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सीबीआई ने नौ प्रॉपर्टी की फ्रीज
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
Updated Sun, 13 Sep 2015 12:21 AM IST
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लगभग एक सप्ताह से राई गांव के पूर्व सरपंच के पुत्रों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच कर रही सीबीआई ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को सीबीआई की टीम ने परिवार के नाम लगभग 9 प्रॉपर्टी को फ्रीज कर दिया। इसमें से 6 फैक्ट्रियां शामिल हैं।
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खास बात यह है कि सेल्स एंड टेक्सेशन दिल्ली में कार्यरत इंस्पेक्टर के भाई के नाम 5 फैक्ट्रियां हैं। यह भाई भी इसी विभाग में काम करता है। जानकारों की मानें तो जल्द ही इस मामले में सीबीआई बड़ी कार्रवाई करेगी।
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शनिवार को सीबीआई टीम ने इंस्पेक्टर के सेवानिवृत्त भाई के नाम पर नरेला के भौरगढ़ स्थित फैक्ट्रियों को फ्रीज किया। जे ब्लॉक में चार, ई ब्लॉक में एक और राई इंडस्ट्रियल एरिया में एक अन्य फैक्टरी को फ्रीज किया गया। इसके अलावा साढ़े तीन एकड़ की जमीन के टुकड़े को भी फ्रीज किया गया है। सीबीआई ने राई के नायब तहसीलदार और नरेला रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र सौंप कर इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई है।
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यह है मामला
बता दें कि सीबीआई इंस्पेक्टर मनमीत सिंह के नेतृत्व में 7 सितंबर से गांव राई की पूर्व सरपंच के पुत्रों के खिलाफ जांच जारी है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत गांव राई निवासी पवन पटवारी ने की थी। उसकी शिकायत के बाद ही सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में फरवरी माह से जांच जारी है। सीबीआई टीम ने उनके परिवार और संबंधित लोगों के एक दर्जन से अधिक बैंक खाते खंगाले और रेवेन्यू विभाग से जमीन संबंधी कागजात एकत्र किए हैं।
ले चुका है रिटायरमेंट, फीस भरी 14 लाख
सीबीआई जांच में सामने आया है कि आरोपी तीनों भाइयों के 6 बच्चों की फीस 14 लाख रुपये दी गई है। ऋषिकुल विद्यापीठ में पढ़ने वाले बच्चों के रिकार्ड में यह फीस है। जबकि इंस्पेक्टर का दूसरा भाई जिसके नाम पर 5 फैक्ट्रियां पाई गई है, वह 2012 में रिटायरमेंट ले चुका है। वह 2007 में विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्त हुआ था। पांच सालों में उसकी तनख्वाह 8 लाख बनती है। इंस्पेक्टर का तीसरा भाई भी सेल्स एंड टेक्सेशन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत है।