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सोनीपत नगर निगम में घोटाला: अधिकारियों व सफाई ठेका एजेंसी के संचालक पर केस दर्ज

Thu, 10 Feb 2022 10:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 10 Feb 2022 10:05 PM IST
सार

कागजों में दर्ज दो फीसदी सर्विस चार्ज को गड़बड़झाला कर 15 फीसदी करने का आरोप है। इसी आधार पर बिल पास होते गए। पुलिस ने तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी और सफाई शाखा के अधिकारियों पर भी मुकदमा दर्ज किया है।

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FIR registered in case of scam in Sonipat Municipal Corporation
सोनीपत नगर निगम कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत नगर निगम में एजेंसी के साथ मिलीभगत कर सर्विस चार्ज वसूलने का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। जांच के बाद नगर निगम के तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी, सफाई शाखा के अधिकारियों और पूजा कंसलटेंसी एजेंसी के संचालक पर धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने और सरकारी दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत मुख्यमंत्री को किए जाने के बाद मामले की जांच कराई गई थी। मामला संदिग्ध मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया गया। 

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सीएम को दी शिकायत में बताया गया था कि निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी नगर निगम के पास ही है। ऐसे में निगम ने वर्ष 2019 में पूजा कंसलटेंसी नामक एजेंसी को ठेका दिया था। ठेके में दो फीसदी सर्विस चार्ज की शर्त रखी गई। कंपनी को निगम कमिश्नर ने दो माह के लिए सफाई के मामले में मैनपावर का काम दो फीसदी सर्विस चार्ज पर दिया था, लेकिन कंपनी ने संबंधित अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बिना टेंडर ही अवधि बढ़वा ली।
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इसके बाद से बिना टेंडर अवधि बढ़ाने का खेल लगातार जारी रहा। इतना ही नहीं दो फीसदी सर्विस चार्ज को कागजों में नियमों के खिलाफ 15 फीसदी दर्ज कर लिया गया। अधिकारी भी लगातार आंख बंद कर बिलों को पास कर रहे हैं। हर बार 15 फीसदी सर्विस चार्ज के आधार पर ही बिल पास किए गए। यह करीब पांच माह से जारी है। आरोप है कि वर्ष 2008 से ही मैनपावर का काम इसी कंपनी को दिया जाता है।
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आरोप यह भी है कि कंपनी में लगाए गए कर्मियों को डीसी रेट, ईपीएफ का लाभ नहीं दिया जाता। यहीं नहीं एजेंसी ने कागजों में दोगुने कर्मचारी दिखाकर आधे से भी कम कर्मचारी काम पर रखे। सेक्टरों, गांवों व शहर के टेंडर की अवधि खत्म होने के बाद भी बार-बार अवधि बढ़वा ली गई, जिसमें अधिकारियों के साथ जमकर मिलीभगत की गई। बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद निगम की ओर से कोई कार्रवाई करना तो दूर, बल्कि एजेंसी की अवधि बढ़ाई जाती रही।

आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कूड़े के वजन में भी गड़बड़ी गई और कई बार ज्यादा वजन दिखाया गया। शिकायत में बताया गया है कि रोहतक, पानीपत व सोनीपत में कई मामले सामने आने के बावजूद ठेकेदार को क्लीन चिट दी जाती रही। मामले में तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी, सफाई शाखा सोनीपत व पूजा कंसलटेंसी के संचालक राजकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

दिनभर सफाई शाखा में नहीं दिखे लोग, पुलिस भी पहुंची 

मुकदमा दर्ज किए जाने का पता लगने के बाद नगर निगम कार्यालय में दिनभर इसकी चर्चा चलती रही। गुरुवार को सफाई शाखा के अधिकारी नगर निगम में दिखाई नहीं दिए। नगर निगम में पुलिस भी पहुंची। इस मामले में पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। 

अधिकारियों ने दी क्लीन चिट, भ्रष्टाचारियों का बोलबाला

भ्रष्टाचार को लेकर निगम लगातार बदनाम रहा है। यहां पर अधिकारियों की कार्यशैली पर कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। सर्विस चार्ज घोटाला सामने आया तो मामले को दबाने के लिए गुपचुप तरीके से ब्याज सहित 22 लाख 44 हजार की राशि निगम के खाते में जमा करवा दी। हालांकि मामले में जांच शुरू हुई, लेकिन निगम की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घोटाले के बावजूद एजेंसी के ठेके की अवधि बढ़ाकर फायदा पहुंचाया जाता रहा। कहा जा रहा है कि अब सफाई शाखा के कई अधिकारी व कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
 

सफाई एजेंसी और कुछ अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल यह सामने आया है कि सर्विस चार्ज दो फीसदी से गड़बड़ी कर 15 फीसदी लिख दिया गया था। इस मामले में पूरी गहराई से मामले का पता लगाया जाएगा। - धर्मेंद्र, कमिश्नर, नगर निगम सोनीपत


सोनीपत नगर निगम द्वारा पूजा कंसलटेंसी कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया था। आरोप है कि कंपनी ने जहां कम कर्मचारी लगाए, वहां अधिक की हाजिरी दिखाई है। साथ ही सर्विस चार्ज में गड़बड़ी कर दो फीसदी के बजाय 15 फीसदी दर्ज किया गया। 22 लाख से अधिक का घोटाला सामने आया है। मामले की जांच सोनीपत एडीसी और ज्वाइंट कमिश्नर ने की थी, लेकिन जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी। यहां से एडीजीपी क्राइम व एसपी कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - हंसराज, डीएसपी, सिविल लाइन थाना 


पूजा कंसलटेंसी कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया था, जिसके खिलाफ पहले भी कई बार शिकायत मिली है। वहीं, इसके अलावा जेबीएम कंपनी के साथ भी कई बार बैठक हुई है, लेकिन सिर्फ दिखावे की सफाई की जा रही है। अधिकारी गुमराह करते हैं। कंपनी पर जो कार्रवाई बनती है, वह की जानी चाहिए। कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही उसका मैनपावर का टेंडर भी रद्द करना चाहिए। - निखिल मदान, मेयर, नगर निगम सोनीपत

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