{"_id":"60579cfa8ebc3ee61e7ce0b6","slug":"farmers-protest-sahidi-diwas-sonipat-news-rtk6010284197","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीदी दिवस पर धरनास्थलों पर होगी युवा कांफ्रेंस, देशभर के युवाओं को बुलावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीदी दिवस पर धरनास्थलों पर होगी युवा कांफ्रेंस, देशभर के युवाओं को बुलावा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत। किसानों ने 23 मार्च को शहीदी दिवस पर युवा कांफ्रेंस करने का एलान किया है। यह कांफ्रेंस दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे सभी धरनास्थलों पर होगी। इसमें देशभर के युवा किसानों को बुलावा भेजा गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा कांफ्रेंस में शामिल होकर आंदोलन व कानूनों को लेकर रणनीति तय करें।
23 मार्च को शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहीदी दिवस को संयुक्त किसान मोर्चा ने युवा दिवस मनाने का कार्यक्रम तय किया हुआ है। इसके लिए मोर्चा ने तय किया है कि दिल्ली के आसपास के धरनास्थलों पर उस दिन युवा कांफ्रेंस की जाएगी। इसमें देशभर से युवा आ रहे हैं। किसान मजदूरों के परिवार में जन्म लेने वाले इन युवाओं का भविष्य अब दांव पर है। उनके अनुसार महिला व पुरुष नौजवान पहले से ही किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भगत सिंह के विचारों पर चलते हुए युवा 23 मार्च को देश के किसानों मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने आ रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर रविवार को शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां से पैदल यात्रा का जत्था कुंडली बार्डर पर पहुंच गया है। यह यात्रा गांव-गांव होते हुए यहां तक पहुंची है। मोर्चा का कहना है कि 26 मार्च को पूर्ण भारत बंद के आयोजन के लिए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं और इसके तहत ही यात्रा भी निकाली जा रही है। कहा कि इस बार पूरा भारत बंद होगा और इसमें हर वर्ग किसानों के साथ आएगा। इससे साफ होगा कि यह अकेले किसान का नहीं, बल्कि खेती से जुड़े हर वर्ग का आंदोलन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
23 मार्च को शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहीदी दिवस को संयुक्त किसान मोर्चा ने युवा दिवस मनाने का कार्यक्रम तय किया हुआ है। इसके लिए मोर्चा ने तय किया है कि दिल्ली के आसपास के धरनास्थलों पर उस दिन युवा कांफ्रेंस की जाएगी। इसमें देशभर से युवा आ रहे हैं। किसान मजदूरों के परिवार में जन्म लेने वाले इन युवाओं का भविष्य अब दांव पर है। उनके अनुसार महिला व पुरुष नौजवान पहले से ही किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भगत सिंह के विचारों पर चलते हुए युवा 23 मार्च को देश के किसानों मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने आ रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर रविवार को शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां से पैदल यात्रा का जत्था कुंडली बार्डर पर पहुंच गया है। यह यात्रा गांव-गांव होते हुए यहां तक पहुंची है। मोर्चा का कहना है कि 26 मार्च को पूर्ण भारत बंद के आयोजन के लिए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं और इसके तहत ही यात्रा भी निकाली जा रही है। कहा कि इस बार पूरा भारत बंद होगा और इसमें हर वर्ग किसानों के साथ आएगा। इससे साफ होगा कि यह अकेले किसान का नहीं, बल्कि खेती से जुड़े हर वर्ग का आंदोलन है।
विज्ञापन