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Sonipat News: डीक्रूटा का आरोप, कुलपति ने नहीं खरीदी एक भी किताब
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सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल की टीचिंग यूनियन डीक्रूटा ने कुलपति श्रीप्रकाश सिंह नैन पर गंभीर आरोप लगाया है।
बुधवार को विज्ञप्ति जारी करते हुए डीक्रूटा ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार कुलपति ने कार्यकाल के पिछले तीन वित्त वर्षों में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए एक भी नई किताब नहीं खरीदी जबकि इसके लिए 9.02 करोड़ रुपये का बजट था। इसमें से कुलपति ने मात्र 2.2 प्रतिशत बजट ही खर्च किया।
सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पुस्तकालय के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2.46 करोड़, 2024-25 में 3.36 करोड़ व वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में 3.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
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आरोप है कि पुस्तकालय कमेटी के चेयरमैन होने के नाते कुलपति ने पुस्तकालय में पुस्तकों की खरीद के नियमों को अदला-बदली करके पुस्तक खरीद को लटकाने का कार्य किया है।
कुल बजट में से मात्र 2.2 प्रतिशत बजट का इस्तेमाल केवल टर्निटिन सॉफ्टवेयर की खरीद पर 11.80 लाख और ई लाइब्रेरी सब्सक्रिप्शन पर 3.71 व 4.44 लाख केवल दो बार खर्च हुए। डीक्रूटा के प्रधान डाॅ. अजय कुमार व अन्य सदस्याें ने इस मामले की जांच उच्चस्तरीय कमेटी से कराने की मांग राज्यपाल व कुलाधिपति से की है।
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बुधवार को विज्ञप्ति जारी करते हुए डीक्रूटा ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार कुलपति ने कार्यकाल के पिछले तीन वित्त वर्षों में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए एक भी नई किताब नहीं खरीदी जबकि इसके लिए 9.02 करोड़ रुपये का बजट था। इसमें से कुलपति ने मात्र 2.2 प्रतिशत बजट ही खर्च किया।
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सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पुस्तकालय के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2.46 करोड़, 2024-25 में 3.36 करोड़ व वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में 3.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
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आरोप है कि पुस्तकालय कमेटी के चेयरमैन होने के नाते कुलपति ने पुस्तकालय में पुस्तकों की खरीद के नियमों को अदला-बदली करके पुस्तक खरीद को लटकाने का कार्य किया है।
कुल बजट में से मात्र 2.2 प्रतिशत बजट का इस्तेमाल केवल टर्निटिन सॉफ्टवेयर की खरीद पर 11.80 लाख और ई लाइब्रेरी सब्सक्रिप्शन पर 3.71 व 4.44 लाख केवल दो बार खर्च हुए। डीक्रूटा के प्रधान डाॅ. अजय कुमार व अन्य सदस्याें ने इस मामले की जांच उच्चस्तरीय कमेटी से कराने की मांग राज्यपाल व कुलाधिपति से की है।