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आंदोलन लंबा खिंचने से उग्र हो रहे किसान, प्रदेश में बवाल की आशंका

Sun, 04 Apr 2021 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 12:16 AM IST
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Farmers are agitating due to prolonged agitation, fear of ruckus in the state
अंकित चौहान
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सोनीपत। किसान आंदोलन काफी लंबा होता जा रहा है और इसलिए ही अब किसान उग्र होने लगे हैं। जिससे प्रदेश में बवाल होने की आशंका जताई जा रही है। जिस तरह से कुछ दिनों से लगातार भाजपा व जजपा नेताओं का किसान हर जगह पहुंचकर विरोध कर रहे हैं और वहां टकराव के हालात पैदा हो रहे हैं। उसको देखते हुए ही खुफिया एजेंसियों ने बवाल की आशंका जताई है और इस बारे में शासन को पूरी रिपोर्ट भी भेजी गई है। जिससे नेता केवल जरूरी कार्यक्रम में शामिल हो और उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोई खामी नहीं रहे।
कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसान पिछले चार महीने से ज्यादा से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए है। इस बीच सरकार व किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है और उसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका है। अब पिछले दो महीने से ज्यादा समय से सरकार व किसानों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है और यह बातचीत का रास्ता अभी खुलता भी नहीं दिख रहा है। जिससे आंदोलन लंबा हो रहा है और यही कारण है कि अब किसान उग्र होने शुरू हो गए है। जिस तरह से पिछले कई दिनों में भाजपा व जजपा नेताओं का विरोध बढ़ा है, वह किसानों के उग्र होने का कारण माना जा रहा है। क्योंकि पंजाब में भाजपा विधायक संग मारपीट, हिसार व पानीपत में डिप्टी सीएम का विरोध, रोहतक में सीएम का विरोध सभी घटनाओं को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि किसान किसी भी तरह सरकार से बातचीत का रास्ता खोलना चाहते है और सरकार का रुख देखते हुए वह उग्र होना शुरू हो गए है। हालांकि किसान नेता लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे है, लेकिन उसका भी किसानों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने की सलाह
जिस तरह से भाजपा-जजपा नेताओं का किसान हर जगह पहुंचकर विरोध कर रहे हैं। उससे टकराव के हालात बढ़ते जा रहे है। इसलिए ही खुफिया विभाग ने भाजपा-जजपा नेताओं को केवल जरूरी कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ ही उनकी सुरक्षा को पहले के मुकाबले बढ़ाने की सलाह दी है। इसके अलावा किसान नेताओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वह शांति व्यवस्था भंग नहीं करे और किसी भी तरह का बवाल नहीं हो सके।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा-जजपा नेताओं का केवल विरोध करने की घोषणा की हुई है। किसी तरह से शांति व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाए, इसके लिए भी किसानों से अपील की गई है। क्योंकि बवाल होने पर सरकार उसको मुद्दा बनाकर आंदोलन को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए किसान केवल विरोध जताए और किसी तरह के बवाल से दूर रहे। - गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष, भाकियू हरियाणा

किसी भी तरह से शांति व्यवस्था नहीं बिगड़ सके, उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए ही अर्द्घसैनिक बल के जवान व पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। किसान नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
- जश्नदीप रंधावा, एसपी
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