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लाखों की धोखाधड़ी कर मौजमस्ती में उड़ाई रकम
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:50 PM IST
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लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी से पुलिस रिकवरी नहीं कर पाई है। आरोपी को तीन दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने लाखों रुपये मौजमस्ती में उड़ा दिए। धोखाधड़ी के मामले में आरोपी का पिता भी नामजद है, जिसे अदालत ने फरार घोषित कर रखा है।
पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि शहर के मालवीय नगर के रहने वाले राकेश कुमार ने 7 सितंबर, 2015 को थाना सिटी में शिकायत दी थी कि उसकी मयूर विहार निवासी अमित से जान पहचान थी। अमित ने उसे फरवरी, 2015 में कहा था कि वह उसके भाई मनीष को डीआरडीए (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) में नौकरी दिला सकता है। वह उसके झांसे में आ गया और इस एवज में उसे 16 लाख रुपये दे दिए थे। बाद में आरोपी ने कोई नौकरी नहीं दिलाई। इस मामले में उसका पिता दिल्ली कृषि विभाग में तकनीकी सहायक के पद पर नियुक्त करण सिंह, जेबीटी अध्यापिका मां निर्मला और पत्नी रजनेश भी शामिल थे। उन्होंने मिलकर उनकी नकदी हड़प ली और जान से मारने की धमकी देने लगे थे। इतना ही नहीं राकेश ने आरोप लगाया कि चिटफंड (कमेटी) के नाम पर उसे व उसके साथियों को भी अमित ने 40 लाख रुपये का चूना लगाया था। इस मामले में आरोपी अमित को पुलिस ने पांच दिन पहले गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर भेजा था। इस दौरान आरोपी उसने बताया कि उसके हिस्से में 15 लाख रुपये आए थे, लेकिन उसने सारे पैसे उड़ा दिए। पुलिस के अनुसार आरोपी सात माह तक गोवा, मुंबई और अन्य पहाड़ी इलाकों पर घूमता रहा। इसी कारण उसका सारा पैसा खर्च हो गया। अदालत ने आरोपी अमित के पिता कर्ण सिंह को भी फरार अपराधी घोषित कर दिया गया था।
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पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि शहर के मालवीय नगर के रहने वाले राकेश कुमार ने 7 सितंबर, 2015 को थाना सिटी में शिकायत दी थी कि उसकी मयूर विहार निवासी अमित से जान पहचान थी। अमित ने उसे फरवरी, 2015 में कहा था कि वह उसके भाई मनीष को डीआरडीए (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) में नौकरी दिला सकता है। वह उसके झांसे में आ गया और इस एवज में उसे 16 लाख रुपये दे दिए थे। बाद में आरोपी ने कोई नौकरी नहीं दिलाई। इस मामले में उसका पिता दिल्ली कृषि विभाग में तकनीकी सहायक के पद पर नियुक्त करण सिंह, जेबीटी अध्यापिका मां निर्मला और पत्नी रजनेश भी शामिल थे। उन्होंने मिलकर उनकी नकदी हड़प ली और जान से मारने की धमकी देने लगे थे। इतना ही नहीं राकेश ने आरोप लगाया कि चिटफंड (कमेटी) के नाम पर उसे व उसके साथियों को भी अमित ने 40 लाख रुपये का चूना लगाया था। इस मामले में आरोपी अमित को पुलिस ने पांच दिन पहले गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर भेजा था। इस दौरान आरोपी उसने बताया कि उसके हिस्से में 15 लाख रुपये आए थे, लेकिन उसने सारे पैसे उड़ा दिए। पुलिस के अनुसार आरोपी सात माह तक गोवा, मुंबई और अन्य पहाड़ी इलाकों पर घूमता रहा। इसी कारण उसका सारा पैसा खर्च हो गया। अदालत ने आरोपी अमित के पिता कर्ण सिंह को भी फरार अपराधी घोषित कर दिया गया था।
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