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डेंगू का डंक : नाहरा में महिला को हुआ डेंगू
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डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगे हैं। वीरवार को गांव नाहरा की एक महिला डेंगू पॉजिटिव मिली है। महिला को कई दिन से बुखार था। नागरिक अस्पताल में पहुंचकर लैब में रक्त के नमूने की जांच कराई तो रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव मिली। वहीं बढ़ रही डेंगू के मरीजों की संख्या को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने स्वास्थ्य अधिकारियों ने निरीक्षकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निरीक्षकों व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) को ज्यादा संख्या में सैंपलिंग बढ़ाने व डोर-टू-डोर मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। वह शहर के लोगों को डेंगू से बचाव के लिए 10 टीमों का गठन किया। इससे पहले विभाग ने पांच टीमें बना रखी थी।
सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने बताया कि जिले में रक्त के 768 नमूनों की जांच के बाद डेंगू के सात मरीज मिल चुके है। वहीं मलेरिया जांच के लिए रक्त के 1.25 लाख नमूने लिए गए। इन नूमनों को जांच के लिए लैब में भेजा गया। राहत की बात यह है कि अब तक मलेरिया जांच के लिए रक्त की नूमनों की सभी रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2022 में जिले को मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में सभी स्वास्थ्य निरीक्षक व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। साथ ही लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव को लेकर जागरूक करते रहे। हाई रिस्क क्षेत्र में रहने वाले लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग जरूर कराएं। डोर-टू-डोर मॉनिटरिंग के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. दिनेश छिल्लर, डॉ. नीरज यादव, मलेरिया अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक, स्वास्थ्य निरीक्षक बलबीर सिंह, आनंद कुमार व मनीष दहिया समेत अन्य मौजूद रहे।
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सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने बताया कि जिले में रक्त के 768 नमूनों की जांच के बाद डेंगू के सात मरीज मिल चुके है। वहीं मलेरिया जांच के लिए रक्त के 1.25 लाख नमूने लिए गए। इन नूमनों को जांच के लिए लैब में भेजा गया। राहत की बात यह है कि अब तक मलेरिया जांच के लिए रक्त की नूमनों की सभी रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2022 में जिले को मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में सभी स्वास्थ्य निरीक्षक व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। साथ ही लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव को लेकर जागरूक करते रहे। हाई रिस्क क्षेत्र में रहने वाले लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग जरूर कराएं। डोर-टू-डोर मॉनिटरिंग के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. दिनेश छिल्लर, डॉ. नीरज यादव, मलेरिया अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक, स्वास्थ्य निरीक्षक बलबीर सिंह, आनंद कुमार व मनीष दहिया समेत अन्य मौजूद रहे।
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