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ओलंपिक मेडलिस्ट विजेंद्र सिंह किसानों के बीच पहुंचे, कहा कानून जल्द रद्द नहीं होने पर खेल रत्न लौटाएंगे
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किसानों के बीच समर्थन देने पहुंचे ओलंपियन विजेंद्र सिंह।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। ओलंपिक मेडलिस्ट विजेंद्र सिंह ने भी रविवार को कुंडली बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचकर अपना समर्थन दिया है। उनका कहना है कि किसान जिन कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए संघर्षरत हैं वह कानून जल्द रद्द नहीं होने पर वह अपना खेल रत्न पुरस्कार लौटा देंगे। विजेंद्र सिंह ने कहा कि अन्य एथलीट भी सामने आए बिना किसानों का समर्थन कर रहे हैं। वह सरकारी नौकरी के कारण आगे नहीं आ सकते। सरकार को चाहिए कि किसानों की मांगों को जल्द पूरा करें।
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने आंदोलनरत किसानों से मुलाकात की और उनके साथ खड़े होते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग दोहराई। विजेंद्र सिंह ने 8 दिसंबर के भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि कृषि कानून वापस नहीं होने पर वह अपना राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब बड़ा भाई है और हरियाणा के सभी किसान उनके साथ खड़े हैं। कांग्रेस की टिकट पर वर्ष 2019 में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके मुक्केबाज विजेंद्र ने कहा कि सरकार की किसानों के साथ कई दौर की बैठक हो चुकी हैं। सरकार को किसानों की बात समझनी चाहिए। कृषि कानून की खामियां दूर करें और इसे वापस लें।
उन्होंने कहा कि किसान यहां ठंड में बैठे हैं। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। किसानों के मुद्दे पर उनके साथी खिलाड़ी भी किसानों के साथ हैं और अपने मेडल लौटाने के लिए तैयार बैठे हैं। हरियाणा की इज्जत का सवाल था, इसीलिए वह यहां आए हैं। इस समय हरियाणा का किसान पंजाब के किसानों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहा है। विजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने पंजाब की रोटी खाई है। उनके साथ उनके कई साथी मुक्केबाज भी सरकार से मिले हुए पुरस्कार लौटाने के लिए तैयार हैं। कई अन्य एथलीट भी किसानों का समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन सरकारी नौकरी पर होने के चलते सामने नहीं आ पा रहे हैं। वह अंदरूनी तौर पर पूरी मदद कर रहे हैं। विजेंद्र सिंह ने वर्ष 2008 में पहली बार बिजिंग ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाया था। वह प्रोफेशनल मुक्केबाज बन चुके हैं अब दुनिया के कई नामी मुक्केबाजों को हरा चुके हैं। वह वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर दक्षिणी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ चुके है।
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अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने आंदोलनरत किसानों से मुलाकात की और उनके साथ खड़े होते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग दोहराई। विजेंद्र सिंह ने 8 दिसंबर के भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि कृषि कानून वापस नहीं होने पर वह अपना राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब बड़ा भाई है और हरियाणा के सभी किसान उनके साथ खड़े हैं। कांग्रेस की टिकट पर वर्ष 2019 में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके मुक्केबाज विजेंद्र ने कहा कि सरकार की किसानों के साथ कई दौर की बैठक हो चुकी हैं। सरकार को किसानों की बात समझनी चाहिए। कृषि कानून की खामियां दूर करें और इसे वापस लें।
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उन्होंने कहा कि किसान यहां ठंड में बैठे हैं। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। किसानों के मुद्दे पर उनके साथी खिलाड़ी भी किसानों के साथ हैं और अपने मेडल लौटाने के लिए तैयार बैठे हैं। हरियाणा की इज्जत का सवाल था, इसीलिए वह यहां आए हैं। इस समय हरियाणा का किसान पंजाब के किसानों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहा है। विजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने पंजाब की रोटी खाई है। उनके साथ उनके कई साथी मुक्केबाज भी सरकार से मिले हुए पुरस्कार लौटाने के लिए तैयार हैं। कई अन्य एथलीट भी किसानों का समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन सरकारी नौकरी पर होने के चलते सामने नहीं आ पा रहे हैं। वह अंदरूनी तौर पर पूरी मदद कर रहे हैं। विजेंद्र सिंह ने वर्ष 2008 में पहली बार बिजिंग ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाया था। वह प्रोफेशनल मुक्केबाज बन चुके हैं अब दुनिया के कई नामी मुक्केबाजों को हरा चुके हैं। वह वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर दक्षिणी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ चुके है।
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