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फुटबाल बनकर रह गई स्टेट फुटबाल चैंपियनशिप
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:11 AM IST
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हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन की ओर से सोनीपत में दो दिवसीय सीनियर स्टेट महिला फुटबाल चैंपियनशिप खुद ही फुटबाल बनकर दो मैदानों के बीच में फंसी रही। सीआरए कॉलेज के मैदान में शुरू हुई चैंपियनशिप पहले ही दिन रोक दी गई और उसके मैच सुभाष स्टेडियम में शुरू करा दिए गए। वहां मैच कराए जाने का जब डीएसओ को पता चला तो उन्होंने उनको तुरंत बंद करा दिया। वहां फाइनल मैच से पहले ही एसोसिएशन व खिलाड़ियों को बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद दोबारा से सीआरए कॉलेज के मैदान पर मैच कराए गए और फुटबाल बनी चैंपियनशिप को किसी तरह पूरा कराया गया।
11 जिलों की टीम पहुंची थी हिस्सा लेने
हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन की ओर से सीनियर महिला स्टेट फुटबाल चैंपियनशिप 13-14 अप्रैल तक सोनीपत के सीआरए कॉलेज के मैदान पर निर्धारित थी। उसके तहत ही वीरवार को कॉलेज के मैदान पर चैंपियनशिप के मैच शुरू करा दिए गए। इस चैंपियनशिप के लिए 11 जिलों की टीमें यहां पहुंची थीं। सीआरए कॉलेज के मैदान पर मैच शुरू होने के कुछ देर बाद ही जब जींद व सिरसा के मैच के दौरान मधुमक्खियां आ गई थीं। इस कारण ही एसोसिएशन ने वहां मैचों को रुकवा दिया और उसके बाद फैसला लिया गया कि अन्य मैच सुभाष स्टेडियम में करवाए जाएंगे, लेकिन सुभाष स्टेडियम में मैच करवाने के लिए एसोसिएशन की ओर से डीएसओ से परमिशन तक नहीं ली गई।
मैच के बीच में रुकने की आई नौबत
सुभाष स्टेडियम में वीरवार को मैच कराने के बाद शुक्रवार के दिन भी चैंपियनशिप के मैच उसी जगह कराए जाने लगे। सुभाष स्टेडियम में शुक्रवार को एक क्वार्टर मैच व दो सेमीफाइनल मुकाबले करवाए गए। सोनीपत व जींद के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले का हाफ टाइम हुआ तो जिला खेल अधिकारी प्रेम सिंह हुड्डा ने उनके पास आकर बगैर परमिशन के खेले जा रहे मैच को रोकने के लिए कहा, जिसके बाद वह अपने कार्यालय में चले गए। एसोसिएशन की ओर से किसी तरह मैच को पूरा कराया गया, जिसमे सोनीपत ने जींद को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। उसके बाद फिर डीएसओ हुड्डा ने आकर फाइनल मैच नहीं होने दिया और आयोजकों व खिलाड़ियों को वहां से बाहर निकाल दिया।
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डीएसओ का दखल गलत
एक तरफ सरकार नई खेल नीति के सहारे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का दावा कर रही है। वहीं इस तरह कराई जाने वाली चैंपियनशिप में दखलंदाजी करके उनको रोका जा रहा है। एसोसिएशन की ओर से आयोजित मैच के दौरान डीएसओ का दखल देना गलत है।
-धर्मपाल दहिया, कोषाध्यक्ष, हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन
पहले लेनी चाहिए थी परमिशन
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मैच कराने के लिए लिखित में कोई परमिशन नहीं ली। फोन पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा केवल सूचना दी थी कि स्टेडियम में मैच करवाना है। एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को दूसरा सेमीफाइनल मैच करवाया गया तो सरकार की ओर से स्टेडियम में चल रहे मैच को बंद करवाने के लिए कहा, जिसके बाद एसोसिएशन द्वारा कराए जा रहे मैच बंद करवा दिए गए।
-प्रेम सिंह हुड्डा, जिला खेल अधिकारी
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11 जिलों की टीम पहुंची थी हिस्सा लेने
हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन की ओर से सीनियर महिला स्टेट फुटबाल चैंपियनशिप 13-14 अप्रैल तक सोनीपत के सीआरए कॉलेज के मैदान पर निर्धारित थी। उसके तहत ही वीरवार को कॉलेज के मैदान पर चैंपियनशिप के मैच शुरू करा दिए गए। इस चैंपियनशिप के लिए 11 जिलों की टीमें यहां पहुंची थीं। सीआरए कॉलेज के मैदान पर मैच शुरू होने के कुछ देर बाद ही जब जींद व सिरसा के मैच के दौरान मधुमक्खियां आ गई थीं। इस कारण ही एसोसिएशन ने वहां मैचों को रुकवा दिया और उसके बाद फैसला लिया गया कि अन्य मैच सुभाष स्टेडियम में करवाए जाएंगे, लेकिन सुभाष स्टेडियम में मैच करवाने के लिए एसोसिएशन की ओर से डीएसओ से परमिशन तक नहीं ली गई।
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मैच के बीच में रुकने की आई नौबत
सुभाष स्टेडियम में वीरवार को मैच कराने के बाद शुक्रवार के दिन भी चैंपियनशिप के मैच उसी जगह कराए जाने लगे। सुभाष स्टेडियम में शुक्रवार को एक क्वार्टर मैच व दो सेमीफाइनल मुकाबले करवाए गए। सोनीपत व जींद के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले का हाफ टाइम हुआ तो जिला खेल अधिकारी प्रेम सिंह हुड्डा ने उनके पास आकर बगैर परमिशन के खेले जा रहे मैच को रोकने के लिए कहा, जिसके बाद वह अपने कार्यालय में चले गए। एसोसिएशन की ओर से किसी तरह मैच को पूरा कराया गया, जिसमे सोनीपत ने जींद को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। उसके बाद फिर डीएसओ हुड्डा ने आकर फाइनल मैच नहीं होने दिया और आयोजकों व खिलाड़ियों को वहां से बाहर निकाल दिया।
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डीएसओ का दखल गलत
एक तरफ सरकार नई खेल नीति के सहारे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का दावा कर रही है। वहीं इस तरह कराई जाने वाली चैंपियनशिप में दखलंदाजी करके उनको रोका जा रहा है। एसोसिएशन की ओर से आयोजित मैच के दौरान डीएसओ का दखल देना गलत है।
-धर्मपाल दहिया, कोषाध्यक्ष, हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन
पहले लेनी चाहिए थी परमिशन
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मैच कराने के लिए लिखित में कोई परमिशन नहीं ली। फोन पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा केवल सूचना दी थी कि स्टेडियम में मैच करवाना है। एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को दूसरा सेमीफाइनल मैच करवाया गया तो सरकार की ओर से स्टेडियम में चल रहे मैच को बंद करवाने के लिए कहा, जिसके बाद एसोसिएशन द्वारा कराए जा रहे मैच बंद करवा दिए गए।
-प्रेम सिंह हुड्डा, जिला खेल अधिकारी