि वह गाय या नंदी में लंपी वायरस के लक्षण आते ही तुरंत उन्हें बाकी पशुओं से अलग करें दें और सरकारी पशु चिकित्सक से ही संक्रमित पशु का इलाज कराएं। संक्रमित पशु को कहीं भी भ्रमण ना कराया जाए।
विज्ञापन
इंसेट
लंपी स्किन वायरस के मद्देनजर लगाई धारा 144
पशुओं में लंपी स्किन वारयस न फैले, इसके लिए जिलाधीश ललित सिवाच ने जिले में धारा 144 के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने तुरंत प्रभाव से जिले में पशु मेला लगाने, पशुओं को दूसरे जिलों व राज्यों से लाने और ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जिले की सीमा पर पशुओं के आवागमन को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। इसके अलावा अति आवश्यक होने पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक से आज्ञा पत्र जारी होने पर पशुओं का आवागमन किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति आदेशों की अवहेलना का दोषी पाया जाता है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंड का भागीदार होगा।