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दलितों के घरों पर पथराव, पानी की टंकियां भी तोड़ीं
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:56 PM IST
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कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक एवं कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त के गांव भैंसवाल कलां में पंचायत चुनाव के तुरंत बाद कुछ लोगों ने दलित घरों पर न केवल पथराव कर दिया, बल्कि घरों के बाहर रखी पानी की टंकियां तक तोड़ दीं। पथराव किसने और क्यों किया यह तो पता नहीं चल सका है, लेकिन पंचायत चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद हुई घटना से पूरे मामले को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं इस संबंध में हारने वाले प्रत्याशी एवं पूर्व सरपंच दर्शन मलिक ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है।
खरखौदा रोड स्थित भैंसवाल कलां गांव में दो पंचायत हैं, एक मिठान पाने की पंचायत, जबकि दूसरी बवाला पाना। मिठान पाने में युवा राजेश मलिक ने पूर्व सरपंच दर्शन मलिक को बड़े अंतर से हराया। वहीं कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के बावले पाने में मंजीता ने अनीता को मात्र सात वोट से हराया। मिठान पाना निवासी भैंसवाल निवासी शांति, जगमती और धीरो ने बताया कि देर रात करीब एक दर्जन युवक गलियों में घूम रहे थे। जिस समय समुदाय के लोग अपने घरों में सो रहे थे तभी गली में शोर सुनाई दिया। बाहर लोग जातिसूचक गालियां दे रहे थे। अगले ही पल बंद दरवाजों पर ईंट और पत्थर बरसने लगे। दलित समुदाय के लोगों को बाहर आने के लिए उकसाया गया, लेकिन डर के मारे किसी ने बाहर निकलकर देखने की हिम्मत नहीं की। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि अगर निकलते तो निश्चित ही किसी की जान चली जाती। क्योंकि दबंग युवक बेहद गुस्से में लग रहे थे। दलितों का कहना है कि वे लोग युवकों को पहचान तो नहीं सके, लेकिन ये गांव के ही कुछ दबंग थे। दलित परिवारों ने कहा है कि अगर उचित कार्रवाई के साथ उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती है तो वे लोग गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे। सोमवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इतना ही नही दलितों की सुरक्षा के लिए एक पीसीआर भी वहां तैनात कर दी गई है।
दहशत में दलित परिवार
गांव भैंसवाल की मिठान पंचायत में दलितों पर हुए हमले से कई परिवार दहशत में हैं। पूरा गांव भले ही उन्हें भरोसा दिला रहा है, लेकिन सहमे परिवार अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। घर से बाहर निकलने में भी उन्हें डर लग रहा है। पूरी घटना से गांव में तनाव का माहौल है। फिलहाल कार्रवाई चाहे जो हो, लेकिन इस घटना ने उस सौहार्द और भाईचारे का मजाक उड़ाया है जो सरकारों द्वारा कायम रखने के ढोल पीटे जाते हैं।
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पंचायत चुनाव के तुरंत बाद क्यों हुआ हमला
चाहे नेता और सरकारें माहौल को सही बताएं, लेकिन आज भी गांवों में दलित और कमजोर समुदाय को वोट डालने के लिए मजबूर किया जाता है। न डालने पर डराया-धमकाया जाता है। भैंसवाल गांव में पंचायत चुनाव के तुरंत बाद हुआ पथराव कहीं पंचायत चुनाव से संबंधित तो नहीं है।
मेरा कोई हाथ नहीं, दलित परिवारों से खुद मिलाकर आया हूं
पूर्व सरपंच दर्शन मलिक ने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है। जिस समय यह घटना हुई, उस समय वह अपने घर पर सो रहे थे। सुबह उन्हें इस मामले की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर दलित परिवार के लोगों से बातचीत की गई। उन पर जो आरोप लगे थे, वे निराधार थे और दलित परिवार के लोगों ने भी इसे स्वीकार कर लिया है।
दोषियों को दिलवाएंगे सजा: सरपंच
नवनिर्वाचित सरपंच राजेश मलिक का कहना है कि दलितों के घरों पर हुए पथराव का चुनाव से कोई लेनादेना नहीं है। कुछ अज्ञात लोगों ने आपसी भाईचारे को बिगाड़ने के लिए कदम उठाया है। पूरा गांव पीड़ित परिवारों का सहयोग करेगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
अज्ञात लोगों पर किया केस दर्ज, जल्द करेंगे खुलासा : थाना प्रभारी
थाना सदर प्रभारी फूलकुंआर का कहना है कि गांव में कुछ लोगों ने दलित परिवारों पर देर रात हमला कर दिया था। पुलिस ने पीड़ित परिवार के लोगों के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। यह पंचायत चुनाव के चलते हुआ है या किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया है। इसकी गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है।
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खरखौदा रोड स्थित भैंसवाल कलां गांव में दो पंचायत हैं, एक मिठान पाने की पंचायत, जबकि दूसरी बवाला पाना। मिठान पाने में युवा राजेश मलिक ने पूर्व सरपंच दर्शन मलिक को बड़े अंतर से हराया। वहीं कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के बावले पाने में मंजीता ने अनीता को मात्र सात वोट से हराया। मिठान पाना निवासी भैंसवाल निवासी शांति, जगमती और धीरो ने बताया कि देर रात करीब एक दर्जन युवक गलियों में घूम रहे थे। जिस समय समुदाय के लोग अपने घरों में सो रहे थे तभी गली में शोर सुनाई दिया। बाहर लोग जातिसूचक गालियां दे रहे थे। अगले ही पल बंद दरवाजों पर ईंट और पत्थर बरसने लगे। दलित समुदाय के लोगों को बाहर आने के लिए उकसाया गया, लेकिन डर के मारे किसी ने बाहर निकलकर देखने की हिम्मत नहीं की। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि अगर निकलते तो निश्चित ही किसी की जान चली जाती। क्योंकि दबंग युवक बेहद गुस्से में लग रहे थे। दलितों का कहना है कि वे लोग युवकों को पहचान तो नहीं सके, लेकिन ये गांव के ही कुछ दबंग थे। दलित परिवारों ने कहा है कि अगर उचित कार्रवाई के साथ उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती है तो वे लोग गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे। सोमवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इतना ही नही दलितों की सुरक्षा के लिए एक पीसीआर भी वहां तैनात कर दी गई है।
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दहशत में दलित परिवार
गांव भैंसवाल की मिठान पंचायत में दलितों पर हुए हमले से कई परिवार दहशत में हैं। पूरा गांव भले ही उन्हें भरोसा दिला रहा है, लेकिन सहमे परिवार अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। घर से बाहर निकलने में भी उन्हें डर लग रहा है। पूरी घटना से गांव में तनाव का माहौल है। फिलहाल कार्रवाई चाहे जो हो, लेकिन इस घटना ने उस सौहार्द और भाईचारे का मजाक उड़ाया है जो सरकारों द्वारा कायम रखने के ढोल पीटे जाते हैं।
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पंचायत चुनाव के तुरंत बाद क्यों हुआ हमला
चाहे नेता और सरकारें माहौल को सही बताएं, लेकिन आज भी गांवों में दलित और कमजोर समुदाय को वोट डालने के लिए मजबूर किया जाता है। न डालने पर डराया-धमकाया जाता है। भैंसवाल गांव में पंचायत चुनाव के तुरंत बाद हुआ पथराव कहीं पंचायत चुनाव से संबंधित तो नहीं है।
मेरा कोई हाथ नहीं, दलित परिवारों से खुद मिलाकर आया हूं
पूर्व सरपंच दर्शन मलिक ने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है। जिस समय यह घटना हुई, उस समय वह अपने घर पर सो रहे थे। सुबह उन्हें इस मामले की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर दलित परिवार के लोगों से बातचीत की गई। उन पर जो आरोप लगे थे, वे निराधार थे और दलित परिवार के लोगों ने भी इसे स्वीकार कर लिया है।
दोषियों को दिलवाएंगे सजा: सरपंच
नवनिर्वाचित सरपंच राजेश मलिक का कहना है कि दलितों के घरों पर हुए पथराव का चुनाव से कोई लेनादेना नहीं है। कुछ अज्ञात लोगों ने आपसी भाईचारे को बिगाड़ने के लिए कदम उठाया है। पूरा गांव पीड़ित परिवारों का सहयोग करेगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
अज्ञात लोगों पर किया केस दर्ज, जल्द करेंगे खुलासा : थाना प्रभारी
थाना सदर प्रभारी फूलकुंआर का कहना है कि गांव में कुछ लोगों ने दलित परिवारों पर देर रात हमला कर दिया था। पुलिस ने पीड़ित परिवार के लोगों के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। यह पंचायत चुनाव के चलते हुआ है या किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया है। इसकी गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है।