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किसानों की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होकर बवाल कर सकते हैं असामाजिक तत्व

Tue, 19 Jan 2021 12:38 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 12:38 AM IST
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अंकित चौहान
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सोनीपत। किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने का एलान किया हुआ है तो उसका रूट प्लान भी तय कर दिया गया है। अंदेशा है कि इस किसान ट्रैक्टर परेड में असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों के साथ ही किसान संगठनों ने खुद यह आशंका जताई है। इसलिए ही किसान परेड में असामाजिक तत्वों को शामिल होने से रोकने के साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। किसान संगठनों ने अपनी ओर से असामाजिक तत्वों की पहचान करके उनको परेड में शामिल होने से रोकने के लिए वालंटियर तैनात करने का फैसला लिया है। वहीं पुलिस-प्रशासन भी इसपर पूरी नजर रखेगा, जिससे गणतंत्र दिवस पर कोई अप्रिय घटना नहीं हो सके। वहीं आंदोलन का समर्थन करने वालों को एनआईए का नोटिस भेजने पर किसान नेताओं में गुस्सा है और संयुक्त किसान मोर्चा ने उनके साथ खड़े होने की बात कही है।
कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को सड़क पर बैठे हुए 53 दिन हो चुके है और इस तरह से आंदोलन लंबा होने से किसान नेताओं के लिए चुनौती भी बढ़ती जा रही है। पहले युवा किसानों का धैर्य जवाब देने लगा तो उनको उग्र होने से रोकना बड़ी चुनौती थी। वहीं अब गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए जिस तरह से किसान लगातार दिल्ली की सीमा पर पहुंच रहे हैं और दिल्ली से दूर के राज्यों से परेड में शामिल होने के लिए किसान निकल चुके हैं। इस तरह से माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस की किसान ट्रैक्टर परेड में करीब एक लाख ट्रैक्टर लेकर किसान शामिल हो सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि गणतंत्र दिवस की उस परेड में असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं और उससे माहौल बिगड़ सकता है। ऐसे में कड़ी नजर रखनी होगी, जिससे उपद्रवी परेड में शामिल नहीं हो सके। वहीं ऐसा कोई संदिग्ध नजर आता है तो उसको पकड़ा जाए। अब खुद किसान नेताओं ने यह आशंका जताई है कि परेड में असामाजिक तत्व शामिल हो सकते हैं और ऐसा होने से रोकना बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा अपने वालंटियर लगाएगा और वह ऐसे लोगों पर नजर रखेंगे। उनको भी किसी पर शक होता है तो वह इसकी सूचना संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के देंगे, जिससे उनसे पूछताछ करके पुलिस को सौंपा जा सके।
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एनआईए के नोटिस भेजने पर किसान नेताओं में गुस्सा
किसान आंदोलन का किसी भी तरह से समर्थन करने वालों को एनआईए ने देशद्रोह के मुकदमों में नोटिस भेजने शुरू किए है। इससे किसान नेताओं में गुस्सा है। क्योंकि नोटिस ऐसे लोगों को भेजे गए हैं, जिनके धरनास्थल पर लगातार लंगर चल रहे है तो मेडिकल कैंप व सोने के लिए टेंट लगाए हुए हैं। ऐसे में आंदोलन में किसी न किसी तरह से परेशानी होने का डर भी है। जिसको देखते हुए किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जिनको एनआईए ने नोटिस भेजे हैं, उन सभी के साथ किसान संगठन खड़े हैं। अगर उनको कुछ कहा जाता है तो वह खुद लड़ाई लड़ेंगे। इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
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किसान परेड में असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं। इसलिए उसपर पूरा ध्यान रखा जाएगा और उसके लिए वालंटियर भी तैनात किए जाएंगे। क्योंकि असामाजिक तत्वों से परेड को बचाए रखना है। वहीं एनआईए जिस तरह से लगातार केस दर्ज करके नोटिस भेज रही है, यह सरकार की दमनकारी नीति है। इसके खिलाफ सभी किसान संगठन खड़े हुए है।

- दर्शनपाल, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा
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गणतंत्र दिवस की किसान परेड को शांतिपूर्ण तरीके से कराना है, जिसके लिए सभी संगठनों के नेता पूरा ध्यान रखेंगे तो वालंटियर भी लगाए जाएंगे। हमारा आंदोलन अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से रहा है और आगे भी ऐसे ही रहेगा। इसलिए किसी भी असामाजिक तत्वों को आंदोलन में शामिल नहीं होने देना है। यह हमारी सभी की जिम्मेदारी है। वहीं एनआईए की कार्रवाई भी पूरी तरह से आंदोलन को दबाने की रही है और इसके खिलाफ किसान संगठन आवाज उठाते रहेंगे।
- जगजीत सिंह दल्लेवाल, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा
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