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संसद में जानपहचान बताकर रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगे साढ़े चार लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो, गन्नौर।
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:18 AM IST
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गांव हसनपुर निवासी एक व्यक्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जल्द ही घटना से पर्दा उठा दिया जाएगा।
गांव हसनपुर निवासी जगदीश ने गन्नौैर पुलिस को बताया कि वह गन्नौर के एक निजी स्कूल में काम करता है। उसकी जान पहचान गांव बिलंदपुर खेड़ी निवासी दुर्गेश के साथ थी। उसने बताया कि वह स्कूल चलाता है। जगदीश ने आरोप लगाया कि दुर्गेश ने उसे वर्ष 2012 में रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उसने कहा था कि कई ट्रेड में नौकरी निकली हुई है और उसकी संसद भवन में जान पहचान है। उस जान पहचान के बल पर वह उसे रेलवे में नौकरी दिलवा देगा। इसके एवज में आरोपी ने उससे छह लाख रुपये की मांग की थी। जगदीश ने बताया कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर दुर्गेश को वर्ष 2012 में ढाई लाख रुपये दिए थे। उसके बाद भी उसे नौैकरी नहीं मिली। उसने कई बार उसे कहा, लेकिन वह कहता रहा कि जल्द रिजल्ट आने वाले है।
एक ढाबे पर दी दूसरी किश्त
जगदीश ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष बाद आरोपी ने उसे फिर से कहा कि वह दो लाख का इंतजाम कर ले। जल्द ही वह उसे नौकरी लगवा देगा। वह रेलवे से सीधे ही नौकरी के लिए रिक्तियां निकलवा कर उसे नौकरी दिलवाएगा। इसके एवज में उसे दो लाख रुपये और देने हैं। जगदीश का आरोप है कि उसने उसे दो लाख गांव लड़सौली के पास एक ढाबे पर आकर और दे दिए। उसके बाद भी उसे कोई नौकरी नहीं मिल सकी।
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बार-बार कहने के बाद भी वह उसे नौकरी नहीं दिलवा पाया औैर न ही उसके पैसे ही वापस लौटाए। जिस पर उसने मामले से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस नेे जांच के बाद अब दुर्गेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामला दर्ज किया गया था। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस जल्द इसका पटाक्षेप कर देगी।
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गांव हसनपुर निवासी जगदीश ने गन्नौैर पुलिस को बताया कि वह गन्नौर के एक निजी स्कूल में काम करता है। उसकी जान पहचान गांव बिलंदपुर खेड़ी निवासी दुर्गेश के साथ थी। उसने बताया कि वह स्कूल चलाता है। जगदीश ने आरोप लगाया कि दुर्गेश ने उसे वर्ष 2012 में रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उसने कहा था कि कई ट्रेड में नौकरी निकली हुई है और उसकी संसद भवन में जान पहचान है। उस जान पहचान के बल पर वह उसे रेलवे में नौकरी दिलवा देगा। इसके एवज में आरोपी ने उससे छह लाख रुपये की मांग की थी। जगदीश ने बताया कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर दुर्गेश को वर्ष 2012 में ढाई लाख रुपये दिए थे। उसके बाद भी उसे नौैकरी नहीं मिली। उसने कई बार उसे कहा, लेकिन वह कहता रहा कि जल्द रिजल्ट आने वाले है।
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एक ढाबे पर दी दूसरी किश्त
जगदीश ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष बाद आरोपी ने उसे फिर से कहा कि वह दो लाख का इंतजाम कर ले। जल्द ही वह उसे नौकरी लगवा देगा। वह रेलवे से सीधे ही नौकरी के लिए रिक्तियां निकलवा कर उसे नौकरी दिलवाएगा। इसके एवज में उसे दो लाख रुपये और देने हैं। जगदीश का आरोप है कि उसने उसे दो लाख गांव लड़सौली के पास एक ढाबे पर आकर और दे दिए। उसके बाद भी उसे कोई नौकरी नहीं मिल सकी।
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बार-बार कहने के बाद भी वह उसे नौकरी नहीं दिलवा पाया औैर न ही उसके पैसे ही वापस लौटाए। जिस पर उसने मामले से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस नेे जांच के बाद अब दुर्गेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामला दर्ज किया गया था। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस जल्द इसका पटाक्षेप कर देगी।