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केजीपी के नीचे से नेशनल हाईवे-44 को पत्थर लगाकर किसानों ने किया बंद
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केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट से आगे नेशनल हाईवे-44 पर वाहनों को रोकते किसान। संवाद
- फोटो : Sonipat
कृषि कानून रद्द कराने के लिए कुंडली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों ने केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट के पास से नेशनल हाईवे-44 को फिर से पूरी तरह बंद कर दिया है। अब जीरो प्वाइंट के पास प्रीतमपुरा मोड़ से किसानों के वाहन ही जा सकेंगे। किसानों ने कार व थ्री-व्हीलर के साथ ही दुपहिया वाहनों को भी रोक दिया है। इसके साथ ही केजीपी से दिल्ली की तरफ उतरने वाले मार्ग पर पत्थर व बैरिकेड रखकर उसे रोक दिया गया है।
कुंडली बॉर्डर से प्रीतमपुरा मोड़ तक किसानों ने नेशनल हाईव-44 पर 26 दिन से डेरा डाला हुआ है। यहां हजारों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों व टेंट लगाकर रुके हैं। जिस कारण करीब सात किलोमीटर तक रोड जाम है। कुछ दिन पहले लोगों के लिए कुंडली की ओर आवागमन को सर्विस मार्ग को खोला गया था। यहां से लगातार कार, ऑटो व दोपहिया वाहन आवागमन कर रहे थे। थ्री-वहीलर बॉर्डर तक चलने के कारण लोगों की परेशानी दूर हो गई थी। मंगलवार को किसानों ने केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट से आगे प्रीतमपुरा के पास से मार्ग पर भारी पत्थर व बैरिकेड लगा कर उसे रोक दिया। जीटी रोड बंद होने से कुंडली, प्याऊ मनियारी, प्रीतमपुरा व आसपास के दूसरे क्षेत्रों से बाइक या थ्री-व्हीलर में सवार होकर राई या दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज पर जाने वाले लोगों की मुसीबत अब बढ़ गई है। किसानों ने नेशनल हाईवे-44 बंद करने के साथ ही केजीपी से दिल्ली की ओर उतरने वाले मार्ग पर नीचे व ऊपर बैरिकेड लगाकर उसे पूरी तरह से बंद कर दिया।
इस मार्ग पर करें प्रयोग
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व चंडीगढ़ से आने वाले भारी वाहनों को दिल्ली व गुरुग्राम जाने के लिए पानीपत से एनएच-71ए से होते हुए गोहाना, रोहतक, सांपला से आसौदा होकर केएमपी पर जा सकते हैं। केएमपी व केजीपी के रास्ते मानेसर से एनएच-48 व गाजियाबाद से एनएच- 34 से होकर दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं। हल्के वाहन बीसवां मील से आगे केएमपी का प्रयोग करते हुए बादली, फारुख नगर व मानेसर के रास्ते का प्रयोग कर सकते है। इसके अलावा केजीपी का प्रयोग करते हुए बागपत, खेकड़ा तथा गाजियाबाद से होते हुए दिल्ली जा सकते हैं।
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कुंडली बॉर्डर से प्रीतमपुरा मोड़ तक किसानों ने नेशनल हाईव-44 पर 26 दिन से डेरा डाला हुआ है। यहां हजारों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों व टेंट लगाकर रुके हैं। जिस कारण करीब सात किलोमीटर तक रोड जाम है। कुछ दिन पहले लोगों के लिए कुंडली की ओर आवागमन को सर्विस मार्ग को खोला गया था। यहां से लगातार कार, ऑटो व दोपहिया वाहन आवागमन कर रहे थे। थ्री-वहीलर बॉर्डर तक चलने के कारण लोगों की परेशानी दूर हो गई थी। मंगलवार को किसानों ने केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट से आगे प्रीतमपुरा के पास से मार्ग पर भारी पत्थर व बैरिकेड लगा कर उसे रोक दिया। जीटी रोड बंद होने से कुंडली, प्याऊ मनियारी, प्रीतमपुरा व आसपास के दूसरे क्षेत्रों से बाइक या थ्री-व्हीलर में सवार होकर राई या दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज पर जाने वाले लोगों की मुसीबत अब बढ़ गई है। किसानों ने नेशनल हाईवे-44 बंद करने के साथ ही केजीपी से दिल्ली की ओर उतरने वाले मार्ग पर नीचे व ऊपर बैरिकेड लगाकर उसे पूरी तरह से बंद कर दिया।
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इस मार्ग पर करें प्रयोग
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व चंडीगढ़ से आने वाले भारी वाहनों को दिल्ली व गुरुग्राम जाने के लिए पानीपत से एनएच-71ए से होते हुए गोहाना, रोहतक, सांपला से आसौदा होकर केएमपी पर जा सकते हैं। केएमपी व केजीपी के रास्ते मानेसर से एनएच-48 व गाजियाबाद से एनएच- 34 से होकर दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं। हल्के वाहन बीसवां मील से आगे केएमपी का प्रयोग करते हुए बादली, फारुख नगर व मानेसर के रास्ते का प्रयोग कर सकते है। इसके अलावा केजीपी का प्रयोग करते हुए बागपत, खेकड़ा तथा गाजियाबाद से होते हुए दिल्ली जा सकते हैं।

केजीपी से दिल्ली की तरफ उतरने वाले मार्ग पर बैरिकेड रखकर बंद करते किसान। संवाद- फोटो : Sonipat
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