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वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई टुंडा की पेशी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 09 Jan 2016 12:19 AM IST
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वर्ष 1996 में शहर में दो बम धमाके करने के आरोपी आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा की जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत में पेशी हुई है। शुक्रवार को हुई यह पेशी वीडियो कांफ्रेेंसिंग के जरिए हुई। पेशी के दौरान कुल 6 गवाहों को पेश होना था, लेकिन चार गवाह गैर हाजिर थे, इसीलिए 2 गवाहों की ही पेशी हो पाई। गवाहों में सामान्य अस्पताल का चिकित्सक एवं एक पुलिस कर्मी शामिल था। टुंडा के अधिवक्ता आशीष वत्स ने बताया कि सुनवाई के उपरांत अदालत ने इस मामले में अब 5 फरवरी की तारीख तय की है।
55 में से अब तक 24 की हुई है गवाही
टुंडा के खिलाफ इस मामले में कुल 55 गवाहों की गवाही होनी है, अब तक 24 गवाहों की ही गवाही हो पाई है। अदालत में शुक्रवार को छह गवाही होनी थी, लेकिन दो गवाह ही अदालत पहुंचे। इसमें सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसके शर्मा जिन्होंने ब्लास्ट के बाद सामान्य अस्पताल में पांच मरीजों की एमएलआर काटी थी और गिरफ्तारी के बाद टुंडा की प्रोडक्शन वारंट की फाइल तैयार करने वाले एएसआई नरेश कुमार शामिल रहे।
ये है मामला
28 दिसंबर 1996 को बस स्टैंड के पास तराना सिनेमा और गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के सामने बम धमाके हुए थे। धमाकों में 10-12 लोग घायल हो गए थे। इंदिरा कालोनी के सज्जन सिंह ने पुलिस को ब्यान दिए थे कि वह अपन साथी अनिल के साथ फिल्म देखने तराना सिनेमा के पास गया था। इसी दौरान अचानक से विस्फोट हुआ और कई लोग घायल हो गए। सज्जन सिंह की शिकायत के आधार पर गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया गया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था। जबकि टुंडा को दिल्ली पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया।
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55 में से अब तक 24 की हुई है गवाही
टुंडा के खिलाफ इस मामले में कुल 55 गवाहों की गवाही होनी है, अब तक 24 गवाहों की ही गवाही हो पाई है। अदालत में शुक्रवार को छह गवाही होनी थी, लेकिन दो गवाह ही अदालत पहुंचे। इसमें सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसके शर्मा जिन्होंने ब्लास्ट के बाद सामान्य अस्पताल में पांच मरीजों की एमएलआर काटी थी और गिरफ्तारी के बाद टुंडा की प्रोडक्शन वारंट की फाइल तैयार करने वाले एएसआई नरेश कुमार शामिल रहे।
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ये है मामला
28 दिसंबर 1996 को बस स्टैंड के पास तराना सिनेमा और गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के सामने बम धमाके हुए थे। धमाकों में 10-12 लोग घायल हो गए थे। इंदिरा कालोनी के सज्जन सिंह ने पुलिस को ब्यान दिए थे कि वह अपन साथी अनिल के साथ फिल्म देखने तराना सिनेमा के पास गया था। इसी दौरान अचानक से विस्फोट हुआ और कई लोग घायल हो गए। सज्जन सिंह की शिकायत के आधार पर गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया गया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था। जबकि टुंडा को दिल्ली पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया।
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