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201 के तहत भी चलेगा एसआई पर केस

Sun, 06 Sep 2015 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत Updated Sun, 06 Sep 2015 12:46 AM IST
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तीन दिन पहले मुरथल थाने से रिश्वत के आरोपों के चलते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए सब इंस्पेक्टर पर अब आईपीसी की धारा 201 (सबूत खुर्द-बुर्द करने का आरोप) के तहत केस चलेगा। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सब इंस्पेक्टर पर यह धारा रिमांड के बावजूद रिश्वत की रकम बरामद न करने के कारण लगाई गई है।

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इतना ही नहीं जब आरोपी एसआई को अदालत में पेश किया गया तो वह पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए भी मना कर गया। बता दें कि बुधवार को गिरफ्तार किए गए एसआई सुरेंद्र को गुरुवार को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि शुक्रवार को समाप्त हो गई थी, लेकिन विजिलेंस टीम रिश्वत की रकम बरामद नहीं कर सकी थी। इस पर शुक्रवार शाम को आरोपी एसआई सुरेंद्र को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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पॉलीग्राफी के लिए भी कर दिया था मना
बताया जा रहा है कि रिमांड खत्म होने के बाद जब एसआई सुरेंद्र को अदालत में पेश किया गया था तो विजिलेंस टीम ने आरोपी का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की बात कही थी। विजिलेंस की ओर से दलील दी गई थी कि आरोपी ने जानबूझ कर रिश्वत की रकम को खुर्द-बुर्द कर दिया है। इस पर अदालत ने आरोपी सुरेंद्र से राय जानी तो उसने पॉलीग्राफी टेस्ट से मना कर दिया।
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ये है मामला
2 सितंबर को विजिलेंस प्रभारी राजीव सोनी के नेतृत्व में टीम ने मुरथल थने से एसआई सुरेंद्र को गिरफ्तार किया था। नांदनौर के किसान रामकिशन की शिकायत पर सुरेंद्र को काबू किया गया था। रामकिशन ने बताया था कि जमीनी विवाद में सुरेंद्र ने उससे 10 हजार रुपये की मांग की थी, हालांकि बाद में 6 हजार रुपये में मामला तय हो गया था।

विजिलेंस टीम ने 6 हजार रुपये पर पाउडर लगाकर तथा हस्ताक्षर कर रामकिशन के हाथों भेजे थे। रामकिशन मुरथल थाने में जब रुपये देकर आया तो उसने इशारा कर दिया। विजिलेंस टीम ने तुरंत छापा मारते हुए सुरेंद्र को काबू कर लिया। सुरेंद्र की हाथ और जेब को जब सॉल्यूशन में धोया गया तो वे लाल हो गए। इस मामले में विजिलेंस टीम रिश्वत की रकम बरामद नहीं कर पाई थी।


एसआई सुरेंद्र को अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उसे जेल भेज दिया है। रिश्वत की रकम नहीं मिल पाई, इसीलिए सबूतों को खुर्द-बुर्द करने की धारा भी जोड़ दी गई है। पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए भी कहा गया था लेकिन सुरेंद्र ने अदालत में इंकार कर दिया। मामले की जंाच जारी है। -राजीव सोनी, प्रभारी, विजिलेंस।

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