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किसान नेताओं ने दी चेतावनी, गिरफ्तारी व मुकदमे दर्ज करने के शौक पूरे कर लें सरकार
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कुंडली बॉर्डर पर पत्रकारों से बातचीत करते किसान नेता।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर सहित दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि वह उन्हें गिरफ्तार करने के साथ ही उन पर मुकदमे दर्ज करने का अपना शौक पूरा कर लें। इसके लिए किसान पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही शनिवार को सभी भाजपा प्रतिनिधियों के आवासों के बाहर तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी। किसानों ने साफ किया कि वह अब केवल सरकारी कार्यक्रमों का विरोध करेंगे। किसी भी नेता या अफसर के निजी कार्यक्रमों का विरोध नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य एवं किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी व युद्धवीर सिंह ने कुंडली बॉर्डर पर पत्रकारवार्ता के दौरान सरकार का जमकर विरोध करने के निर्णय पर मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि अब आरपार की लड़ाई के लिए किसानों को तैयार रहना होगा। किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश में किसान आंदोलन को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन संयुक्त मोर्चा पूरी तरह से सावधान है। यह तय है कि आंदोलन दिल्ली की सीमाओं पर ही चलेगा। हरियाणा सरकार को गिरफ्तारियां करने व मुकद्दमे दर्ज करने का शौक है तो सरकार का यह शौक पूरा करने को किसान तैयार हैं। किसानों ने टोहाना में अपमान सहा है। यहां किसानों को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया है। जब तक उनके साथी किसानों को जेल से रिहा नहीं किया जाता वह यहां आंदोलन करेंगे और जेल भरने के लिए तैयार हैं। शनिवार को टोहाना के सिटी थाना के बाहर धरना दिया जाएगा और गिरफ्तारियां दी जाएंगी। इसके बाद 7 जून को प्रदेश भर के थानों के बाहर धरना दिया जाएगा। इससे पहले शनिवार को भाजपा प्रतिनिधियों के आवासों के बाहर कानून की प्रतियां फूंककर विरोध दर्ज करवाया जाएगा।
अब सरकारी कार्यक्रमों का ही होगा विरोध
किसानों ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि किसान अब केवल सरकारी कार्यक्रमों का ही विरोध करेंगे। किसी भी नेता या अफसर के निजी कार्यक्रमों का विरोध नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क पर जा रहे नेताओं का भी विरोध नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
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हर मोर्चा पर महिला कमेटी का किया गठन
किसान नेताओं ने बताया कि किसानों के हर मोर्चे पर महिलाओं की समस्याओं को सुनने के लिए महिला मोर्चा कमेटी का गठन किया है। यह महिलाएं संयुक्त मोर्चा के साथ तालमेल कर आगामी निर्णयों में भागीदार होंगी। उन्होंने बताया कि देश के साढ़े छह लाख गांवों में किसान नेता जाएंगे। इस अभियान की शुरुआत उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से होगी।
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शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य एवं किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी व युद्धवीर सिंह ने कुंडली बॉर्डर पर पत्रकारवार्ता के दौरान सरकार का जमकर विरोध करने के निर्णय पर मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि अब आरपार की लड़ाई के लिए किसानों को तैयार रहना होगा। किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश में किसान आंदोलन को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन संयुक्त मोर्चा पूरी तरह से सावधान है। यह तय है कि आंदोलन दिल्ली की सीमाओं पर ही चलेगा। हरियाणा सरकार को गिरफ्तारियां करने व मुकद्दमे दर्ज करने का शौक है तो सरकार का यह शौक पूरा करने को किसान तैयार हैं। किसानों ने टोहाना में अपमान सहा है। यहां किसानों को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया है। जब तक उनके साथी किसानों को जेल से रिहा नहीं किया जाता वह यहां आंदोलन करेंगे और जेल भरने के लिए तैयार हैं। शनिवार को टोहाना के सिटी थाना के बाहर धरना दिया जाएगा और गिरफ्तारियां दी जाएंगी। इसके बाद 7 जून को प्रदेश भर के थानों के बाहर धरना दिया जाएगा। इससे पहले शनिवार को भाजपा प्रतिनिधियों के आवासों के बाहर कानून की प्रतियां फूंककर विरोध दर्ज करवाया जाएगा।
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अब सरकारी कार्यक्रमों का ही होगा विरोध
किसानों ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि किसान अब केवल सरकारी कार्यक्रमों का ही विरोध करेंगे। किसी भी नेता या अफसर के निजी कार्यक्रमों का विरोध नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क पर जा रहे नेताओं का भी विरोध नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
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हर मोर्चा पर महिला कमेटी का किया गठन
किसान नेताओं ने बताया कि किसानों के हर मोर्चे पर महिलाओं की समस्याओं को सुनने के लिए महिला मोर्चा कमेटी का गठन किया है। यह महिलाएं संयुक्त मोर्चा के साथ तालमेल कर आगामी निर्णयों में भागीदार होंगी। उन्होंने बताया कि देश के साढ़े छह लाख गांवों में किसान नेता जाएंगे। इस अभियान की शुरुआत उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से होगी।