फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Due to lack of safety arrangements on canals, motorists are losing their lives.

Sonipat News: नहरों पर सुरक्षा प्रबंधों के अभाव में जा रही वाहन सवारों की जान

Tue, 12 Sep 2023 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 12 Sep 2023 01:54 AM IST
विज्ञापन
Due to lack of safety arrangements on canals, motorists are losing their lives.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


सोनीपत। पश्चिम यमुना लिंक नहर और करियर लाइन चैनल (सीएलसी) नहर के बीच से निकाली गई सड़कों पर सफर लगातार जानलेवा बन रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी आबादी के पास नहरों के किनारे पर टूटी दीवारों तक को ठीक नहीं करा रहे हैं। इससे गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधी नहर में गिर रही है। ग्रामीण कई बार नहर किनारे रेलिंग व अन्य साधनों की मदद से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग कर चुके हैं।

पश्चिमी यमुना नहर व सीएलसी नहर के बीच से बनी सड़क पर अभी भी कई जगह सुरक्षा के ठोस प्रबंध का अभाव है। जरा सी लापरवाही होते ही कार व अन्य वाहन के नहर में गिरने का डर बना रहता हैं। सिंचाई विभाग व प्रशासन की तरफ से सड़क पर सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजाम अभी भी नाकाफी हैं। जिसके कारण यहां हादसे होते रहते हैं।
विज्ञापन

नहरों के पास बसे गांवों के लोग भी सुरक्षा को लेकर मांग कर चुके हैं। नहर के किनारे कई जगह हालात बदतर है। एक तरफ जहां पुल टूटे हैं, वहीं कई जगह अभी तक ग्रिल या कोई दीवार तक नहीं बनाई गई है। सड़क किनारे ही नहर का पानी बह रहा है, जिससे गाड़ी के नियंत्रण खोते ही सवार वाहन समेत नहर में जा गिरता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पानीपत से लेकर दिल्ली तक सरकार ने सड़क का निर्माण कराया था। दिल्ली के जाम से बचने के लिए वाहन चालक इसी रास्ते को ज्यादा तरजीह देते हैं। जिन लोगों को नरेला, बवाना, गुरुग्राम की तरफ से पानीपत आना-जाना होता है, वह दिल्ली के बीचों-बीच से निकलने से परहेज करते हैं। वह ज्यादातर नहरों वाले रास्ते का प्रयोग कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग व सिंचाई विभाग के साझा प्रयास से नहरों के बीच सड़क का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने की आज भी जरूरत है।



क्षतिग्रस्त सड़क व मोड़ भी बढ़ाते हैं मुसीबत

नहरों के बीच बनी सड़क कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। वहीं कुछ स्थानों पर मोड़ भी है। युवकों की कार जहां दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, वहां पर भी मोड़ था, जिससे कार दीवार से टकराकर नहर में गिर गई थी। मोड़ पर अनियंत्रित होकर वाहन सीधा नहर में गिर जाता है।



पहले भी हो चुके हैं हादसे

-6 जून को ककरोई के पास कार नहर में गिरने से उद्योगपति, अकाउंटेंट व चालक की जान गई थी।

-19 मार्च को टायर फटने से कार नहर में गिर गई थी। हादसे में अतिथि अध्यापिका पूनम की मौत हो गई थी। उनके पति व दो बच्चों को बचा लिया था।

-12 जून, 2022 को गन्नौर के गांव कैलाना के पास अचानक अनियंत्रित हुई कार के पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गिरने से गांव मटिंडू निवासी अशोक (30) उनकी भाभी मंजू (32), भतीजे आयुष (4) और भतीजी आरुषि (8) की मौत हो गई थी।

-7 जून, 2022 की रात को गांव सरढ़ाना-आहुलाना के बीच कार के नहर में गिरने से पानीपत के बुड़शाम के युवक की मौत हो गई और उसके तीन दोस्त घायल हो गए थे। वह शादी का कार्ड देने जा रहे थे।

- 26 अप्रैल, 2022 को गांव झरोठ के पास गुरुग्राम माइनर में कार गिरने से गांव खांडा के निवासी महिला व उसके मामा की मौत हो गई थी।

-21 अगस्त, 2020 को गांव हलालपुर से आगे नाहरा-नाहरी पुल के पास अनियंत्रित हुई कार पश्चिमी यमुना लिंक में गिरने से ट्रांसपोर्टर गांव बिंदरौली निवासी साधुराम (56), उनकी पत्नी सीमा (46), बेटा मोंटी (17) व ध्रुव (15) की जान गई थी।

-14 दिसंबर, 2019 को गांव महलाना के पास को अनियंत्रित होकर कार नहर में गिरने से मूलरूप से मिर्जा खेड़ी व घटना के समय गोहाना की चोपड़ा कॉलोनी में रहने वाले विजयपाल, उनकी पत्नी संध्या, बेटे हर्ष व बेटी निकिता की जान चली गई थी।

-21 जनवरी, 2018 की रात को गांव रोहट के पास कार पश्चिमी यमुना नहर में गिरने से सांपला की पंजाबी कॉलोनी के लक्ष्यदीप धमीजा उर्फ लव (24), उसके साथी हितेश उर्फ हन्नी (22), रोहित (23), सौरभ (22) की जान गई थी।


-दिसंबर, 2012 में दिल्ली स्थित दिलशाद गार्डन निवासी राकेश परिवार सहित कार से गोहाना जा रहे थे। दिल्ली पेयजल ब्रांच पैरलल नहर के बीचों-बीच ककरोई के पास कार अनियंत्रित हो गई और पश्चिमी यमुना नहर में गिर गई थी। इस हादसे में कार सवार पांच लोग नहर में डूब गए थे। नहर में डूबे तनिष्क, नीलम, राजू और मोहम्मद आजाद के शव बरामद किए थे।

-अप्रैल, 2017 में झज्जर के बादली निवासी नरसिंह व उनकी बेटी रेनू कार सहित रोहट के पास कार नहर में गिर गए थे। लोगों ने उन्हें बचा लिया था।

-अक्तूबर, 2016 में खरखौदा निवासी गगन, उनकी पत्नी व बच्चा कार समेत नहर में गिर गए थे। तीनों को बचा लिया था।

-जनवरी 2015 में नहर में डूबने से तारानगर की पूनम की मौत हो गई थी उसका पति अमित बच गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed