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Sonipat News: युवा पीढ़ी ने जाना विभाजन की त्रासदी का दर्द
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भारत विभाजन विभीषिका विषय पर डीबीआरएएनएलयू में हुई संगोष्ठी में पहुंचे प्रो. कुलदीप चंद अग्निहो
सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के मूट कोर्ट हॉल में भारत विभाजन विभीषिका विषय पर संगोष्ठी हुई। इसका उद्देश्य भारत विभाजन के ऐतिहासिक, सामाजिक और मानवीय पहलुओं पर विचार करना था। युवा पीढ़ी को विभाजन की त्रासदी व उससे मिली सीख के प्रति जागरूक करना भी इसका लक्ष्य था।
संगोष्ठी में प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रो. पूर्णमल गौड़, नरेंद्र और मनजीत सिंह विशिष्ट अतिथि थे। विश्वविद्यालय के कुलपति देवेंद्र सिंह और कुलसचिव आशुतोष मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर उसके सामाजिक व मानवीय पक्ष को समझने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता ने भारत विभाजन से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रश्न उठाया कि भारत का विभाजन इतनी व्यापक हिंसा के बीच क्यों हुआ। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता, इंडियन नेशनल कांग्रेस और मुस्लिम लीग के गठन पर चर्चा की। कुलसचिव आशुतोष मिश्रा ने कहा कि भारत विभाजन की त्रासदी इतिहास का एक संवेदनशील अध्याय है।
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संगोष्ठी में प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रो. पूर्णमल गौड़, नरेंद्र और मनजीत सिंह विशिष्ट अतिथि थे। विश्वविद्यालय के कुलपति देवेंद्र सिंह और कुलसचिव आशुतोष मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर उसके सामाजिक व मानवीय पक्ष को समझने का आह्वान किया।
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मुख्य वक्ता ने भारत विभाजन से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रश्न उठाया कि भारत का विभाजन इतनी व्यापक हिंसा के बीच क्यों हुआ। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता, इंडियन नेशनल कांग्रेस और मुस्लिम लीग के गठन पर चर्चा की। कुलसचिव आशुतोष मिश्रा ने कहा कि भारत विभाजन की त्रासदी इतिहास का एक संवेदनशील अध्याय है।
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