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खेती के लिए पांच दिन में आई पांच घंटे बिजली
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सोनीपत। गांव मोहाना के खेतों में पांच दिन से बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण फसलें सूख रही हैं। इसके साथ ही धान की रोपाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। किसानों का आरोप है कि पांच दिन में बामुश्किल पांच घंटे बिजली मिली है। इस समस्या से परेशान किसानों ने मंगलवार दोपहर बाद मोहाना बिजली घर परिसर में अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप था कि सरकार की ओर से सात घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, लेकिन पांच दिन से गांव के खेतों में बिजली नहीं मिल रही है। गांव में भी 24 घंटे की बजाय 16 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है और उसमें भी कई बार अघोषित कट लग रहे हैं। इन समस्याओं से परेशान किसान पहले भी अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। हंगामे की सूचना के बाद मौके पर कनिष्ठ अभियंता सुरेश पहुंचे और जल्द ही बिजली समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
पंचायत समिति के निवर्तमान सदस्य युद्धविंद्र सिंह मेहला ने बताया कि मोहाना गांव की 26 एकड़ जमीन पर बने बिजली घर का ग्रामीणों को पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। मोहाना गांव म्हारा गांव जगमग गांव योजना में शामिल है। तीन माह पहले बिजली मीटरों को घरों से निकाला जा चुका है। इसके बावजूद गांव में महज 16 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाती है, जबकि इस योजना में शामिल गांवों में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की गई थी। जिसे पूरा नहीं किया गया है। 16 घंटे बिजली आपूर्ति में से भी कई बार अघोषित कट लग रहे हैं। वहीं गांव के खेतों में सात घंटे बिजली आपूर्ति देने का दावा किया जाता है, लेकिन खेतों में पांच दिन में केवल 5 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गए है। जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर बाद बिजली घर में प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।
ग्रामीण रमेश, संजीत, अमन, बलिंद्र नंबरदार आदि ने बताया कि गांव में दो साल में लगभग 50 ट्यूबवेल कनेक्शन लिए गए हैं। अब धान की रोपाई शुरू हो गई है और किसानों को खेतों में बिजली आपूर्ति की आवश्यकता है। लेकिन बिजली निगम की ओर से पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं कराई जा रही है। जिससे खेतों में रोपी जा चुकी धान की फसल सूखने के कगार पर है। किसानों के हंगामे की सूचना के बाद कनिष्ठ अभियंता सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या को सुनकर उनकी मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान मनोबल, जितेंद्र, सुनील, धन सिंह व दिलबाग समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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पंचायत समिति के निवर्तमान सदस्य युद्धविंद्र सिंह मेहला ने बताया कि मोहाना गांव की 26 एकड़ जमीन पर बने बिजली घर का ग्रामीणों को पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। मोहाना गांव म्हारा गांव जगमग गांव योजना में शामिल है। तीन माह पहले बिजली मीटरों को घरों से निकाला जा चुका है। इसके बावजूद गांव में महज 16 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाती है, जबकि इस योजना में शामिल गांवों में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की गई थी। जिसे पूरा नहीं किया गया है। 16 घंटे बिजली आपूर्ति में से भी कई बार अघोषित कट लग रहे हैं। वहीं गांव के खेतों में सात घंटे बिजली आपूर्ति देने का दावा किया जाता है, लेकिन खेतों में पांच दिन में केवल 5 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गए है। जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर बाद बिजली घर में प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।
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ग्रामीण रमेश, संजीत, अमन, बलिंद्र नंबरदार आदि ने बताया कि गांव में दो साल में लगभग 50 ट्यूबवेल कनेक्शन लिए गए हैं। अब धान की रोपाई शुरू हो गई है और किसानों को खेतों में बिजली आपूर्ति की आवश्यकता है। लेकिन बिजली निगम की ओर से पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं कराई जा रही है। जिससे खेतों में रोपी जा चुकी धान की फसल सूखने के कगार पर है। किसानों के हंगामे की सूचना के बाद कनिष्ठ अभियंता सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या को सुनकर उनकी मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान मनोबल, जितेंद्र, सुनील, धन सिंह व दिलबाग समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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