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किसान 26-27 अगस्त को करेंगे राष्ट्रीय सम्मेलन, आंदोलन को ज्यादा प्रभावी बनाने का प्रयास तेज
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संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से किसान आंदोलन को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए 26-27 अगस्त को दिल्ली में अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। 2 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल और डॉ. दर्शन पाल ने मंगलवार देर शाम कुंडली बॉर्डर पर बातचीत में बताया कि दिल्ली की सीमाओं पर किसान करीब 9 महीने से चल रहे जोरदार विरोध को चिह्नित करने के लिए 26-27 अगस्त को दिल्ली में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। जिसके लिए किसानों और सामाजिक संगठनों को भागीदारी का आह्वान किया गया है। राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के किसान पहुंचेंगे। किसानों और उनकी मांगों के प्रति केंद्र सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये पर चर्चा की जाएगी। आंदोलन में 2 दिन तक विस्तार से चर्चा के बाद संयुक्त रूप से आगे की दिशा और निर्देश तय किए जाएंगे। इसके बाद इन्हें तुरंत लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा यह दिखाने की कोशिश की है कि यह किसान आंदोलन कुछ राज्यों तक सीमित है, इस तथ्य की अनदेखी करते हुए कि देशभर के किसान जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को किसी भी तरह से कमजोर नहीं पड़ने नहीं दिया जाएगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल और डॉ. दर्शन पाल ने मंगलवार देर शाम कुंडली बॉर्डर पर बातचीत में बताया कि दिल्ली की सीमाओं पर किसान करीब 9 महीने से चल रहे जोरदार विरोध को चिह्नित करने के लिए 26-27 अगस्त को दिल्ली में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। जिसके लिए किसानों और सामाजिक संगठनों को भागीदारी का आह्वान किया गया है। राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के किसान पहुंचेंगे। किसानों और उनकी मांगों के प्रति केंद्र सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये पर चर्चा की जाएगी। आंदोलन में 2 दिन तक विस्तार से चर्चा के बाद संयुक्त रूप से आगे की दिशा और निर्देश तय किए जाएंगे। इसके बाद इन्हें तुरंत लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा यह दिखाने की कोशिश की है कि यह किसान आंदोलन कुछ राज्यों तक सीमित है, इस तथ्य की अनदेखी करते हुए कि देशभर के किसान जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को किसी भी तरह से कमजोर नहीं पड़ने नहीं दिया जाएगा।
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