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कमेटी ने माना उत्तर पुस्तिका जांचने में हुई चूक

Wed, 27 Jul 2016 01:07 AM IST
Sonipat
Sonipat Updated Wed, 27 Jul 2016 01:07 AM IST
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murthal university, commitee realize, b tech machenical, mistake in checking answer sheet, sonipat
उत्‍तर पु‌स्तिका - फोटो : demo
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में बीटेक के तीसरे सेमेस्टर में फेल किए गए 58 छात्रों के मामले में जांच के लिए गठित कमेटी ने चौंकाने वाली रिपोर्ट प्रशासन को दी है। कमेटी ने अपनी जांच में पाया है कि सभी छात्रों को लगातार तीन प्रश्नों में ठीक से अंक नहीं दिए गए। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दोबारा से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू करा दी है। हालांकि जिस प्रोफेसर की वजह से यह गड़बड़ी हुई, उस पर यूनिवर्सिटी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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गौरतलब है कि बीटेक मैकेनिकल तीसरे सेमेस्टर के पेपर ‘स्ट्रेंथ ऑफ मैटीरियल्स’ विषय के परिणाम ने छात्रों को हताश कर दिया था। इस विषय में इस बैच के 70 विद्यार्थियों में से 58 को फेल दिखाया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से भी ज्यादातर विद्यार्थियों के तीन प्रश्नों में अंक 8 से 13 के बीच दर्शाए गए थे। जबकि एक प्रश्न ही 15 अंक था। इस मामले में छात्रों ने एक पत्र शिक्षामंत्री, राज्यपाल तथा कुलपति को लिखा था और चेतावनी दी थी कि अगर इस गड़बड़ी की जांच नहीं कराई गई, तो वे सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे।
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छात्रों का तर्क था कि यदि किसी भी विषय में 15 से कम अंक आते हैं, तो वे रि-इवैल्युवेशन के फार्म भी जमा नहीं करा सकते हैं। ऐसे में उन्हें यह परीक्षा दोबारा देने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने तुरंत प्रभाव से  तीन सदस्यीय कमेटी गठित करके जांच के आदेश दिए थे।
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कमेटी ने माना ठीक से नहीं हुआ पेपर चेक
प्रो. डी. सिंघल के नेतृत्व में गठित कमेटी के सदस्यों प्रो. आरके सोनी और प्रो. सुरेश वर्मा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ठीक तरह से नहीं की गई है। लगातार तीन प्रश्नों में ही अधिकांश बच्चों को फेल करने से गड़बड़ी का संदेह लगता है। इसके बाद विवि प्रशासन ने प्रश्नपत्रों को दोबारा से जांचने के लिए दूसरे शिक्षक को नियुक्त कर दिया है। इधर, इस मामले में सरकार ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
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